
ईरान ने नए सुप्रीम लीडर के रूप में मोजतबा खामेनेई के नाम की घोषणा कर दी है। ईरानी स्टेट टीवी के मुताबिक यह फैसला 88 सदस्यीय Assembly of Experts ने कई दौर की बैठकों के बाद लिया।
मोजतबा खामेनेई अपने पिता अली खामेनेई की जगह लेंगे, जिनकी 28 फरवरी को तेहरान में हुए हमले में मौत हो गई थी। इस घोषणा के साथ ही क्षेत्रीय तनाव के बीच नए नेतृत्व की शुरुआत हो गई है।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स का आभार जताया। उन्होंने कहा कि तेहरान के विरोधियों को उम्मीद थी कि अली खामेनेई की मौत के बाद देश में राजनीतिक गतिरोध पैदा होगा, लेकिन असेंबली ने नए नेता का चयन कर स्थिरता का संदेश दिया है।
असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने अपने बयान में कहा कि मजबूत समर्थन के साथ मोजतबा खामेनेई को चुना गया है और देश के लोगों से उनके नेतृत्व में एकजुट रहने की अपील की गई है।
56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई अब ईरान की सत्ता के केंद्र में होंगे। सुप्रीम लीडर के तौर पर उनके पास देश की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर-इन-चीफ की भूमिका होगी। साथ ही वे परमाणु कार्यक्रम और समृद्ध यूरेनियम के उपयोग से जुड़े अहम फैसले भी ले सकेंगे।
ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद मोहम्मद रजा पहलवी को सत्ता से हटाया गया था और रुहोल्लाह खुमैनी देश के पहले सुप्रीम लीडर बने थे। उनके निधन के बाद 1989 से अली खामेनेई इस पद पर थे।
मोजतबा खामेनेई एक धर्मगुरु हैं और उन्हें 2022 में अयातुल्ला की उपाधि दी गई थी, जो सुप्रीम लीडर बनने की प्रमुख शर्त मानी जाती है। हालांकि उनके चयन के साथ ही सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी बढ़ गई हैं। इजरायल की सेना ने पहले ही ईरान के अगले सुप्रीम लीडर को निशाना बनाने की धमकी दी है।
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