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दुनिया की खबरें: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने बहरीन और कुवैत को निशाना बनाया, ईरानी तेल की बिक्री की अनुमति रद्द

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘धौंसपट्टी और जबरन वसूली का दौर खत्म हो चुका है। इससे कोई नतीजा नहीं निकलेगा। हम झुकते नहीं हैं।’’

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन पोतों पर हमले होने के बाद बुधवार तड़के ईरान पर ‘‘जवाबी हमले’’ किए और ईरान को वैश्विक बाजार में कच्चा तेल खुले तौर पर बेचने की अनुमति देने वाले लाइसेंस को भी रद्द कर दिया। ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई के जबाव में बहरीन और कुवैत पर हमले किए।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाद में कहा कि ईरान के साथ अंतरिम समझौता ‘‘समाप्त’’ हो गया है, लेकिन वह बातचीत जारी रहने देंगे। इससे चिंता बढ़ गई कि पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष फिर शुरू हो सकता है और इसी के साथ कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया।

युद्धविराम की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह समाप्त हो चुका है।’’ उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधि बातचीत जारी रख सकते हैं लेकिन उन्होंने उसके नतीजे को लेकर संदेह जताया। ट्रंप ने कहा, ‘‘वे बातचीत कर सकते हैं, लेकिन मेरे हिसाब से वे अपना समय बर्बाद कर रहे हैं।’’

पोतों पर हमलों से जलडमरूमध्य में ईंधन की ढुलाई फिर शुरू कराने के प्रयासों को खतरा पैदा हो गया है। यह जलमार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है।

दोनों ओर से हमले ऐसे समय में हुए, जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कई दिन तक चलने वाले अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम जारी हैं। खामेनेई 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत में मारे गए थे। अंतिम संस्कार कार्यक्रम बृहस्पतिवार को समाप्त होंगे। ऐसा माना जा रहा था कि ईरान में शोक की इस अवधि में तनाव कम होगा लेकिन शोक मनाने वाले लोगों ने ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए कई बार ‘‘मुर्दाबाद’’ के नारे लगाए।

अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए बातचीत को खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किए जाने के बाद बहाल किए जाने का कार्यक्रम था। इस वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह फिर से खोलने और तेहरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगाने जैसे कठिन मुद्दों पर चर्चा होनी थी लेकिन हालिया हमलों ने इस प्रक्रिया को खतरे में डाल दिया है। हालांकि किसी भी देश ने तत्काल यह संकेत नहीं दिया कि वह वार्ता से पीछे हटेगा।

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘धौंसपट्टी और जबरन वसूली का दौर खत्म हो चुका है। इससे कोई नतीजा नहीं निकलेगा। हम झुकते नहीं हैं।’’

‘यूएस सेंट्रल कमान’ ने कहा कि अमेरिकी बलों ने ‘‘एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में बेकसूर नागरिकों वाले चालक दल द्वारा संचालित वाणिज्यिक पोतों को निशाना बनाने और उन पर हमला करने की भारी कीमत वसूलने के लिए’’ ये हमले किए।

उसने कहा कि उसने ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें वायु रक्षा प्रणालियां, रडार और ईरान के अर्द्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली 60 से अधिक छोटी नौकाएं शामिल हैं।

उसने कहा कि जलडमरूमध्य में पोतों के लिए खतरा पैदा करने में इन नौकाओं की अहम भूमिका रही है।

समझौते को लेकर ट्रंप की हालिया टिप्पणियों के बाद बुधवार को अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत पांच प्रतिशत से अधिक बढ़ गई।

अमेरिकी सेना ने कहा कि समझौते का पालन नहीं होने की स्थिति में वह ईरान को जवाबदेह ठहराने के लिए ‘‘तैयार’’ है। उसने कहा कि इस दौर के हमले समाप्त हो गए हैं।

ईरान के सरकारी मीडिया ने बंदर महशहर सहित कई स्थानों पर धमाकों की खबर दी। बंदर महशहर में रिवोल्यूशनरी गार्ड का एक सदस्य मारा गया। सरकारी मीडिया ने बुशहर पर भी हमलों की खबर दी, जहां ईरान का परमाणु ऊर्जा संयंत्र परिसर स्थित है।

अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के ठिकाने बहरीन और अमेरिकी थलसेना की मौजूदगी वाले कुवैत में बुधवार सुबह मिसाइल हमले की चेतावनी जारी की गयी।

ईरान और इराक के हवाई क्षेत्र से बचें एयरलाइंस: ईयू एविएशन एजेंसी

मध्य पूर्व में बदलते घटनाक्रम और बढ़ते तनाव के बीच ईयू (यूरोपियन यूनियन) एविएशन एजेंसी ने एयरलाइंस को ईरान और इराक के हवाई क्षेत्र से बचने की सलाह दी है।

यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी (ईएएसए) ने बुधवार को कहा कि मौजूदा तनाव और आगे सैन्य कार्रवाई की आशंका के बीच एयरलाइंस को ईरान और इराक के हवाई क्षेत्र में परिचालन नहीं करना चाहिए। ईएएसए ने बताया कि ईरान और इराक के हवाई क्षेत्रों से संबंधित उसकी एडवाइजरी 31 अगस्त तक प्रभावी रहेगी।

एजेंसी की पिछली एडवाइजरी, जिसकी अवधि बुधवार को समाप्त हो रही है, में लेबनान भी शामिल था। इसके अलावा उसने एयरलाइंस को बहरीन, कुवैत, इजरायल, जॉर्डन, कतर, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब के हवाई क्षेत्रों में उड़ान संचालन के दौरान सतर्कता बरतने की सलाह दी थी।

हालिया एडवाइजरी अमेरिका-ईरान के बीच शुरू हुए हवाई हमलों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'एमओयू खत्म होने' के बयान के बीच जारी की गई है। अमेरिका ने 80 और ईरानी बलों ने 85 ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। इससे मध्य पूर्व संघर्ष को समाप्त करने के लिए हुए अंतरिम समझौते पर दबाव और बढ़ गया है। वहीं, वाशिंगटन ने ईरानी तेल पर लागू अस्थायी प्रतिबंध छूट (सैंक्शंस वेवर) को रद्द कर दिया है।

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट के आसपास कई धमाके हुए हैं। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उन्होंने बहरीन और कुवैत में दर्जनों अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

इससे पहले तीन वाणिज्यिक जहाजों को ओमान के नजदीक निशाना बनाया गया था। ओमान ने अपनी तटरेखा से सटे एक अस्थायी समुद्री गलियारे के प्रस्ताव का समर्थन किया था, लेकिन तेहरान ने इसका विरोध किया क्योंकि वह इस जलमार्ग का इस्तेमाल करने वाले जहाजों से शुल्क वसूलना चाहता है।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का बार-बार उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

ईरान का दावा, 'अमेरिका के 85 सैन्य ठिकानों पर की जवाबी कार्रवाई'

मध्य पूर्व के हालात फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरान के 80 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद आईआरजीसी ने भी अमेरिका के 85 सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई का दावा किया। इस बीच बहरीन और कुवैत में लगातार एयर रेड सायरन बज रहे हैं। कई जगह धमाके सुनाई दिए हैं। कुवैत ने एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया है।

ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी ईरान पर अमेरिका के हमलों के जवाब में बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस पर तैनात अमेरिकी बलों को निशाने पर लेते हुए ड्रोन हमला किया।

सेना ने कहा, "अमेरिका के संघर्ष विराम का बार-बार और खुलेआम उल्लंघन करने के गंभीर परिणाम होंगे और क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब सैन्य ड्रोन हमलों के वैध लक्ष्य होंगे।" यह बयान ऐसे समय आया है, जब बहरीन ने बुधवार सुबह दूसरी बार सायरन बजने की जानकारी दी।

बहरीन के गृह मंत्रालय ने इसकी पुष्टि करते हुए लोगों से शांत रहने और तुरंत नजदीकी सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है।

इससे पहले, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया था कि उसने दक्षिणी ईरान के प्रांतों पर हुए हमलों के जवाब में बहरीन और कुवैत स्थित 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। हमलों में बहरीन स्थित अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के मुख्यालय और कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस को निशाना बनाने का दावा किया गया था।

'चीनी एआई से अमेरिकी इनोवेशन को खतरा', सीनेटर ने पेटेंट नियमों को सख्त करने की उठाई मांग

