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दुनिया की खबरें: अमेरिका-ईरान में बनेगी बात या होगी मिसाइलों की बारिश? और ट्रंप ने ईरान पर लगाए ये आरोप

ईरानी सरकारी टेलीविजन ने इस बात से इनकार किया है कि उनके देश का कोई अधिकारी पहले से ही पाकिस्तान की राजधानी में मौजूद है। अधिकारियों की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब न तो अमेरिका और न ही ईरान ने सार्वजनिक रूप से वार्ता के समय की पुष्टि की है।

सोशल मीडिया
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अमेरिका और ईरान ने संकेत दिया है कि वे इस्लामाबाद में नए दौर की युद्धविराम वार्ता में शामिल होंगे। दो क्षेत्रीय अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब न तो अमेरिका और न ही ईरान ने सार्वजनिक रूप से वार्ता के समय की पुष्टि की है। वहीं, ईरानी सरकारी टेलीविजन ने इस बात से इनकार किया है कि उनके देश का कोई अधिकारी पहले से ही पाकिस्तान की राजधानी में मौजूद है।

अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान के नेतृत्व वाले मध्यस्थों को इस बात की पुष्टि की गई है कि शीर्ष वार्ताकार, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलिबाफ, वार्ता में अपने-अपने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए बुधवार तड़के इस्लामाबाद पहुंचेंगे। अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम समाप्त होने वाला है।

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ईरान ने कई बार किया संघर्ष विराम का उल्लंघन : ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर फिर सोशल पोस्ट के जरिए हमला बोला है। इस बार कोई लंबी चौड़ी बात नहीं लिखी महज एक पंक्ति में धमकी दी है। अस्थायी संघर्ष विराम की मियाद खत्म होने से पहले ट्रंप के इस छोटे पोस्ट में बड़ी बात है।

ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा- ईरान ने कई बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति का ये बयान तब सामने आया है जब अस्थायी संघर्ष विराम की समय सीमा खत्म होने को है और इस्लामाबाद टॉक्स के दूसरे दौर को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। 8 अप्रैल (भारतीय समयानुसार सुबह 5:30 बजे) को संघर्ष विराम का ऐलान किया गया था।

दोनों ओर विश्वास और भरोसे की कमी स्पष्ट दिख रही है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन हों, स्पीकर एमबी गालिबाफ हों या फिर विदेश मंत्री अब्बास अराघची, सभी एक सुर में यूएस की मंशा पर संशय कर रहे हैं।

हालिया बयान में, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका की “उकसाने वाली कार्रवाइयां” और युद्धविराम उल्लंघन दोनों देशों के बीच शांति वार्ता को जारी रखने में बड़ी बाधाएं हैं।

अपने पाकिस्तानी और रूसी समकक्षों के साथ अलग-अलग फोन वार्ताओं के दौरान अराघची ने ईरानी वाणिज्यिक जहाजरानी के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाइयों की निंदा की, जिसमें कंटेनर पोत टुस्का और उसके चालक दल की कथित जब्ती भी शामिल है। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, उन्होंने वॉशिंगटन की “विरोधाभासी नीतियों और धमकी भरी बयानबाजी” का भी हवाला दिया।

8 अप्रैल को 40 दिनों की लड़ाई के बाद लागू हुआ युद्धविराम अभी भी नाजुक दौर में है। पाकिस्तान ने तेहरान और वाशिंगटन के बीच अप्रत्यक्ष वार्ताओं में मध्यस्थता की और 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहले दौर की मेजबानी की थी। लेकिन दूसरे दौर की वार्ता को लेकर संशय बरकरार है।

दूसरी ओर ट्रंप उन शर्तों का उल्लेख करते हैं जिसकी अपेक्षा वो ईरान से करते हैं। इनमें यूरेनियम सौंपने की बात और होर्मुज खोलने की हिदायत शामिल है।

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अमेरिकी चेतावनी के बावजूद हमारा 'सिली सिटी' होर्मुज पार कर, सुरक्षित लौटा: ईरान

ईरान ने दावा किया है कि अमेरिकी नाकेबंदी और चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए उनका तेल टैंकर 'सिली सिटी' स्वदेश लौट आया है। विभिन्न स्थानीय मीडिया एजेंसियों ने इसकी जानकारी दी है।

तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि सोमवार देर रात नेवी के ऑपरेशनल सहयोग से तेल टैंकर सिली सिटी ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में प्रवेश कर गया।

टैंकर ट्रैकर्स डॉट कॉम में भी जहाज को इंडोनेशिया से ईरान के जलक्षेत्र में पहुंचते देखा जा सकता है। इसमें स्पष्ट दिखा कि तेल टैंकर ने, अमेरिकी नाकाबंदी के बावजूद, इंडोनेशिया के रियाउ द्वीपों तक दो मिलियन बैरल तेल की खेप पहुंचाने के बाद सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया।

वहीं सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए (इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी ) ने भी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान आर्मी के हवाले से इसकी जानकारी दी।

सेना ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि अमेरिकी नौसेना बलों की बार-बार चेतावनियों और धमकियों के बावजूद, टैंकर ने सुरक्षित रूप से अरब सागर पार किया और रात भर में ईरानी जलक्षेत्र पहुंच गया।

