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दुनियाः ईरान के नए सुरक्षा प्रमुख होंगे मोहम्मद बाघेर जोलघदर और फिलीपींस में राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल लागू

ईरान ने मंगलवार को तेल अवीव पर मिसाइल हमला किया जिससे कई लोग घायल हो गए और कई इमारतों तथा वाहनों को नुकसान पहुंचा। रूस की ओर से यूक्रेन पर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 27 लोग घायल हो गए।

ईरान के नए सुरक्षा प्रमुख होंगे मोहम्मद बाघेर जोलघदर और फिलीपींस में राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल लागू
ईरान के नए सुरक्षा प्रमुख होंगे मोहम्मद बाघेर जोलघदर और फिलीपींस में राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल लागू फोटोः IANS

ईरान के नए सुरक्षा प्रमुख होंगे मोहम्मद बाघेर जोलघदर

ईरान ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का नया प्रमुख नियुक्त कर लिया है। नए सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी का स्थान लेंगे, जिनकी 17 मार्च को एयर स्ट्राइक में मौत हो गई थी। ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी मेहर ने राष्ट्रपति कार्यालय के हवाले से बताया कि मोहम्मद बाघेर जोलघदर को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का नया सचिव नियुक्त किया गया है। ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के संचार और सूचना के डिप्टी मोहम्मद महदी तबातबाई ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। बताया गया कि इस्लामिक क्रांति के नेता अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई की मंजूरी और सहमति और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के आदेश से मोहम्मद बाघेर जोलघदर को ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का सचिव नियुक्त किया गया है।

जोलघदर लारीजानी की जगह लेंगे। 17 मार्च को ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिव अली लारीजानी, उनके बेटे मोर्तेजा लारीजानी, सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में आंतरिक सुरक्षा के उप-प्रमुख अलीरेजा बायात और कई अंगरक्षकों की मौत हो गई थी। लारीजानी ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एसएनएससी) के सचिव थे और देश की रक्षा, परमाणु और विदेश नीति के प्रमुख वास्तुकार माने जाते थे। इजरायली दावे के कुछ घंटों बाद ईरानी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर लारीजानी के मारे जाने की पुष्टि की थी।

इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने लारीजानी की हत्या को कायरतापूर्ण कार्रवाई करार दिया था। इसमें लिखा गया कि लारीजानी की मौत हत्या नहीं शहादत है जो उन्होंने ईरान के लिए दी। वे तेहरान के एक रिहायशी इलाके में संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायली शासन द्वारा किए गए एक हमले के दौरान "शहीद हुए।" मंत्रालय ने लारीजानी को एक समर्पित दार्शनिक, गहन विचारक, देशभक्त राजनेता, और इस्लामी क्रांति के शहीद नेता (खामेनेई) के एक विश्वसनीय और वफादार साथी के साथ ही राष्ट्र का एक सच्चा सेवक करार दिया।

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ईरान का तेल अवीव पर हमला, कई घायल, भारी नुकसान

इजरायली अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को ईरान की ओर से दागी गई एक मिसाइल तेल अवीव में आकर ग‍िरी। धमाके में कई लोग घायल हो गए और इमारतों तथा वाहनों को नुकसान पहुंचा। शहर भर में तेज धमाकों की आवाज सुनी गई, जबकि प्रत्यक्षदर्शियों ने देश की आर्थिक राजधानी के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों से उठते बड़े धुएं के गुबार देखने की बात कही। सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के आर्मी रेडियो ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह संभवतः क्लस्टर प्रकार की मिसाइल थी, जिसमें कई बमलेट्स (छोटे बम) थे। प्रत्येक का वजन लगभग 100 किलोग्राम था और इनके टुकड़े कई स्थानों पर गिरे।

होम फ्रंट कमांड के तेल अवीव जि‍ला कमांडर मिकी डेविड ने घटनास्थल पर पत्रकारों को बताया क‍ि उत्तरी तेल अवीव में एक प्रभाव स्थल पर मिसाइल इमारतों के बीच गिरी, जिससे एक शक्तिशाली धमाका हुआ और तीन इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा। उन्होंने बताया कि इमारतों के शेल्टर सुरक्षित रहे और अंदर मौजूद लोग सुरक्षित हैं। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में दिखा कि इस हमले से जमीन में एक गड्ढा बन गया। एक बयान में इजरायली सेना ने कहा कि मध्य इजरायल के कई स्थानों पर खोज और बचाव दल काम कर रहे हैं, जहां हमले की खबर मिली है। 'मैगन डेविड एडोम' एम्बुलेंस सेवा ने बताया कि हमले में छह लोग हल्के रूप से घायल हुए हैं।

