
पाकिस्तान में विपक्षी दलों के अविश्वास प्रस्ताव पर घिरे पीएम इमरान खान आज इस्लामाबाद में मेगा रैली कर रहे हैं। इस रैली को राजनीतिक संकट में घिरे इमरान का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। लेकिन इस बीच रैली के रास्ते में कई जगह विपक्षी गठबंधन के कार्यकर्ता भी उतर आए हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे हिंसा की आशंका जताई जा रही है।
दरअसल देश में विपक्षी दलों के बढ़ते दबाव के बीच सत्तारूढ़ पीटीआई अपनी जनसभा को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। लेकिन विपक्षी गठबंधन पीडीएम के बैनर तले जेयूआई-एफ के कार्यकर्ता और नेता पहले ही श्रीनगर हाईवे पर पहुंच चुके हैं, जबकि पंजाब के विपक्षी नेता हमजा शहबाज जीटी रोड होते हुए अपनी पार्टी के कारवां को राजधानी ले जा रहे हैं, उन्होंने इसे पीटीआई सरकार के ताबूत में आखिरी कील बताया है।
इस बीच इमरान खान के करीबी और देश के आंतरिक मंत्री शेख राशिद ने इस्लामाबाद में एक प्रेस कांफ्रेंस में बोलते हुए जेयूआई-एफ को चेतावनी दी है कि उन्हें इस्लामाबाद में धरना देने की अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि उन्हें केवल शनिवार को ही जनसभा करने की अनुमति दी गई थी और यदि वे रविवार को भी रैली करना चाहते हैं, तो उन्हें एक और अनुरोध देना होगा।
इसके साथ ही शेख रशीद ने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी पार्टी को रेड जोन में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने किसी अन्य पार्टी के मार्ग को अवरुद्ध करके या सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करके धरना देकर कानून अपने हाथ में लेने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय विपक्षी दलों की आगामी रैलियों और अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में उनके साथ सहयोग करेगा और 'उनके सभी सांसदों' को पूरी सुरक्षा प्रदान करेगा।
इस बीच इमरान खान की पार्टी के शक्ति प्रदर्शन में जुट रही हजारों लोगों की भीड़ और दूसरी तरफ रैली के रास्तों पर जहां-तहां विपक्षी गठबंधन पीडीएम के बैनर तले जेयूआई-एफ के कार्यकर्ताओं के धरना प्रदर्शन करने की वजह से जबर्दस्त तनाव का माहौल है। लोगों को सत्तारूढ़ और विपक्षी गठबंधन के बीच राजनीतिक रस्साकशी के कारण हिंसा की आशंका है।
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