
पश्चिम एशिया में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट को 'अगली नोटिस तक' बंद करने का ऐलान कर दिया है। इसके कुछ ही घंटों बाद अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर ताजा हवाई हमले किए। दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के अनुसार, एक जहाज ने तय समुद्री मार्ग का पालन नहीं किया और अपने नेविगेशन सिस्टम भी बंद कर दिए थे। चेतावनी के बावजूद जहाज ने रास्ता नहीं बदला, जिसके बाद उसे निशाना बनाया गया। IRGC का दावा है कि कई अन्य जहाजों ने भी बिना मंजूरी वाले मार्गों से गुजरने की कोशिश की। इसके बाद ईरान ने पूरे होर्मुज स्ट्रेट को अगले आदेश तक बंद करने का फैसला लिया।
ईरान ने साफ कहा है कि जब तक क्षेत्र में अमेरिकी दखल खत्म नहीं होता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला जाएगा। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रहती है तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और उसके सहयोगी देशों के सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाया जाएगा।
ईरान के फैसले के तुरंत बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई तेज करते हुए रविवार को ईरान के कई सैन्य ठिकानों, IRGC से जुड़े ठिकानों और दक्षिणी इलाकों में स्थित रणनीतिक ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। इससे पहले भी अमेरिका लगातार दूसरे दिन ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले कर चुका था। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने इस सप्ताह कतर और सऊदी अरब के तीन कारोबारी टैंकरों पर हमले करवाए, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि ईरान के खिलाफ तीसरे दौर की सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अमेरिका के अनुसार, यह कार्रवाई हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज M/V GFS Galaxy पर IRGC के कथित हमले के जवाब में की गई। CENTCOM ने दावा किया कि हमले में जहाज में भीषण आग लग गई, इंजन रूम को गंभीर नुकसान पहुंचा और चालक दल का एक सदस्य लापता हो गया। नुकसान के कारण जहाज अपनी यात्रा जारी रखने की स्थिति में नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं, लेकिन जून में हुआ सीजफायर अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी हितों या सुरक्षा पर हमला हुआ तो अमेरिका बेहद कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने हाल ही में यह दावा भी किया था कि अमेरिका की "1000 मिसाइलें लॉक्ड एंड लोडेड" हैं और जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किया जा सकता है।
इस बीच ओमान, कतर और पाकिस्तान दोनों देशों के बीच तनाव कम कराने की कोशिश में जुटे हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ओमान पहुंचे, जहां होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर ओमानी अधिकारियों के साथ बातचीत हुई। बताया गया कि ओमान ने ऐसा प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत दक्षिणी समुद्री कॉरिडोर से जहाजों को स्वतंत्र रूप से गुजरने दिया जाए, जबकि ईरान के जलक्षेत्र वाले उत्तरी मार्ग से गुजरने के लिए पहले से अनुमति लेनी होगी।
उधर, ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयतुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले सार्वजनिक संदेश में पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत का बदला लेने की कसम खाई है। उन्होंने कहा कि "शहीद नेता के खून का बदला हर हाल में लिया जाएगा।" उनके इस बयान के बाद पहले से जारी ईरान-अमेरिका तनाव और अधिक गहरा गया है।
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