ईरान की ओर से लगातार मिसाइल हमलों के बीच रात भर और मंगलवार सुबह तक पूरे इजरायल में सात बार हवाई हमले के सायरन बजाए गए। यह हमला ऐसे समय हुआ जब क्षेत्रीय संघर्ष 25वें दिन में प्रवेश कर चुका है और तनाव अभी भी उच्च स्तर पर बना हुआ है, भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बातचीत का दावा कर रहे हैं, जिसे ईरान 'फेक न्यूज' बता रहा है। इस बीच सोमवार को द न्यूयॉर्क टाइम्स ने वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट किया कि पेंटागन ईरान में सैन्य अभियानों के समर्थन के लिए हवाई सैनिकों की संभावित तैनाती पर विचार कर रहा है। ये सैनिक अमेरिकी सेना की 82वीं एयरबोर्न डिवीजन की 'इमीडिएट रिस्पॉन्स फोर्स' से होंगे, जो लगभग 3,000 सैनिकों की एक ब्रिगेड है और 18 घंटे के भीतर दुनिया में कहीं भी तैनात हो सकती है। हालांकि, अभी तक पेंटागन या यूएस सेंट्रल कमांड की ओर से कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन बलों का उपयोग ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्जा करने के लिए किया जा सकता है। रिपोर्ट में, नाम न बताने की शर्त पर अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि एक और विकल्प जिस पर विचार किया जा रहा है। यदि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अनुमति देते हैं, तो लगभग 2,500 सैनिकों के साथ 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट द्वारा भी हमला किया जा सकता है, जो वर्तमान में मध्य पूर्व की ओर बढ़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, इमीडिएट रिस्पॉन्स फोर्स हाल के वर्षों में कई बार कम समय में तैनात की जा चुकी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोमवार को कहा कि 28 फरवरी से संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर शुरू किए गए संयुक्त सैन्य हमलों के बाद से अमेरिकी सेना ने ईरान में 9,000 से अधिक हमले किए हैं, जिनमें 140 से अधिक ईरानी नौसैनिक जहाजों को नुकसान पहुंचाया गया या डुबो दिया गया है।

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रूस ने यूक्रेन पर 400 ड्रोन दागे, चार की मौत, कई घायल

रूस की ओर से यूक्रेन के नागरिक इलाकों पर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 27 लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मॉस्को की सेना ने यूक्रेनी अग्रिम पंक्ति की रक्षा पंक्ति को भेदने के प्रयासों को तेज कर दिया है, जो वसंत ऋतु में होने वाले संभावित जमीनी आक्रमण की शुरुआत हो सकती है।

यूक्रेन की वायुसेना के अनुसार, रूस ने रात भर में लगभग 400 लंबी दूरी के ड्रोन दागे, जो हाल के हफ्तों में सबसे बड़ा हमला है। यह हमला मंगलवार सुबह तक जारी रहा, जब दिन के उजाले में भी कई ड्रोन ने राजधानी कीव को निशाना बनाया। यूक्रेन की वायुसेना ने बताया कि इसके अलावा, रूस ने रात में 23 क्रूज मिसाइल और सात बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागीं, जिनसे देशभर में कम से कम 10 स्थान प्रभावित हुए।

चार साल से भी अधिक समय पहले रूस द्वारा अपने पड़ोसी देश पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू करने के बाद से यूक्रेनी नागरिक लगातार बमबारी का सामना कर रहे हैं। पिछले एक साल में अमेरिका की मध्यस्थता में मॉस्को और कीव के बीच हुई वार्ताओं से कोई राहत नहीं मिली है। रूस ने यूक्रेन के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, वहीं हाल के हफ्तों में ईरान से जुड़े संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के ध्यान को यूक्रेन से हटा दिया है।

पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन में फैली लगभग 1,250 किलोमीटर लंबी अग्रिम पंक्ति पर तैनात यूक्रेनी सैनिक बेहतर मौसम के साथ रूस के नए हमले के लिए तैयार हैं। यूक्रेन के सशस्त्र बलों के प्रमुख जनरल ओलेक्सांद्र सिरस्की ने कहा कि हाल के दिनों में रूसी सैनिकों ने कई रणनीतिक क्षेत्रों में एक साथ रक्षा पंक्तियों को तोड़ने की कोशिश की है।

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फिलीपींस में राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल, राष्ट्रपति बोले- हालात गंभीर

मिडिल ईस्ट तनाव का असर पूरी दुनिया में पड़ रहा है। एशिया के कई देशों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है, तो कुछ अभी मौजूदा हालात पर नजर बनाए हुए हैं। ईंधन की भारी किल्लत फिलीपींस में भी महसूस की जाने लगी है। वर्तमान हालात को देखते हुए फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस ने देश में नेशनल एनर्जी इमरजेंसी, यानी राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल, घोषित कर दिया है। राष्ट्रपति ने एक कार्यकारी आदेश जारी करते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष को इसकी वजह बताया। उन्होंने कहा, “मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात को देखते हुए ऊर्जा आपूर्ति की उपलब्धता और स्थिरता पर खतरे को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित किया जाता है।”

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के चलते वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है और कई देशों में ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ रही है। इसके कुछ घंटे पहले देश के ऊर्जा सचिव ने कहा था कि फिलीपींस ने अपने कोयले से चलने वाले पावर प्लांट का प्रोडक्शन बढ़ाने की योजना बनाई है ताकि बिजली की लागत कम रखी जा सके, क्योंकि लड़ाई की वजह से गैस शिपमेंट नहीं हो पा रहा है। यह ऑर्डर देश के ऊर्जा विभाग को फ्यूल कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए 15 फीसदी का अग्रिम भुगतान करने और जमाखोरी या मुनाफाखोरी के खिलाफ सीधी कार्रवाई करने का अधिकार देता है।

ऑर्डर में कहा गया है, “यह घोषणा… सरकार को, एनर्जी डिपार्टमेंट और दूसरी संबंधित एजेंसियों के जरिए, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और घरेलू अर्थव्यवस्था में रुकावटों से होने वाले खतरों से निपटने के लिए मौजूदा कानूनों के तहत जवाबदेह और मिलकर कदम उठाने में मदद करेगी।” आदेश परिवहन विभाग को पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन फ्यूल सब्सिडी पर फैसला लेने, टोल चार्ज और एविएशन फीस को कम करने या सस्पेंड करने का अधिकार भी देता है। फिलीपींस के कुछ इलाकों में जहां एनर्जी की लागत सबसे ज्यादा है, अपने पावर प्लांट को चालू रखने के लिए आयातित ईंंधन पर बहुत ज्यादा निर्भर है।

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दक्षिण कोरिया: पांच-दिन का व्हीकल रोटेशन सिस्टम लागू

मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण गैस और तेल के संकट के बीच दक्षिण कोरिया ने व्हीकल रोटेशन सिस्टम (वाहन रोटेशन प्रणाली) को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है। जलवायु मंत्रालय ने बताया कि भविष्य में तेल आपूर्ति की दिक्कत न हो इसलिए ये तरीका निकाला गया है। योनहाप न्यूज एजेंसी ने 'मिनिस्ट्री ऑफ क्लाइमेट, एनर्जी एंड एनवायरनमेंट' के हवाले से बताया कि बुधवार से सरकार पब्लिक सेक्टर के लाइसेंस प्लेट-बेस्ड राशनिंग सिस्टम की निगरानी बढ़ाएगी। इसके तहत कारों को उनके लाइसेंस प्लेट नंबर के आखिरी डिजिट के आधार पर पांच ग्रुप में बांटा जाता है और हर ग्रुप को एक तय वीकडे पर गाड़ी चलाने की मनाही होती है। यह सिस्टम तो है लेकिन ढीला-ढाला चल रहा है। इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन गाड़ियों को ऐसी पाबंदियों से छूट दी गई है। मंत्रालय सार्वजनिक क्षेत्र द्वारा सिस्टम को लागू करने पर एक विस्तृत दिशा निर्देश जारी करेगी और नियमों का पालन न करने वाली पब्लिक संस्थाओं पर जुर्माना भी लगाएगी।

मंत्रालय के मुताबिक, करीब 1.5 मिलियन गाड़ियों पर ये सख्त नियम लागू होंगे, और इस कदम से देश को हर दिन करीब 3,000 बैरल कच्चा तेल बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है। दक्षिण कोरिया में कच्चे तेल की रोजाना की खपत करीब 2.8 मिलियन बैरल है, जिसमें से करीब आधी मात्रा परिवहन में इस्तेमाल होती है। क्रूड ऑयल सप्लाई को लेकर बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच सरकार प्राइवेट सेक्टर को अपनी मर्जी से इस प्रोग्राम में हिस्सा लेने की सलाह देगी और अगर तेल आपूर्ति के लिए लेवल 3 नेशनल रिसोर्स क्राइसिस अलर्ट जारी होता है, तो प्राइवेट सेक्टर के लिए भी इस सिस्टम को जरूरी बनाने पर विचार करेगी।

मंत्रालय ने कहा कि उसने ऐसा सिस्टम अपनाने का फैसला इसलिए किया क्योंकि सरकार ने पिछले हफ्ते दक्षिण कोरिया के चार-टियर नेशनल रिसोर्स सिक्योरिटी क्राइसिस वॉर्निंग सिस्टम (राष्ट्रीय संसाधन सुरक्षा संकट चेतावनी प्रणाली) में क्रूड ऑयल सप्लाई में संभावित रुकावट को लेकर अलर्ट का पायदान बढ़ाकर लेवल 2 कर दिया था। यह तेल खपत के मामले में शीर्ष 50 कंपनियों से एनर्जी बचाने के प्लान बनाने और ऊर्जा खपत में कमी के लक्ष्य को पूरा करने वालों को इंसेंटिव देने के लिए भी कहेगी। इसके अलावा, सरकार कोयले से बिजली बनाने पर लगी रोक में ढील देगी और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) की खपत कम करने की कोशिशों के तहत पांच न्यूक्लियर रिएक्टरों को जल्दी से चालू करने पर जोर देगी। साउथ कोरिया ने पिछली बार 1991 में खाड़ी युद्ध से शुरू हुए तेल आपूर्ति संकट से निपटने के लिए निजी क्षेत्र के लिए एक जरूरी व्हीकल रोटेशन सिस्टम लागू किया था।

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