
पश्चिम एशिया में सुरक्षा हालात तेजी से बिगड़ने के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को भारतीय नागरिकों के लिए हाई-प्रायोरिटी ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने सभी भारतीयों से ईरान की यात्रा पूरी तरह टालने और वहां मौजूद भारतीय नागरिकों को उपलब्ध परिवहन साधनों के जरिए जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब पिछले 24 घंटों में क्षेत्र के कई शहरों में सैन्य गतिविधियां, हवाई हमले और मिसाइल हमले तेज हुए हैं।
Published: undefined
सोमवार को इजरायल और ईरान के बीच एक बार फिर हमले और जवाबी हमले हुए। संघर्ष के 100वें दिन हुई इस सैन्य कार्रवाई ने पहले से नाजुक युद्धविराम को गंभीर खतरे में डाल दिया है और पूरे क्षेत्र में व्यापक युद्ध की आशंका बढ़ा दी है।
इस बीच ईरान समर्थित हूती समूह ने लाल सागर में इजरायली शिपिंग पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। लाल सागर वैश्विक समुद्री व्यापार का एक अहम मार्ग माना जाता है। इस कदम ने क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
Published: undefined
ताजा सैन्य घटनाक्रम में एक ईरानी पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाए जाने की खबर है, जबकि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि उसने इजरायल के दो सैन्य ठिकानों को लक्ष्य बनाया। यह घटनाएं ऐसे समय हुईं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कथित तौर पर इजरायल से ईरान के मिसाइल हमलों के जवाब में सैन्य कार्रवाई से बचने की अपील कर रहे थे।
तनाव की यह नई लहर रविवार को बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर इजरायली हवाई हमलों के बाद शुरू हुई। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल पर हमला किया और फिर सोमवार को दोनों पक्षों के बीच हमले और प्रतिहमले जारी रहे। 28 फरवरी से जारी इस युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयासों पर भी इसका असर पड़ता दिखाई दे रहा है।
Published: undefined
संघर्ष की नई तीव्रता ने अमेरिका और ईरान के बीच व्यापक परमाणु समझौते की दिशा में चल रही कोशिशों को भी झटका दिया है। ट्रंप लगातार इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर सैन्य संयम बरतने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि इस मध्यस्थता प्रक्रिया में अंतिम फैसला वही लेते हैं।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि जवाबी हमलों का सिलसिला जारी रहा तो क्षेत्र लगातार हिंसा के चक्र में फंसा रहेगा। फॉक्स न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि समझौते की संभावना बेहद करीब थी और सोमवार, मंगलवार या बुधवार तक समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते थे। उन्होंने तेहरान से कहा कि मिसाइलें दाग दी गई हैं, अब बातचीत की मेज पर लौटकर समझौता किया जाए।
Published: undefined
रिपोर्टों के अनुसार, शुरुआती ईरानी मिसाइल हमलों के तुरंत बाद ट्रंप ने नेतन्याहू से फोन पर बात की ताकि संघर्ष को व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदलने से रोका जा सके। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरानी हमलों में किसी को नुकसान नहीं हुआ और उम्मीद है कि इजरायल जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा।
वहीं, फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने विश्वास जताया कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच संभावित व्यापक समझौते को नेतन्याहू रोक नहीं पाएंगे। उनके शब्दों में, उनके पास अंततः कोई दूसरा विकल्प नहीं होगा। ताजा सैन्य घटनाक्रम ने हालांकि पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता और तनाव को और गहरा कर दिया है।
Published: undefined
Google न्यूज़, व्हाट्सएप, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined