
इजरायल डिफेंस फोर्सेस के शीर्ष खुफिया अफसर रहे अमित सार की गुरुवार को मौत हो गई। सार बहुत तेजतर्रार अधिकारी माने जाते थे। महज 47 साल की उम्र में उनका ब्रेन कैंसर से निधन हो गया। ब्रिगेडियर जनरल (रिजर्विस्ट) अमित सार, हमास के 7 अक्टूबर, 2023 के हमले के समय सैन्य खुफिया अनुसंधान विभाग के प्रमुख थे। सार ने 2020 के आखिर से विभाग का नेतृत्व किया और तीन साल से ज्यादा समय तक इजरायल के शीर्ष खुफिया इंटेलिजेंस इवैल्यूएटर के तौर पर काम किया।
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द यरूशलम पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सार का हाल ही में अमेरिका में इलाज हो रहा था, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था। पिछले हफ्ते खुफिया विभाग के वरिष्ठ सदस्य उनसे मिलने गए थे। उनकी मौत से 24 घंटे पहले, उनकी स्थिति काफी बिगड़ गई थी।
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हारेत्ज मीडिया हाउस की रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर 2023 की शुरुआत में सार ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को दो बार चेतावनी दी थी कि उनकी सरकार के विवादित ज्यूडिशियल ओवरहॉल प्लान (न्यायिक व्यवस्था में सुधार योजना) को लेकर घरेलू तनाव बढ़ रहा है। ये टेंशन ईरान, हिज्बुल्लाह और हमास को इजरायल के खिलाफ कार्रवाई का मौका दे रहा है। हालांकि, उनका एनालिटिकल फोकस ज्यादातर उत्तरी मोर्चे पर रहा, और उन्हें अंदाजा नहीं था कि हमास का हमला इतना भयावह होगा।
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सार ने अप्रैल 2024 में मैलिग्नेंट ट्यूमर का इलाज कराने के लिए पद छोड़ दिया था। इससे पहले ही उन्होंने संकेत दिया था कि वह इंटेलिजेंस की नाकामियों के कारण इस्तीफा दे सकते हैं। अफसरों को लिखे विदाई संदेश में, उन्होंने लिखा, “हम वह नहीं कर पाए जो हमसे उम्मीद की गई थी या जिसकी हम खुद से उम्मीद करते हैं।” उस समय, आईडीएफ ने सार को एक काबिल अफसर बताया था, जिन्होंने इजरायल की सुरक्षा को बनाए रखने में अहम योगदान दिया। उस समय के चीफ ऑफ स्टाफ हर्जी हलेवी ने उनका आभार भी जताया था।
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