दुनिया

नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा के बाद हालात बेकाबू, चार जिलों में कर्फ्यू, पीएम बालेन शाह के खिलाफ लोगों में गुस्सा

सड़कों पर उतरे लोग प्रधानमंत्री बालेंद्र उर्फ बालेन शाह और गृह मंत्री सुदान गुरुंग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच प्रधानमंत्री बालेन शाह ने शुक्रवार को मधेश प्रांत के राजनीतिक दलों के नेताओं और वहां के सांसदों से मुलाकात की।

नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा के बाद हालात बेकाबू, चार जिलों में कर्फ्यू, पीएम बालेन शाह के खिलाफ लोगों में गुस्सा
नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा के बाद हालात बेकाबू, चार जिलों में कर्फ्यू, पीएम बालेन शाह के खिलाफ लोगों में गुस्सा फोटोः IANS

नेपाल के सुनसरी जिले में रविवार को हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान पुलिस से झड़प में तीन लोगों की मौत के बाद से हालात लगातार बेकाबू होते जा रहे हैं। लोग सड़कों पर उतरकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। हालात को देखते हुए अधिकारियों ने भारत की सीमा से लगे सप्तरी जिले के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया। इससे पहले सुनसरी, सिराहा और धनुषा में कर्फ्यू लगाया जा चुका है।

लोग प्रधानमंत्री बालेंद्र उर्फ बालेन शाह और गृह मंत्री सुदान गुरुंग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच प्रधानमंत्री बालेन शाह ने शुक्रवार को मधेश प्रांत के राजनीतिक दलों के नेताओं और वहां के सांसदों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री सचिवालय के अनुसार, बालेन शाह ने नेताओं को आमंत्रित कर उन तनावों पर चर्चा की जो पहले सुनसरी जिले में शुरू हुए थे और बाद में मधेश के कई अन्य जिलों तक फैल गए।

आलोचनाओं के बीच बालेन शाह ने राजनीतिक बातचीत शुरू की

बैठक में हालात को सामान्य करने और समुदायों के बीच फिर से भाईचारा कायम करने के उपायों पर भी बातचीत हुई। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने नेताओं से मधेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उनकी राय और सुझाव मांगे। बैठक में शामिल नेताओं ने कहा कि उन्होंने तराई के कई जिलों में पैदा हुई समस्याओं के समाधान के लिए अपने सुझाव दिए।

इससे पहले दिन में बालेंद्र शाह ने मधेश क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसदों के साथ भी अलग बैठक की। इनमें से ज्यादातर सांसद उनकी अपनी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) से थे। बैठक में क्षेत्र में हाल ही में हुई घटनाओं और उनके बाद बने हालात पर चर्चा हुई। मधेश प्रांत में हालात को शांत करने में कथित निष्क्रियता को लेकर हो रही आलोचनाओं के बीच शाह ने क्षेत्र के नेताओं के साथ राजनीतिक बातचीत शुरू की। इस कदम के जरिए उन्होंने यह स्वीकार किया कि इस संकट के समाधान में ये नेता अहम हितधारक हैं।

मधेश प्रांत में 26 जुलाई को हिंसा की शुरुआत हुई

मधेश प्रांत में हिंसा की शुरुआत 26 जुलाई को हुई जब सुनसरी जिले की देवानगंज ग्रामीण नगरपालिका-3 के कप्तानगंज इलाके में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच झड़प हो गई। सावन महीने में चलने वाले बोल बम उत्सव के दौरान हिंदू श्रद्धालु कोशी बैराज से पवित्र जल लेकर कप्तानगंज चौक की ओर जा रहे थे। इस दौरान वे तेज आवाज में डीजे भी बजा रहे थे।

पुलिस के अनुसार, मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने तेज आवाज में बज रहे संगीत पर आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया, पहले धक्का-मुक्की हुई और फिर हालात हिंसक हो गए। इस दौरान ओम प्रकाश मेहता नामक एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई। इसके बाद पुलिस गोलीबारी में दो अन्य लोगों की भी मौत हो गई।

