पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पिछले 24 घंटों में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई और लाहौर के कई आवासीय इलाके बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। लगभग 40 वर्षों में पहली बार लाहौर शहर में बाढ़ आई है।
पाकिस्तान का सबसे अधिक आबादी वाला प्रांत पंजाब लगभग एक सप्ताह से भीषण बाढ़ से जूझ रहा है और सिखों के पवित्र स्थल करतारपुर सहित प्रांत भर में कम से कम 1,700 गांव जलमग्न हैं।
लाहौर के उपायुक्त सैयद मूसा रज़ा ने पत्रकारों से कहा कि बाढ़ का पानी 38 साल बाद इस शहर में घुसा है। सरकार ने कहा कि अभूतपूर्व मानसूनी बारिश और भारत की ओर से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से तीन पूर्वी नदियां - सतलुज, रावी और चिनाब उफान पर हैं।
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श्रीलंका में भ्रष्टाचार के आरोपों में पूर्व सांसदों की गिरफ्तारी का सिलसिला जारी है और शुक्रवार को दो और नेताओं को स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। ये गिरफ्तारियां पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किये जाने के कुछ दिन बाद हुई हैं।
पूर्व मंत्री राजिता सेनारत्ने और पूर्व सांसद एवं बौद्ध भिक्षु अथुरालिये रत्ना दोनों फरार थे और अपने-अपने मामलों की सुनवाई के दिन उन्होंने अदालत में शुक्रवार को आत्मसमर्पण किया।
पुलिस ने बताया कि मजिस्ट्रेट अदालत ने सेनारत्ने को नौ सितंबर तक हिरासत में भेज दिया जबकि उपनगरीय नुगेगोडा अदालत ने रत्ना को 12 सितंबर तक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
वरिष्ठ नेता सेनारत्ने पर 2013 में मत्स्य पालन मंत्री रहते हुए रेत खनन के लिए एक कोरियाई कंपनी को कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन कर ठेका देने का आरोप है जिससे राजस्व को नुकसान हुआ।
वहीं रत्ना को भिक्षु वेदिनिगामा विमलथिस्सा के आरोप के आधार पर गिरफ्तार किया गयौ। वेदिनिगामा के मुताबिक रत्ना ने उनका अपहरण किया था, ताकि उन्हें दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया जा सके।
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अफ्रीकी देश गाम्बिया से प्रवासियों को ले जा रही एक नौका के इस हफ्ते समुद्र में पलट जाने से उसमें सवार कम से कम 49 लोगों की मौत हो गई। मॉरिटानिया के तट रक्षक बल ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
तट रक्षक बल के प्रमुख मोहम्मद अब्दुल्ला ने बताया कि नौका गाम्बिया से चली थी और मंगलवार सुबह महेजरात तट के पास पलट गई।
अब्दुल्ला ने कहा, “नाव एक हफ्ते पहले गाम्बिया से रवाना हुई थी। इसमें सेनेगल और गाम्बिया के नागरिकों सहित 160 प्रवासी सवार थे।”
उन्होंने बताया, “जब प्रवासियों ने महेजरात तट के पास लाइटें जलती देखीं, तो उन्होंने नौका के एक हिस्से की ओर जाने की कोशिश की, जिससे वह पलट गई।”
अब्दुल्ला के मुताबिक, नाव में सवार 49 प्रवासियों के शव बहकर तट पर आ गए, जबकि 17 लोगों को बचा लिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य लोगों की तलाश जारी है।
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इजराइल ने शुक्रवार को गाजा के सबसे बड़े शहर गाजा सिटी को खतरनाक युद्धक्षेत्र घोषित कर दिया और कहा कि वह योजनाबद्ध आक्रमण के ‘‘प्रारंभिक चरण" में है। इस कदम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की जा रही है।
यह शहर उन जगहों में से एक है जहां इजराइल ने पिछले महीने सुबह 10 बजे से रात आठ बजे तक भोजन और सहायता सामग्री पहुंचाने के लिए लड़ाई रोक दी थी।
इजराइली सेना ने कहा कि उसने दो बंधकों के शव बरामद किए हैं। इसके साथ ही इसने अपने सैन्य अभियान में और तेजी लाने का संकल्प लिया।
सैन्य प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने कहा, ‘‘हम तब तक अपने हमले तेज करते रहेंगे जब तक कि हम सभी अपहृत बंधकों को वापस नहीं ले आते और हमास को खत्म नहीं कर देते।’’
इजराइल ने शुक्रवार को कहा कि उसकी सेना ने दो बंधकों के शव बरामद कर लिए हैं, जिनमें एक इजराइली व्यक्ति भी शामिल है, जो 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमले में मारा गया था।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि किबुत्ज बेरी के इलान वेइस और एक अन्य अज्ञात बंधक के शव इजराइल लाए गए हैं।
गाजा सिटी, दीर अल-बलाह और मुवासी में ‘‘रणनीतिक रोक’’ लागू रही। इन तीन जगहों पर लाखों विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब इजराइल अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रहा है और गाजा सिटी पर कब्जा करने के लिए हजारों सैनिकों को तैनात कर रहा है।
इजराइल की सेना ने यह नहीं बताया कि उसने दिन में युद्ध शुरू करने की योजना के बारे में निवासियों या सहायता समूहों को सूचित किया है या नहीं।
इजराइल ने पहले भी कहा है कि गाजा सिटी हमास का गढ़ है जहां बारूदी सुरंगों का जाल बिछा है। यह शहर इस क्षेत्र के कुछ महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी केंद्र है।
संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि अगर इजराइल अपनी योजना के अनुसार हमला करता है, तो इस क्षेत्र में अस्पतालों के बिस्तरों की आधी क्षमता खत्म हो सकती है।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की संघीय सरकार की सुरक्षा वापस ले ली है। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। बता दें कि पूर्व उपराष्ट्रपतियों को आमतौर पर पद छोड़ने के बाद छह महीने के लिए संघीय सरकार की सुरक्षा मिलती है, जबकि पूर्व राष्ट्रपतियों को आजीवन सुरक्षा मिलती है।
ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बृहस्पतिवार को गृह सुरक्षा विभाग को एक कार्यकारी ज्ञापन जारी किया गया, जिसमें हैरिस की सुरक्षा वापस ले ली गई। बाइडन प्रशासन द्वारा सुरक्षा को छह महीने से बढ़ाकर 18 महीने कर दिया गया था, इसलिए इस सुरक्षा की अवधि जुलाई 2026 में समाप्त होती, लेकिन अब इसे सोमवार को समाप्त कर दिया जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडन ने गुपचुप तरीके से एक निर्देश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत हैरिस के लिए छह महीने से अधिक समय तक सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।
हैरिस की सुरक्षा हटाने का कदम ऐसे समय उठाया गया है जब पूर्व उपराष्ट्रपति अपने संस्मरण ‘‘107 डेज’’ के लिए एक यात्रा शुरू करने वाली हैं। यह पुस्तक अगले महीने रिलीज होने वाली है।
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