
अमेरिकी राष्ट्रपति जो. बाइडन ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह मादक पदार्थों से जुड़े हिंसा रहित अपराधों के लिए दोषी ठहराए गए लगभग 2,500 लोगों की सजा कम कर रहे हैं। 20 जनवरी को अमेरिका में सत्ता परिवर्तन होगा और अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों का इस्तेमाल बाइडन ने कैदियों की सजा में छूट और माफी देने के लिए भी किया है। बड़े पैमाने पर इस तरह के क्षमादान और सजा की अवधि कम कर बाइडन ने एक रिकॉर्ड बनाया है।
बाइडन ने एक बयान में कहा, ‘‘यह कार्रवाई ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने, सजा की असमानताओं को ठीक करने और योग्य व्यक्तियों को सलाखों के पीछे बहुत अधिक समय बिताने के बाद अपने परिवारों और समुदायों में लौटने का अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।’’ व्हाइट हाउस ने सजा में छूट प्राप्त करने वालों के नाम तुरंत जारी नहीं किए।
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चीन की सरकार ने शुक्रवार को कहा कि पिछले साल लगातार तीसरे साल उसकी जनसंख्या में गिरावट आई है। इससे दुनिया के दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले देश के लिए आगे जनसांख्यिकीय चुनौतियां बढ़ रही हैं, जो अब उम्रदराज लोगों की आबादी बढ़ने और कामकाजी उम्र के लोगों की लगातार कमी का सामना कर रहा है। चीन की जनसंख्या 2024 के अंत में करीब एक अरब 40 करोड़ है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 14 लाख कम है।
बीजिंग में सरकार द्वारा घोषित आंकड़े दुनिया भर के जनसंख्या रुझानों के अनुरूप हैं, खास तौर से पूर्वी एशिया में, जहां जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग और अन्य देशों में जन्म दर में गिरावट देखी गई है। तीन साल पहले चीन जनसंख्या में लगातार गिरावट आने के मामले में जापान और पूर्वी यूरोप के अधिकांश देशों की सूची में शामिल हो गया था।
कई मामलों में इस प्रवृत्ति के कारण समान हैं: जीवन-यापन की बढ़ती लागत के कारण युवा लोग उच्च शिक्षा और कॅरियर को तरजीह देते हुए विवाह और बच्चे पैदा करने को टाल रहे हैं या इससे इनकार कर रहे हैं। लोगों का जीवन भी लंबे समय तक चल रहा है, जो देश में नवजातों की जन्म दर के संगत नहीं है। चीन जैसे देश जो बहुत कम अप्रवासन की अनुमति देते हैं, वे विशेष रूप से जोखिम में हैं। चीन लंबे समय से दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देशों में से एक रहा है, जिसने दक्षिण में चावल और उत्तर में गेहूं पर पलने वाली आबादी को बनाए रखने के लिए आक्रमणों, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं को झेला है।
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सूडानी सशस्त्र बलों (एसएएफ) के कमांडर अब्देल फत्ताह अल-बुरहान ने बाहरी दबावों के बावजूद अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के खिलाफ लड़ाई जारी रखने और दुश्मन को हराने की बात कही। सूडान की संक्रमणकालीन संप्रभु परिषद के अध्यक्ष ने गुरुवार को मध्य सूडान के गेजिरा राज्य की राजधानी वाड मदनी में नागरिकों और सैनिकों की भीड़ को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। 11 जनवरी को, एसएएफ ने वाड मदनी पर फिर से कब्जा कर लिया। सिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक आरएसएफ का एक साल से अधिक समय तक इस शहर पर नियंत्रण रहा था। बुरहान ने दावा किया कि सशस्त्र सेनाएं विद्रोही मिलिशिया को हरा देंगी और उनका देश बाहरी दबावों के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने मुख्य रूप से अमेरिका की ओर से लगाए गए नए प्रतिबंधों का हवाला दिया।
