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दुनिया की खबरें: ईरान ने फिर उड़ाया अमेरिकी ड्रोन और बांग्लादेश में 7 नेताओं को सजा-ए-मौत!

ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम ने बुधवार सुबह 2:29 बजे केशम द्वीप के ऊपर अमेरिकी सेना के एमक्‍यू-9 ड्रोन को इंटरसेप्ट करके नष्ट कर दिया। आईआरआईबी ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट में यह जानकारी साझा की।

फोटो: IANS
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ईरान ने अमेरिकी सेना के एक और एमक्‍यू-9 ड्रोन को मार ग‍िराने का दावा क‍िया। बुधवार सुबह केशम द्वीप के ऊपर ईरान की वायु रक्षा प्रणाली ने ड्रोन को इंटरसेप्ट करके नष्ट कर द‍िया।

इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) की जानकारी के अनुसार, ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम ने बुधवार सुबह 2:29 बजे केशम द्वीप के ऊपर अमेरिकी सेना के एमक्‍यू-9 ड्रोन को इंटरसेप्ट करके नष्ट कर दिया। आईआरआईबी ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट में यह जानकारी साझा की।

इससे पहले मंगलवार को भी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने होर्मुज स्‍ट्रेट के हवाई क्षेत्र में एक एमक्‍यू-1 ड्रोन को मार गिराने की बता कही थी।

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की र‍िपोर्ट के अनुसार, आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने कहा कि अमेरिकी ड्रोन को होर्मुज स्‍ट्रेट के पश्चिमी हिस्से के आसमान में देखा गया और फिर स्‍ट्रेट की एयरोस्पेस फोर्स की नई उन्नत वायु रक्षा प्रणाली ने उसे नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई ईरान के एकीकृत वायु रक्षा नेटवर्क की निगरानी और नियंत्रण में की गई।

आईआरजीसी के अनुसार, पिछले सप्ताह भी होर्मुज क्षेत्र के ऊपर ईरानी सेना की वायु रक्षा प्रणाली ने एक अमेरिकी एमक्‍यू-1 ड्रोन को मार गिराया था।

आईआरएनए के अनुसार, आईआरजीसी ने दावा क‍िया क‍ि ईरान के वायु रक्षा बल दुश्‍म ने हर हमले का मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। जब से अमेरिका और इजरायल ने ईरान के ख‍िलाफ युद्ध शुरू क‍िया है, तब से अब तक ईरानी वायु रक्षा बलों ने दर्जनों लड़ाकू और जासूसी ड्रोन समेत कई अन्य दुश्मन विमानों को मार गिराया है।

वहीं, दूसरी ओर अमेर‍िकी अध‍िकार‍ी इन दावों को बेबुन‍ियाद बता रहे हैं। ज‍िस पर ईरान के व‍िदेश मंत्री अब्‍बास अराघची ने उन अमेर‍िकी अध‍िकार‍ियों को भी जवा द‍िया। उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई और अमेरिकी सैनिकों के वास्तविक नुकसान की जानकारी सही समय आने पर सामने लाई जाएगी।

बांग्लादेश ट्रिब्यूनल ने 7 नेताओं को सुनाई सजा-ए-मौत: अवामी लीग बोला, 'फैसला एकतरफा और मनगढ़ंत'

अवामी लीग ने बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (आईसीटी) के उस फैसले को एकतरफा, पक्षपातपूर्ण और मनगढ़ंत बताया है जिसमें उसने पार्टी के सात नेताओं और कार्यकर्ताओं को मौत की सजा सुनाई है।

स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आईसीटी ने मंगलवार को अवामी लीग के महासचिव ओबैदुल कादर और पार्टी व उससे जुड़े संगठनों के छह अन्य वरिष्ठ नेताओं को जुलाई 2024 विद्रोह से जुड़े "मानवता के खिलाफ अपराधों" का दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई।

अवामी लीग ने आरोप लगाया कि यह "तथाकथित फैसला" राजनीतिक विरोधियों को खत्म करने के लिए "न्यायपालिका के हथियार के तौर पर इस्तेमाल" का ताजा उदाहरण है।

