दुनिया

वोटिंग वाली रात जनरल बाजवा ने इमरान खान को जड़ा था थप्पड़, इस्तीफे को लेकर दोनों के बीच हुआ था विवाद?

क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान को सत्ता से बेदखल हुए करीब एक हफ्ते बीत गए हैं, लेकिन अब भी पाक मीडिया में और सोशल मीडिया में उनके चर्चे चल रहे हैं। हर कोई अविश्वास प्रस्ताव वाले रात की बात जानना चाहता है।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान को सत्ता से बेदखल हुए करीब एक हफ्ते बीत गए हैं, लेकिन अब भी पाक मीडिया में और सोशल मीडिया में उनके चर्चे चल रहे हैं। हर कोई अविश्वास प्रस्ताव वाले रात की बात जानना चाहता है। चर्चा तो यहां तक है कि पूर्व पीएम इमरान खान को पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल बाजवा ने उस रात थप्पड़ तक जड़ दिया था। दरअसल कहा जा रहा है कि वोटिंग वाली रात वोटिंग वाली रात इमरान खान के घर पर काफी हलचल थी। सेना उन्हें इस्तीफा देने के लिए राजी करने में लगी थी। लेकिन वो मान नहीं रहे थे। इमरान ने अपने कैबिनेट की बैठक में साफ कह दिया था कि वो इस्तीफा नहीं देने जा रहे। चर्चा है कि इसके बाद पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल बाजवा को बर्खास्त कर दिया था और तनाव यहां तक बढ़ गया कि बाजवा ने खान को थप्पड़ जड़ दिया।

थप्पड़ कांड की बात सोशल मीडिया पर आग की तरह फैली हुई है। हर कोई इसकी सच्चाई जानना चाहता है कि आखिर उस रात इमरान के घर पर क्या हुआ? बताया जा रहा है कि उस रात हेलिकॉप्टर से अचानक दो लोग इमरान खान के घर पहुंचे थे जिनके साथ उन्होंने करीब 45 मिनट अकेले में बात की। न्यूज चैनल टाइम्सनाउ नवभारत से बात करते हुए विदेशी मामलों के जानकार ए के सिवाच ने बताया कि थप्पड़ वाली बात अफवाह हो सकती है जिसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन डीजी आईएसआई की नियुक्त को लेकर सेना इमरान खान के खिलाफ हो गई थी इसलिए वह आर्मी चीफ को बदलना चाहते थे।

बता दें कि इमरान खान ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया था। उन्होंने अमेरिका पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि विदेशी साजिश के तहत उनकी सरकार गिराने की कोशिश हो रही है। इमरान चाहते थे कि लोकसभा भंग कर पाकिस्तान में फिर से आम चुनाव कराया जाए। लेकिन विपक्ष इसके लिए तैयार नहीं था। वहीं इमरान वोटिंग में भाग लेने से भाग रहे थे। मामला सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद साफ हुआ। कहा जा रहा है कि पाक सेना भी इमरान के साथ नहीं थी। सेना ने कहा था कि वह पूरे मामले पर तटस्थ है जिसका मतलब साफ था कि वह इमरान खान के साथ नहीं है। ऐसे में उनका सत्ता में बने रहना असंभव था।

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए

Published: 16 Apr 2022, 7:00 PM IST