इससे पहले वाशिंगटन ने अल-बुरहान पर उनकी सेना की तरफ से नागरिकों के खिलाफ 'घातक हमलों' के लिए प्रतिबंध लगा दिए थे। इससे कुछ दिन पहले ही आरएसएफ के कमांडर मोहम्मद हमदान दागालो पर भी प्रतिबंध लगाए गए थे। दागालो के ग्रुप पर अमेरिका ने सूडान के दारफुर क्षेत्र में 'नरसंहार' करने का आरोप लगाया था। एसएएफ ने सोमवार को, अर्धसैनिक बल आरएसएफ पर सूडान के उत्तरी राज्य में मेरोवे बांध को निशाना बनाकर ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया, जिसके कारण व्यापक बिजली आपूर्ति बाधित हुई।
एसएएफ की 19वीं इन्फैंट्री डिवीजन ने एक बयान में कहा, "सैन्य स्थलों और देश की विकास परियोजनाओं को निशाना बनाने के अपने व्यवस्थित अभियान के हिस्से के रूप में आरएसएफ मिलिशिया ने कई ड्रोनों के साथ मेरोवे डैम जलविद्युत संयंत्र को निशाना बनाया।" बयान में कहा गया, "जमीन पर मौजूद विमान रोधी हथियारों ने हमले को नाकाम कर दिया।" हालांकि उन्होंने कहा कि इससे 'कुछ नुकसान" हुआ, लेकिन इस बारे में और जानकारी नहीं दी गई। नील नदी पर बना मेरोवे बांध, सूडान की राजधानी खार्तूम से लगभग 350 किमी उत्तर में स्थित है, और यह अफ्रीका की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं में से एक है। अंतरराष्ट्रीय संगठनों के नवीनतम अनुमानों के अनुसार, सूडान अप्रैल 2023 के मध्य से एसएएफ और आरएसएफ के बीच विनाशकारी संघर्ष की चपेट में है, जिसमें कम से कम 29,683 लोगों की जान गई और लगभग 15 मिलियन लोग विस्थापित हुए।
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इजरायल-हमास युद्ध विराम समझौते की बुधवार को घोषणा के बाद भी गाजा में इजरायली हमले जारी हैं। फिलिस्तीनी सिविल डिफेंस के मुताबिक हमलों में 23 बच्चों समेत 86 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई है। सिविल डिफेंस ने एक प्रेस बयान में कहा कि कुल मौतों में से 73 उत्तर गाजा, चार मध्य गाजा और नौ दक्षिण गाजा में मौत दर्ज की गईं। बयान के अनुसार मृतकों में 23 बच्चे और 27 महिलाएं शामिल हैं, जबकि 258 से अधिक अन्य लोग घायल हुए हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली सेना ने कहा कि पिछले कुछ घंटों में उसकी वायु सेना ने गाजा में लगभग 50 साइट्स को निशाना बनाया। प्रेस बयान में कहा गया कि हमलों का टारगेट - हमास और इस्लामिक जिहाद के सदस्य, सैन्य भवन, हथियार स्टोरेज सुविधाएं, रॉकेट लॉन्चिंग साइट, हथियार प्रोडक्शन साइट और निगरानी चौकियां थीं।
इजरायली सेना ने हमास पर "अपनी गतिविधियों के लिए नागरिक संस्थाओं और आबादी का क्रूरतापूर्वक शोषण करके अंतरराष्ट्रीय कानून का व्यवस्थित रूप से उल्लंघन करने' का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि वह ऐसे संगठनों के खिलाफ निर्णायक रूप से कार्रवाई करना जारी रखेगा। इससे पहले इजरायल की सेना ने कहा था कि उसने हमास के साथ युद्ध विराम समझौते पर सहमत होने के एक दिन बाद गुरुवार को गाजा पट्टी में लगभग 50 जगहों पर हमला किया। एक बयान में सेना ने कहा कि हमलों ने एक आतंकवादी को निशाना बनाया, जिसने अक्टूबर 2023 में इजरायली समुदायों पर हमास के नेतृत्व वाले हमले में भाग लिया था।
सेना ने कहा कि आतंकवादी ने 'नोवा म्यूजिक फेस्टिवल में नरसंहार में भाग लिया था।' इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को पुष्टि की कि कतर में इजरायल और हमास टीमों के बीच गाजा में बंधकों की रिहाई और युद्ध विराम लागू करने के लिए एक समझौता हो गया है। इजरायली मीडिया ने यह जानकारी दी है। टाइम्स ऑफ इजरायल ने बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि इजरायली प्रधानमंत्री ने डील पर मतदान करने के लिए शुक्रवार को सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुलाई है, जिसके बाद आधिकारिक मंजूरी के लिए पूर्ण कैबिनेट सत्र होगा। नेतन्याहू को इजरायली वार्ता टीम ने जानकारी दी कि समझौता सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। उन्होंने टीम की कोशिशों के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। इस समझौते को 15 महीने से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके तहत जहां इजरायल बंदी बनाए गए फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा तो वहीं हमास बंधक बनाए गए कई लोगों को मुक्त करेगा। बुधवार को मध्यस्थता करने वाले देश कतर, अमेरिका और मिस्र समझौता होने का ऐलान किया था।
