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ताकत के दम पर लोगों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, UN के लिए रवाना होने से पहले गरजे पेजेश्कियन

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि हम कई बार बातचीत की मेज पर गए और समझौतों पर हस्ताक्षर किए, लेकिन दुर्भाग्य से पूरी दुनिया ने देखा कि किस तरह प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं किया गया और लिखित समझौतों का उल्लंघन किया गया।

ताकत के दम पर लोगों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, UN के लिए रवाना होने से पहले गरजे पेजेश्कियन
ताकत के दम पर लोगों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, UN के लिए रवाना होने से पहले गरजे पेजेश्कियन फोटोः IANS

संयुक्त राष्ट्र के लिए रवाना होने से पहले गरजे पेजेश्कियन

संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरान का पक्ष रखेंगे

ताकत के बेजा इस्तेमाल पर अमेरिका को लताड़ा

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क रवाना होने से पहले कहा कि ताकत का बेजा इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और उसके बूते लोगों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र में ईरानी लोगों की शिकायतों, उनके मुताबिक हुई घटनाओं और पैदा हुए अविश्वास का मुद्दा उठाएंगे।

दुनिया के सामने ईरान की आवाज रखेंगे

ईरानी सरकारी मीडिया तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि पेजेश्कियन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ईरान के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने और दुनिया के सामने क्षेत्र की वास्तविकताओं तथा ईरानी जनता की आवाज रखने का अवसर है। ईरान ने कई बार बातचीत की मेज पर जाकर समझौते किए, लेकिन बाद में इन समझौतों और प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं किया गया।

बल से किसी देश को झुकने के लिए मजबूर नहीं कर सकते

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, “हम कई बार बातचीत की मेज पर गए और समझौतों पर हस्ताक्षर किए, लेकिन दुर्भाग्य से पूरी दुनिया ने देखा कि किस तरह प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं किया गया और लिखित समझौतों का उल्लंघन किया गया।” उन्होंने कहा कि किसी भी देश या उसके लोगों को बल प्रयोग के जरिए झुकने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। पेजेश्कियन बोले, “लोगों को ताकत के जरिए आत्मसमर्पण के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।”

ईरान पर कई माध्यमों से दबाव बनाने की कोशिश

उन्होंने गाजा, फिलिस्तीन, सीरिया, यमन और ईरान सहित क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में जारी घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं से दुनिया के सामने कई वास्तविकताएं सामने आ रही हैं। पेजेश्कियन ने आरोप लगाया कि ईरान के विरोधी उसके खिलाफ अलग-अलग माध्यमों से दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सैन्य माध्यमों से अपने उद्देश्यों को हासिल करने में विफल रहने के बाद अब अन्य रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

जमीन और हवाई मार्गों को बाधित करने की कोशिश

उन्होंने कहा, "ईरान पर दबाव बनाने के लिए विरोधी जमीन और हवाई मार्गों को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा, आंतरिक विभाजन को बढ़ावा देने, मीडिया और जातीय समूहों का इस्तेमाल करने तथा देश की कमजोरियों का अधिकतम फायदा उठाने की कोशिश की जा रही है।" उनके अनुसार, इन प्रयासों का उद्देश्य ईरान को भीतर से कमजोर करना और उसके लोगों को अपनी शर्तों पर झुकने के लिए मजबूर करना है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी स्थिति मजबूती से रखेंगे

ईरानी राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी स्थिति मजबूती से रखेगा और अपने लोगों को हुए नुकसान तथा क्षेत्र में हुई घटनाओं को दुनिया के सामने रखेगा। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी न्यूयॉर्क पहुंच चुके हैं। इस यात्रा को ईरान के लिए मौजूदा क्षेत्रीय संकट के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अपना पक्ष रखने के महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।

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