इस बात पर जोर देते हुए कि जिन लोगों के खिलाफ फैसला सुनाया गया, उनमें से कोई भी ट्रिब्यूनल के सामने मौजूद नहीं था, पार्टी ने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक कानून का एक बुनियादी नियम यह है कि आरोपी की गैर-मौजूदगी में होने वाली सुनवाई में भी कम से कम कानूनी सुरक्षा (जिसमें आरोपी को अपनी पसंद का वकील चुनने का अधिकार भी शामिल है) की गारंटी दी जानी चाहिए। हालांकि, मौजूदा ट्रिब्यूनल में इन गारंटियों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है।"

पार्टी के अनुसार, पूरी न्यायिक प्रक्रिया जल्दबाजी में पूरी की गई, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून और अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक कानून के बुनियादी और सर्वमान्य सिद्धांतों की "पूरी तरह से अनदेखी" की गई। इससे कानून के शासन के बजाय "बिना सजा के अपराध करने की छूट और राजनीतिक बदले की भावना" को बढ़ावा मिला है।

पार्टी ने कहा कि न केवल फैसला, बल्कि 5 अगस्त 2024 के बाद से आईसीटी की सभी गतिविधियां अंतर्राष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हैं।

मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पिछली अंतरिम सरकार की आलोचना करते हुए पार्टी ने कहा कि "अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक" अंतरिम शासन ने कानून और संवैधानिक प्रक्रिया का पूरी तरह उल्लंघन करते हुए अध्यादेश के जरिए 1973 के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल एक्ट में संशोधन किया। इससे पूरी कानूनी प्रक्रिया अवामी लीग के नेताओं के खिलाफ बदले की भावना से की जाने वाली "न्यायिक हत्या योजना" में बदल गई।

पार्टी ने आगे कहा, "राजनीतिक बदला लेने के लिए, मोहम्मद यूनुस की गैर-कानूनी सरकार ने अभियोजन और न्यायिक पैनल बनाए, जिनमें जमात-ए-इस्लामी और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ता शामिल थे। इन पैनलों ने पूरी तरह से झूठ पर आधारित बांग्लादेश अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कई बेबुनियाद और गैर-कानूनी मामले दर्ज किए।"

गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पार्टी ने कहा कि मौत की सजा से बड़े पैमाने पर हत्याओं का दो साल पुराना सिलसिला और भड़केगा, जिसमें पहले ही सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। साथ ही, इससे मनमाने ढंग से लोगों को हिरासत में लेने की घटनाएं भी बढ़ेंगी, जिसके कारण पहले ही हजारों लोग जेल में हैं। पार्टी ने बांग्लादेशी अधिकारियों पर जुलाई-अगस्त 2024 के प्रदर्शनों से जुड़ी हिंसा और मौत के मामले में "दिखावटी मुकदमे" की आड़ में हिरासत में "लगातार हत्याओं" और अन्य बेरहम कदम उठाने का आरोप लगाया।

ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका के 38 अरब डॉलर खर्च, महंगाई बढ़ी: सीबीओ रिपोर्ट

अमेरिकी कांग्रेसनल बजट ऑफिस (सीबीओ) के अनुसार, जुलाई तक ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान पर पेंटागन का लगभग 38 अरब डॉलर खर्च हो चुका था। संस्था का अनुमान है कि आगे भी इस युद्ध पर हर महीने 2 से 3 अरब डॉलर अतिरिक्त खर्च हो सकते हैं।

सीबीओ ने चेतावनी दी कि इस संघर्ष की वजह से अमेरिका के महत्वपूर्ण मिसाइल-रक्षा भंडार में कमी आई है, ऊर्जा की कीमतें बढ़ी हैं और पूरे अमेरिकी अर्थव्यवस्था में महंगाई पर भी असर पड़ा है।

सीबीओ ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी से जुड़े सैन्य, लॉजिस्टिक और आर्थिक खर्चों का अध्ययन किया। यह अभियान 28 फरवरी को शुरू हुआ था।

