
बांग्लादेश में मचे राजनीतिक बवाल के बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की ओर से बड़ा बयान आया है। पार्टी ने कहा कि हसीना का भारत में रहने का फैसला उनका और भारत की सरकार का है। पार्टी के एक नेता ने कहा कि बांग्लादेश के लोग इसे अच्छा नहीं मानेंगे। बीएनपी ने कहा कि भविष्य में भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में जनता की भावना अहम होगी।
शेख हसीना के इस्तीफा देने और देश छोड़ने के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ ली है। अंतरिम सरकार का इस बात पर जोर रहेगा कि देश में हिंसक विरोध प्रदर्शनों को खत्म कर शांति कायम की जाए और कानून व्यवस्था को बेहतर किया जाए।
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बीएनपी के वरिष्ठ नेता अमीर खासरू महमूद चौधरी ने कहा कि शेख हसीना बांग्लादेश में 'मोस्ट वांटेड' हैं, जिन पर भ्रष्टाचार और मानवाधिकारों के हनन समेत कई आरोप हैं। उन्होंने कहा कि हसीना को उनके कार्यकाल के दौरान किए गए कथित अपराधों, हत्याओं और जबरन गायब होने से लेकर अरबों डॉलर की हेराफेरी जैसे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार तक के मामलों के लिए न्याय का सामना करना होगा।
अमीर खासरू महमूद चौधरी ने कहा कि शेख हसीना और भारत सरकार का मसला है कि वह पड़ोसी देश में रह सकती हैं या नहीं। फिर भी, बांग्लादेश के लोगों का मानना है कि भारत को उनकी भावनाओं को ध्यान में रखना चाहिए, क्योंकि आखिर में दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंध दो लोगों के बीच संबंधों पर निर्भर करते हैं, न कि किसी देश और किसी व्यक्ति या क्षेत्र के बीच। हसीना की विरोधी पार्टी के नेता ने कहा कि बांग्लादेश में लोग इसे (हसीना के भारत में रहने को) अच्छी नजर से नहीं देखेंगे।
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