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ईरान की चेतावनी, यमन पर हमला किया तो अमेरिका के लिए बंद कर देंगे बाब अल-मंदेब का रास्ता

ईरान ने चेतावनी दी है कि यमन पर अमेरिकी हमला हुआ तो बाब अल-मंदेब का रास्ता अमेरिका के लिए बंद हो जाएगा। मध्य पूर्व में अमेरिकी दूतावासों ने सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

  • ईरान ने चेतावनी दी है कि यमन पर अमेरिकी हमला हुआ तो बाब अल-मंदेब मार्ग अमेरिका के लिए बंद कर दिया जाएगा।

  • आईआरजीसी अधिकारी इब्राहिम जोल्फागारी ने कहा कि ऐसे हमले से अमेरिकी नागरिकों की जान खतरे में पड़ सकती है।

  • मध्य पूर्व के 10 देशों में अमेरिकी दूतावासों ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं।

  • ईरान ने आईआरजीसी, सेना और सुरक्षाबलों के लिए ‘कोड 100’ अलर्ट जारी किया है।

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के सैन्य अधिकारी और लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोल्फागारी ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर ट्रंप यमन पर हमला करते हैं तो बाब अल-मंदेब का रास्ता अमेरिका के लिए बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले से अमेरिकी नागरिकों की जान खतरे में पड़ सकती है और पश्चिम में गरीबी आ सकती है।

जोल्फागारी ने अमेरिका को दी चेतावनी

जोल्फागारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “अगर ट्रंप यमन पर हमला करते हैं तो अमेरिकियों की जान खतरे में डालने वाले हैं। यमन पर हमला करते ही बाब अल-मंदेब का रास्ता अमेरिका के लिए बंद हो जाएगा। पश्चिम में गरीबी आ जाएगी।” बाब अल-मंदेब लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण समुद्री जलडमरूमध्य है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल, गैस और व्यापारिक सामान इसी मार्ग से होकर गुजरता है।

10 देशों में अमेरिकी दूतावासों ने जारी किया अलर्ट

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच रविवार को पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी दूतावासों ने सुरक्षा अलर्ट जारी किए। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) के मुताबिक, अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए लेबनान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, कतर, इराक, इजरायल, ओमान, सऊदी अरब और तुर्की में मौजूद अमेरिकी दूतावासों ने जरूरी सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं।

इराक में अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने भी मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। इसमें मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से ज्यादा सतर्क रहने को कहा गया है। उन्हें फ्लाइट रद्द होने, एयरस्पेस बंद होने और यात्रा में रुकावट आने जैसी संभावनाओं को ध्यान में रखने की सलाह दी गई है।

ईरान ने जारी किया ‘कोड 100’ अलर्ट

संभावित खतरे को देखते हुए ईरान ने भी अधिकतम अलर्ट जारी कर दिया है। आईआरजीसी, सेना और सुरक्षाबलों के लिए ईरान ने अपने सबसे ऊंचे अलर्ट लेवल ‘कोड 100’ को जारी किया है। इससे क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा को लेकर सतर्कता का स्तर और बढ़ गया है।

अमेरिकी दूतावास की एडवाइजरी में कहा गया है कि ईरान समर्थित हूती समूह ने सऊदी अरब के खिलाफ हमलों में हिस्सा लिया है, जिनमें नागरिक हवाई अड्डों को भी निशाना बनाया गया है। अमेरिकी पक्ष ने चेतावनी दी है कि यह सैन्य संघर्ष बहुत तेजी से बढ़ सकता है। क्षेत्र में आने या यहां से बाहर जाने वाले अमेरिकी नागरिकों से हवाई अड्डों और एयरलाइंस के संचालन से जुड़ी जानकारी पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।

अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई है, जिनमें मध्य पूर्व के बाहर मौजूद ठिकाने भी शामिल हैं। अमेरिकी पक्ष के मुताबिक, ईरान और उसका समर्थन करने वाले समूह विदेशों में अमेरिका से जुड़े दूसरे हितों या दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अमेरिका और अमेरिकी नागरिकों से जुड़ी जगहों को भी निशाना बना सकते हैं। इनमें अमेरिकी कंपनियां और दूसरी संस्थाएं भी शामिल हैं।

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