दुनिया

मिडिल ईस्ट जंग 'ऑयल वॉर' में बदली, US-इजरायल हमलों के बाद ईरान का पलटवार, कतर-खाड़ी के तेल ठिकाने निशाने पर

मिडिल ईस्ट में जंग अब ऑयल वॉर में बदल गई है। ईरान-इजरायल हमलों से गैस और तेल ठिकाने निशाने पर हैं और वैश्विक तेल कीमतों में भारी उछाल आया है।

फोटो: AI Generated
फोटो: AI Generated 

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद 20वें दिन भी जंग जारी है, लेकिन बीते 24 घंटों में हालात इस हद तक बदल गए हैं कि यह लड़ाई अब सीधे तौर पर ‘ऑयल वॉर’ में तब्दील होती दिख रही है। ऊर्जा ठिकानों पर लगातार हमलों ने न सिर्फ क्षेत्रीय संतुलन बिगाड़ा है, बल्कि वैश्विक तेल सप्लाई और कीमतों पर भी गहरा असर डाला है।

Published: undefined

गैस फील्ड पर हमला, यहीं से बदला जंग का रुख

इस जंग में बड़ा बदलाव तब आया, जब इजरायल ने ईरान के ‘साउथ पार्स’ गैस फील्ड को निशाना बनाया। यह दुनिया का सबसे बड़ा गैस भंडार माना जाता है, जो ईरान और कतर के बीच साझा है। हमले के बाद असालुयेह के पास स्थित सुविधाओं में आग लग गई, जिससे ईरान की ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर पड़ा। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद ऊर्जा ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।

Published: undefined

खाड़ी देशों में हमले, ऊर्जा ढांचे पर बढ़ा खतरा

ईरान ने कतर, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमले किए। कतर की रास लफान LNG सुविधा पर मिसाइल हमले से आग लग गई और भारी नुकसान हुआ। इससे यह स्पष्ट हो गया कि जंग अब सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि दुनिया के अहम एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सीधा खतरा बन गई है।

Published: undefined

तेल सप्लाई बाधित, कीमतों में जबरदस्त उछाल

होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली तेल और LNG सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस रास्ते से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है, लेकिन अब जहाजों की आवाजाही बेहद सीमित हो गई है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर साफ दिखा, ब्रेंट क्रूड की कीमत 6% से ज्यादा बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई, जबकि कुल मिलाकर कीमतों में करीब 50 फीसदी तक उछाल आ चुका है।

Published: undefined

सहयोगी देशों में असंतोष, तनाव और गहराया

खाड़ी देशों ने इस संघर्ष में शामिल न होने के बावजूद हमलों का सामना किया है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने ईरान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि अब भरोसा पूरी तरह टूट चुका है। वहीं, अमेरिका भी इस बात से नाराज है कि उसके सहयोगी देश होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने में सक्रिय भूमिका नहीं निभा रहे हैं।

मिडिल ईस्ट की यह जंग अब सिर्फ सैन्य टकराव नहीं रही, बल्कि वैश्विक ऊर्जा संकट में बदलती जा रही है, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

Published: undefined

Google न्यूज़नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia

Published: undefined