बयान में आगे कहा गया कि यह जहाज नौसेना की निगरानी में है, सुरक्षित है और अपनी यात्रा पूरी करने के बाद ईरान के दक्षिणी बंदरगाहों में से एक पर सुरक्षित रूप से लंगर डाले खड़ा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 अप्रैल को नौसैनिक नाकाबंदी का ऐलान कर दिया था। सीजफायर के महज चार दिन बाद ऐसा किया गया। इसे लेकर दोनों पक्ष के बीच तनाव काफी बढ़ा है।

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अमेरिका ने ईरान का जहाज जब्त किया, तेहरान ने जवाबी कार्रवाई का लिया संकल्प

अमेरिका ने अरब सागर में ईरान के ध्वज वाले मालवाहक जहाज पर गोलीबारी करने के बाद उसे जब्त कर लिया है। तेहरान ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे 'सशस्त्र समुद्री डकैती' करार दिया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। फिर से तनाव और बढ़ गया है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, अमेरिकी नेवी ने ईरानी झंडे वाले जहाज एम/वी तासिका पर तब गोलीबारी की, जब उसने ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए नौसैनिक नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश की।

सेंटकॉम की ओर से बताया गया कि अमेरिकी सेना ने कार्रवाई करने से पहले, छह घंटे तक चले गतिरोध के दौरान बार-बार चेतावनी दी। कमांड ने कहा कि अमेरिकी सेना ने कई बार चेतावनी दी और ईरानी झंडे वाले जहाज को सूचित किया कि वह अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन कर रहा है।

जब जहाज के चालक दल ने आदेश का पालन नहीं किया, तो एक अमेरिकी गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर ने जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाया, जिससे उसका प्रोपल्शन सिस्टम (आगे बढ़ने का तंत्र) निष्क्रिय हो गया।

यह ऑपरेशन इस महीने की शुरुआत में वाशिंगटन की ओर से ईरानी समुद्री गतिविधियों पर नाकाबंदी लगाए जाने के बाद से, बल प्रयोग का पहला ज्ञात मामला है; इसने होर्मुज जलडमरूमध्य पर केंद्रित टकराव में तनाव को काफी बढ़ा दिया है।

ईरानी अधिकारियों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वाशिंगटन पर आक्रामकता का आरोप लगाया। फॉक्स न्यूज की ओर से जारी एक बयान में, ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय ने चेतावनी दी कि हम चेतावनी देते हैं कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सशस्त्र सेनाएं जल्द ही अमेरिकी सेना की ओर से की गई इस सशस्त्र समुद्री डकैती का जवाब देंगी और जवाबी कार्रवाई करेंगी।

ईरानी सैन्य अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने चालक दल के सदस्यों और उनके परिवारों को खतरे से बचाने के लिए, जहाज पर चढ़ने का कोई विरोध नहीं किया। कमांड ने कहा कि उन्होंने अपनी जान बचाने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयम बरता।

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि जहाज ने रेडियो पर दी गई बार-बार की चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया था। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, डिस्ट्रॉयर यूएसएस स्प्रुअंस ने अंततः चालक दल को इंजन रूम खाली करने का आदेश दिया, जिसके बाद उसने जहाज के प्रोपल्शन सिस्टम पर कई राउंड गोलियां चलाईं।

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50 दिन बाद ईरान में फिर शुरू होंगी घरेलू उड़ानें

ईरान में 50 दिन बाद घरेलू उड़ान सेवाएं फिर शुरू होंगी। 28 फरवरी को यूएस-इजरायल के संयुक्त एयर स्ट्राइक के बाद से ही पाबंदियां लागू थीं। संघर्ष के कारण बंद उड़ानें बुधवार (22 अप्रैल) से बहाल की जाएंगी।

तस्नीम न्यूज एजेंसी ने ईरान एयर के हवाले से इसकी जानकारी दी है। इसमें बताया गया है कि उड़ान की शुरुआत तेहरान से मशहद रूट पर होगी। आवागमन दोनों होगा।

घरेलू उड़ानों की शुरुआत तेहरान से मशहद रूट पर होगी। इसी दिन इस रूट पर आने-जाने दोनों दिशा में उड़ानें संचालित की जाएंगी।

एजेंसी के अनुसार पहली फ्लाइट 3502 सुबह 10:00 बजे तेहरान से मशहद के लिए रवाना होगी, और वापसी की फ्लाइट 3503 उसी दिन दोपहर 12:30 बजे मशहद से तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे के लिए रवाना होगी।

करीब 50 दिनों से बंद उड़ान सेवाओं के बाद यह फैसला देश में हालात के धीरे-धीरे सामान्य होने का संकेत माना जा रहा है।

बीते शनिवार (18 अप्रैल) ही ईरान ने देश के कुछ हिस्सों से अंतर्राष्ट्रीय फ्लाइट्स को जाने की इजाजत देने का ऐलान किया था। नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने कहा कि ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से उन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए फिर से खोल दिया है, जो उसके क्षेत्र के पूर्वी हिस्से से होकर गुजरती हैं। ईरान में, इजरायल और अमेरिका के 28 फरवरी को किए गए हमलों के बाद शुरू हुए युद्ध के चलते एयरस्पेस बंद कर दिया गया था।

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