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प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने शुक्रवार को कहा कि फिलिस्तीनी ग्रुप हमास गाजा संघर्ष विराम समझौते के तहत रविवार को बंधकों को रिहा करेगा। इजरायली मीडिया के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि समझौते पर हस्ताक्षर करने और सरकार की तरफ से इसे मंजूरी मिलने में देरी के बावजूद, योजना के अनुसार रविवार को ही बंधकों की गाजा से रिहाई होगी। पीएमओ के एक बयान के अनुसार, एक बार जब युद्धविराम समझौते को सुरक्षा कैबिनेट और पूर्ण कैबिनेट दोनों की ओर से मंजूरी मिल जाएगी तो यह प्रभावी हो जाएगा और 'बंधकों की रिहाई योजनाबद्ध तरीके से संभव सकेगी' जिसके तहत रविवार को तीन महिला बंधकों को रिहा किया जाएगा।
इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इजराली सरकार की बैठक शुक्रवार को ही सकती है। इससे पहले पीएम नेतन्याहू ने सुरक्षा मंत्रिमंडल की बैठक भी बुलाई है। इजराल-हमास समझौता 15 महीने के युद्ध के बाद हुआ, जिसने गाजा पट्टी के अधिकांश हिस्से को खत्म कर दिया। 46,000 से अधिक फिलिस्तीनियों की जान गई और लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ा। तीन-चरणीय समझौते के छह सप्ताह के पहले चरण के तहत, हमास 33 इजरायली बंधकों को रिहा करेगा, जिसमें सभी महिलाएं (सैनिक और नागरिक), बच्चे और 50 वर्ष से अधिक आयु के पुरुष शामिल हैं। इजरायल पहले चरण के अंत तक इजरायली जेलों में बंद फिलिस्तीनियों को रिहा करेगा। रिहा किए गए फिलिस्तीनियों की कुल संख्या मुक्त किए गए बंधकों पर निर्भर करेगी।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुरुषों, महिलाओं, बच्चों सहित 990 से 1,650 फिलिस्तीनी रिहा हो सकते हैं। हमास ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि गाजा युद्धविराम समझौते की शर्तों के संबंध में उत्पन्न बाधाओं को दूर कर लिया गया है। हालांकि गाजा में इजरायली लड़ाकू विमानों ने तेज हमले जारी रखे हैं। नागरिक आपातकालीन सेवा ने शुक्रवार को कहा कि बुधवार को समझौते की घोषणा के बाद से 58 महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 101 लोग मारे गए हैं। इजरायल ने आखिरी समय में देरी के लिए हमास को दोषी ठहराया, जबकि हमास ने गुरुवार को कहा कि वह इस समझौते के लिए प्रतिबद्ध है, जो रविवार को प्रभावी होने वाला है। इजराइल का कहना है कि गाजा में अभी भी 98 बंधक हैं।
माना जाता है कि उनमें से लगभग आधे जीवित हैं। इनमें इजराइली और गैर-इजरायली दोनों शामिल हैं। कुल बंधकों में से 94 को 7 अक्टूबर, 2023 को इजराइल पर हमास के नेतृत्व वाले हमले में पकड़ा गया था और चार को 2014 से गाजा में रखा गया है। हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को दक्षिणी इजरायल पर हमला किया था जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए और 251 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया था। इसके बाद इजरायल ने फिलिस्तीनी ग्रुप के कब्जे वाले गाजा पट्टी पर सैन्य हमले शुरू कर दिए। हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली हमलों में 46,000 से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत हो गई।
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