इसका शुरुआती चरण 8 अप्रैल को युद्धविराम (सीजफायर) लागू होने तक चला। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 10 जुलाई को यह कहते हुए युद्धविराम खत्म घोषित कर दिया था कि होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर हमले हुए हैं।

38 अरब डॉलर के अनुमानित खर्च में से 21.7 अरब डॉलर मिसाइलों और अन्य हथियारों को दोबारा खरीदने या बदलने पर खर्च होंगे। इसके अलावा 10.4 अरब डॉलर अतिरिक्त उड़ान घंटों पर, 2.7 अरब डॉलर सैन्य ईंधन की बढ़ी हुई लागत पर, 1.9 अरब डॉलर युद्ध में नष्ट हुए उपकरणों पर और 1.5 अरब डॉलर अन्य सैन्य अभियानों के खर्च पर शामिल हैं।

सबसे बड़ा खर्च इस्तेमाल हो चुके हथियारों को दोबारा भरने पर आया। इसमें 13.1 अरब डॉलर मिसाइल-रक्षा इंटरसेप्टरों पर और 7.3 अरब डॉलर जमीन पर हमला करने वाली क्रूज मिसाइलों पर खर्च का अनुमान लगाया गया है।

इस अनुमान में ईरानी हमलों से क्षतिग्रस्त अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मरम्मत या पुनर्निर्माण की लागत शामिल नहीं है। इसके अलावा कूटनीतिक गतिविधियों, विदेशी सहायता और घायल सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के लंबे समय तक चलने वाले इलाज तथा विकलांगता मुआवजे का खर्च भी इसमें नहीं जोड़ा गया है।

अराघची ने वांग के साथ की वार्ता, कहा- अमेरिका के साथ संघर्ष जारी रखने में ईरान की रुचि नहीं

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को कहा कि अमेरिका के साथ संघर्ष जारी रखने में तेहरान रुचि नहीं रखता और कूटनीतिक समाधान की ओर लौटने को लेकर आशान्वित है। अराघची ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया में हालिया घटनाक्रम की जानकारी दी।

अराघची का बीजिंग दौरा पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच हो रहा है। यमन के हूती की सैन्य बढ़त के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिन्हें आधिकारिक तौर पर अंसार अल्लाह के नाम से जाना जाता है। ईरान समर्थित यमनी राजनीतिक और सशस्त्र संगठन ने सऊदी अरब पर हमले तेज कर दिए हैं और लाल सागर में रणनीतिक बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कर लिया है।

ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों और तेल टैंकरों की आवाजाही पहले ही प्रभावित हुई है, जिससे व्यापक ऊर्जा संकट पैदा हो गया है।

अराघची का यह दौरा नयी दिल्ली में 12-13 सितंबर को हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर वांग और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ उनकी चर्चाओं के कुछ ही दिन बाद हो रहा है। अराघची शिखर सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ आए थे।

यह 2024 के बाद से अराघची की चीन की पांचवीं यात्रा है, जो तेहरान और बीजिंग के बीच करीबी संबंधों को दर्शाती है।

सूडान के सुदूरवर्ती इलाके में सोने की खदान ढहने से कम से कम 67 लोगों की मौत

सूडान के एक सुदूरवर्ती इलाके में सोने की खदान ढहने से कम से कम 67 लोगों की मौत हो गई। चिकित्सकों के एक समूह और हादसे में बचे लोगों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

यह हादसा वेस्ट कोर्डोफान प्रांत के नूहूद शहर में अल-जारा सोने की खदान में हुआ। यह इलाका अर्धसैनिक बल ‘रैपिड सपोर्ट फोर्सेज’ के नियंत्रण में है, जो पिछले तीन साल से ज्यादा समय से देश की सेना के साथ लड़ाई लड़ रही है।

हादसे में बचे हुए लोगों ने बताया कि खदान ढहने की घटना मंगलवार देर रात हुई और कई लोग अब भी लापता हैं।

चिकित्साकर्मियों के समूह ने कहा कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि मलबे में दबे लोगों या जीवित बचे लोगों की तलाश के लिए खोज और बचाव अभियान अभी जारी है।

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