अमेरिका के रिपब्लिकन सीनेटर जिम बैंक्स ने अमेरिकी वाणिज्य विभाग से पेटेंट सुरक्षा को और मजबूत करने की मांग की है। उनका आरोप है कि चीनी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग कर अमेरिकी पेटेंट आवेदनों का विश्लेषण कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे अमेरिकी नवाचार, दवा अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) और जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र को नुकसान पहुंच सकता है तथा अमेरिका की चीन के बायोटेक उद्योग पर निर्भरता बढ़ सकती है।

इंडियाना से सीनेटर जिम बैंक्स ने अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक को लिखे पत्र में अमेरिकी पेटेंट एवं ट्रेडमार्क कार्यालय से अमेरिकी आविष्कारों को, उनके शब्दों में, "एआई-इनेबल्ड डुप्लीकेशन" से बचाने के लिए शुरू किए गए सुधारों को जारी रखने का आग्रह किया है।

पत्र में दावा किया गया है कि चीनी कंपनियां एआई की मदद से अमेरिकी जैव प्रौद्योगिकी से जुड़े पेटेंट आवेदनों का विश्लेषण कर रही हैं, व्यावसायिक रूप से लाभदायक खोजों की पहचान कर रही हैं और अमेरिकी कंपनियों के बाजार में उत्पाद उतारने से पहले उनसे मिलते-जुलते पेटेंट दाखिल कर रही हैं।

बैंक्स ने पत्र में लिखा, "पेटेंट स्क्रैपिंग चीन से जुड़े बौद्धिक संपदा (आईपी) खतरे को बढ़ा रही है और विशेष रूप से चीन की तेज दवा अनुमोदन प्रक्रिया को देखते हुए अमेरिकी अनुसंधान एवं विकास निवेश को कमजोर करने का जोखिम पैदा कर रही है। यदि प्रतिस्पर्धी किसी आविष्कार में मामूली बदलाव कर नियामकीय मंजूरी पहले हासिल कर लेते हैं, तो अनुसंधान एवं विकास में निवेश का प्रोत्साहन कमजोर पड़ जाता है।"

उन्होंने कहा कि यह चुनौती केवल बौद्धिक संपदा की चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि और इसका असर फार्मास्युटिकल सप्लाई चेन पर भी पड़ता है।

चीन के गांसु में भूस्खलन से 21 लोगों की मौत; सात घायल, रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा

उत्तर-पश्चिमी चीन के गांसु प्रांत में हुए भूस्खलन में 21 लोगों की मौत हो गई जबकि 7 लोग घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने बुधवार को बताया कि घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है। सभी घायलों का स्थानीय अस्पतालों में इलाज चल रहा है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है।

यह हादसा मंगलवार सुबह गांसु प्रांत के लोंगनान शहर के नान्हे टाउनशिप के रेनजांग गांव में हुआ। अचानक हुए भूस्खलन की चपेट में 33 लोग आ गए थे। इनमें से 5 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 21 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।

हादसे के तुरंत बाद आपदा राहत, दमकल और पुलिस सहित कई बचाव दल मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय ने स्थिति को देखते हुए लेवल-3 भू-आपदा रक्षा प्रतिक्रिया लागू कर दी। साथ ही एक स्पेशल वर्किंग ग्रुप भी मौके पर भेजा गया।

बचाव अभियान में 345 राहतकर्मियों और 10 खोजी कुत्तों को लगाया गया। मौके पर जेसीबी और अन्य मशीनों से मलबा हटाया गया जबकि एंबुलेंस लगातार तैनात रहीं। बचाव दलों ने लोगों की तलाश, राहत और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का काम भी किया।

गांसु प्रांतीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि जिले में चार आपातकालीन मेडिकल टीमें भेजी गईं। इनमें आईसीयू, ट्रॉमा उपचार और बाल चिकित्सा (पीडियाट्रिक) विशेषज्ञ शामिल थे। इसके अलावा 13 स्वास्थ्यकर्मियों को भी राहत कार्य में लगाया गया।

साथ ही, गांसु प्रांतीय पीपुल्स हॉस्पिटल से क्रिटिकल केयर, ऑर्थोपेडिक्स और सामान्य सर्जरी के तीन विशेषज्ञों को भी मौके पर भेजा गया, ताकि घायलों का बेहतर इलाज किया जा सके। प्रशासन ने इलाज के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया और दूरस्थ परामर्श की सुविधा भी शुरू की।

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