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ट्रंप टीम को बड़ा झटका, होर्मुज तनाव के बीच US नेवी सचिव का इस्तीफा

ईरान तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना सचिव जॉन फेलन ने अचानक इस्तीफा दे दिया है, जबकि पेंटागन में लगातार बदलाव और मिडिल ईस्ट में सैन्य दबाव बढ़ रहा है।

फोटोः GettyImages
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अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने बुधवार को अचानक ऐलान किया कि नौसेना सचिव जॉन फेलन अपने पद से हट रहे हैं। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। खास बात यह है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में किसी सैन्य सेवा प्रमुख के पद छोड़ने का यह पहला मामला है। फेलन के इस्तीफे के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं की गई है, लेकिन यह कदम ऐसे समय पर आया है जब ईरान से जुड़े समुद्री तनाव चरम पर हैं।

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संवेदनशील समय में इस्तीफा

फेलन का पद छोड़ना ऐसे वक्त में हुआ है जब अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर रही है और वैश्विक स्तर पर तेहरान से जुड़े जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है। सीज़फायर की नाजुक स्थिति के बीच यह घटनाक्रम रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

इस बीच, नौसेना के कार्यवाहक प्रमुख के तौर पर अवर सचिव हंग काओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। काओ 25 साल का युद्ध अनुभव रखने वाले अधिकारी हैं और वर्जीनिया से अमेरिकी सीनेट व हाउस चुनाव भी लड़ चुके हैं, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली थी।

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पेंटागन में लगातार फेरबदल

फेलन का जाना पेंटागन के शीर्ष नेतृत्व में चल रहे बड़े फेरबदल की ताजा कड़ी है। हाल ही में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सेना के शीर्ष अधिकारी जनरल रैंडी जॉर्ज को भी बर्खास्त किया था।

फरवरी 2025 से शुरू हुए इस बदलाव के दौर में कई बड़े सैन्य अधिकारियों को हटाया जा चुका है। इनमें नौसेना की शीर्ष अधिकारी एडमिरल लिसा फ्रैंचेटी और वायुसेना के वरिष्ठ नेता जनरल जिम स्लाइफ शामिल हैं। वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने जनरल चार्ल्स ‘CQ’ ब्राउन जूनियर को जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष पद से हटाया था।

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फेलन की भूमिका और बैकग्राउंड

जॉन फेलन ने सेना में प्रत्यक्ष सेवा नहीं दी थी और उन्हें 2024 के आखिर में ट्रंप द्वारा नौसेना सचिव के रूप में नामित किया गया था। उन्हें एक बाहरी चेहरा माना जाता था, जिसे नेवी में बदलाव लाने के उद्देश्य से लाया गया था।

फेलन ट्रंप के बड़े कैंपेन डोनर भी रहे हैं और उन्होंने ‘रगर मैनेजमेंट LLC’ नाम की प्राइवेट निवेश फर्म की स्थापना की थी। सेना से उनका जुड़ाव मुख्य रूप से ‘स्पिरिट ऑफ अमेरिका’ नामक गैर-लाभकारी संस्था में सलाहकार की भूमिका के जरिए रहा, जो यूक्रेन और ताइवान की रक्षा का समर्थन करती है।

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बढ़ते दबाव के बीच छोड़ी जिम्मेदारी

फेलन ऐसे समय में पद छोड़ रहे हैं जब अमेरिकी नौसेना पर भारी दबाव है। तीन एयरक्राफ्ट कैरियर मिडिल ईस्ट में तैनात हैं या वहां पहुंच रहे हैं। ट्रंप प्रशासन पहले ही संकेत दे चुका है कि अगर सीजफायर खत्म होता है तो ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू की जा सकती है।

इसके अलावा, कैरिबियन क्षेत्र में भी नौसेना सक्रिय है, जहां वह ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अभियानों में शामिल रही है। जनवरी में वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़ने में भी नौसेना ने अहम भूमिका निभाई थी।

फेलन ने अपने इस्तीफे से एक दिन पहले ही वॉशिंगटन में आयोजित नौसेना के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित किया था और बजट और जहाज निर्माण योजनाओं पर चर्चा की थी। इसके बावजूद उनका अचानक पद छोड़ना कई सवाल खड़े कर रहा है।

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