कई हिस्सों में शांति की अपील के साथ रैलियां निकाली गईं

इस घटना के बाद मधेश के अन्य इलाकों खासकर सिराहा जिले में भी विरोध प्रदर्शन और हिंसा की घटनाएं सामने आने लगीं। प्रशासन ने सिराहा और धनुषा जिले के जनकपुरधाम के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया। वहीं, भारत सीमा से लगे पर्सा जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। शुक्रवार को भी इन सभी जिलों में कर्फ्यू जारी रहा।

दूसरी ओर, देश के कई हिस्सों में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील के साथ रैलियां भी निकाली गईं। मधेश प्रांत से जुड़े दलों समेत विपक्षी पार्टियों ने प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह की आलोचना की। उनका आरोप था कि उन्होंने समय रहते देश को संबोधित नहीं किया और हालात को सामान्य बनाने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए। प्रधानमंत्री की जगह राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में न तो प्रधानमंत्री शामिल हुए और न ही गृह मंत्री। इसे लेकर विपक्षी दलों ने कड़ी नाराजगी जताई।

नेपाली सेना को बड़ी संख्या में तैनात किया गया

इस बीच, आरएसपी अध्यक्ष रवि लामिछाने ने हिंदू और मुस्लिम धार्मिक नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में शांति बहाल करने के उपायों पर चर्चा हुई। लामिछाने के साथ हुई बैठक के बाद विभिन्न धार्मिक संगठनों के नेताओं ने संयुक्त अपील जारी की। उन्होंने लोगों से शांत रहने और किसी भी तरह की भड़काऊ या नफरत फैलाने वाली गतिविधियों से दूर रहने की अपील की। साथ ही, कहा कि ऐसे किसी भी काम से बचना चाहिए जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता हो।

द काठमांडू पोस्ट के अनुसार, सुनसरी में झगड़े के बाद शुरू हुआ सांप्रदायिक तनाव तराई के कई जिलों में फैल गया है। चार जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों ने गुरुवार रात से सुनसरी, सप्तरी, सिराहा और धनुषा में कर्फ्यू लगा दिया। वहीं, पूर्वी जिले सुनसरी से हिंसा फैलने पर परसा में रोक लगा दी गई है। अशांति को रोकने के लिए नेपाल पुलिस, आर्म्ड पुलिस फोर्स और नेपाली आर्मी को बड़ी संख्या में तैनात किया गया है। नेपाली सेना को कर्फ्यू लागू करते समय जरूरत पड़ने पर लाइव एम्युनिशन इस्तेमाल करने की भी इजाजत दी गई है।

बालेन शाह ने शांति बनाए रखने की अपील की

मौजूदा हालातों के बीच गुरुवार को प्रधानमंत्री बालेन शाह ने देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की। देश के नाम संबोधन में शाह ने कहा कि सरकार इस स्थिति को बेहद गंभीरता से ले रही है। उन्होंने हिंसा के दौरान पुलिस से हुई झड़पों में मारे गए तीन लोगों, जय प्रकाश मेहता, ओम प्रकाश मेहता और गणेश यादव के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की। प्रधानमंत्री शाह ने जनता को भरोसा दिलाया कि सुनसरी, सिराहा और अन्य प्रभावित जिलों में हुई घटनाओं के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बालेन शाह ने बताया कि गृह मंत्रालय ने घटनाओं की जांच के लिए पहले ही एक जांच समिति बना दी है। साथ ही स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि घायल लोगों का तुरंत और बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए।

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए

  • बड़ी खबर LIVE: दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी की हत्या मामले में ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा

  • ,
  • सिनेजीवन: 2015 में मेडिकल एंट्रेंस पेपर लीक होने से टूट गई थीं मानुषी छिल्लर और जाह्नवी संग रीयूनियन पर भावुक हुए ईशान

  • ,
  • दिल्ली दंगाः अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन समेत 5 दोषियों को उम्रकैद, 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगा

  • ,
  • राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपियों के वकील ने पुलिस की धाराओं पर उठाए सवाल, सही धाराओं में जांच की मांग की

  • ,
  • 'आपके साथ ड्रेसिंग रूम और मैदान शेयर करना हमेशा खुशी की बात रही', रहाणे के संन्यास लेने पर रैना ने लिखा खास पोस्ट