तुर्की रक्षा मंत्रालय ने ईरान की ओर से हमले का दावा किया। शुक्रवार को दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल तुर्की के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गई थी, जिसे समय रहते निष्क्रिय कर दिया गया।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “तुर्की के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल को पूर्वी भूमध्यसागर में तैनात नाटो की वायु और मिसाइल रक्षा इकाइयों की ओर से निष्क्रिय कर दिया गया है।”
मंत्रालय ने कहा कि देश की ओर आने वाले किसी भी खतरे के खिलाफ सभी जरूरी कदम बिना किसी हिचकिचाहट के उठाए जा रहे हैं। क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और तुर्की की राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, तुर्की की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलू ने बताया कि शुक्रवार सुबह दक्षिणी प्रांत अदाना में स्थित इंचिरलिक एयर बेस पर सायरन सुने गए।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो में भी एक मिसाइल के आने और उसके बाद विस्फोट की आवाज सुनाई दे रही है।
मंत्रालय ने कहा कि हाल के दिनों में ईरान से तुर्की की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागने की यह तीसरी घटना है, जो क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच हुई है।
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ईरान ने खाड़ी के अरब देशों पर शुक्रवार तड़के कई हमले किए, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उसे बड़े जवाबी हमले की चेतावनी दी।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘देखते रहिए, आज इन कुटिल लोगों का क्या हश्र होता है। ईरान की नौसेना नाश हो चुकी है, वायुसेना तबाह हो गई है। मिसाइल, ड्रोन और सब कुछ खत्म हो गए हैं और उनके नेताओं का नामोनिशान धरती से मिटा दिया गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम ईरान के आतंकी शासन को सैन्य, आर्थिक और हरेक तरीके से पूरी तरह नष्ट कर रहे हैं।’’
ट्रंप ने कहा, ‘‘वे 47 वर्ष से दुनिया भर में निर्दोष लोगों को मार रहे हैं और अब मैं, अमेरिका का 47वां राष्ट्रपति होने के नाते, उन्हें मार रहा हूं। ऐसा करना मेरे लिए बहुत बड़े सम्मान की बात है।’’
अमेरिकी राष्ट्रपति की इन टिप्पणियों से एक दिन पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ने ईरानियों के खून का बदला लेने से पीछे न हटने का संकल्प लिया था। उन्होंने खाड़ी के अरब देशों को अमेरिकी ठिकाने बंद करने की चेतावनी देते हुए कहा था कि अमेरिकी सुरक्षा की धारणा "झूठ के सिवा कुछ नहीं" है।
इस बीच, खाड़ी क्षेत्र के आसपास तेल और अन्य बुनियादी ढांचे पर ईरान के हमले जारी हैं। सऊदी अरब ने शुक्रवार को कहा कि उसने तड़के सुबह अलग-अलग समय भेजे गए लगभग 50 ड्रोन मार गिराए।
ओमान न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ओमान के सोहार क्षेत्र के एक औद्योगिक इलाके में दो ड्रोन गिरने से दो लोगों की मौत हो गई।
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अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने शुक्रवार सुबह पाकिस्तान की सेना पर काबुल और दक्षिणी प्रांत कंधार में रात भर जारी रहे हवाई हमलों में नागरिकों के घरों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। तालिबान सरकार ने कहा कि हमले में कम से कम चार आम नागरिक मारे गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयम बरतने की अपील के बावजूद दोनों पड़ोसी देशों के बीच लड़ाई का यह तीसरा सप्ताह है।
सरकारी प्रवक्ता जबिहुल्ला मुजाहिद ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि पाकिस्तान के विमान ने कंधार हवाई अड्डे के पास स्थित निजी एयरलाइन ‘काम एयर’ से संबंधित ईंधन डिपो (ईंधन भंडार केंद्र) पर भी हमला किया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह कंपनी नागरिक विमानों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र के विमान को ईंधन की आपूर्ति करती है।’’ पाकिस्तान की सेना या सरकार की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई।
फरवरी के आखिर से ही पाकिस्तान और अफगानिस्तान एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। अफगानिस्तान ने कहा था कि उसने सीमा पर पाकिस्तानी हमलों के जवाब में पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाकर हमले किए थे। पाकिस्तान की सेना का कहना है कि उसके अभियानों में सीमा पर मौजूद पाकिस्तानी तालिबान (टीटीपी) और उनके समर्थक नेटवर्क को निशाना बनाया गया था। पाकिस्तानी तालिबान और उनके समर्थक नेटवर्क को अफगानिस्तान ने कभी औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी है।
दोनों पक्षों ने भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया है जो वर्षों में उनकी सबसे घातक लड़ाई बन गई है और पाकिस्तान इसे अफगानिस्तान के साथ ‘‘खुला युद्ध’’ बता रहा है।
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इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल का संयुक्त अभियान ‘‘उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है’’ और इजराइल ‘‘पहले से कहीं अधिक मजबूत’’ है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के नव निर्वाचित सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को भी ‘‘बख्शा’’ नहीं जाएगा।
इस सवाल के जवाब में कि क्या इजराइल खामेनेई और हिजबुल्ला नेता नईम कासिम को निशाना बनाएगा, इस पर नेतन्याहू ने कहा, ‘‘मैं किसी भी आतंकी संगठन के नेता को नहीं बख्शूंगा।’’
मोजतबा के पिता ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों में मारे गए थे।
इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ ‘‘रोरिंग लायन’’ नामक अपना अभियान शुरू किया जिसमें अमेरिका भी शामिल हो गया और उसने इसे ‘‘एपिक फ्यूरी’’ नाम दिया। ऐसा दावा किया गया कि इन हमलों का उद्देश्य ‘‘ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को विफल करना, उसके मिसाइल कार्यक्रम को नष्ट करना और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को करारा झटका देना’’ है।
ईरान में सत्ता को उखाड़ फेंकने के विषय पर इजराइल के प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ‘‘ईरान के लोगों के लिए ऐसी परिस्थितियां बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं जिससे कि वे अत्याचारी शासन को उखाड़ फेंक सकें’’।
उन्होंने कहा, ‘‘हम सड़कों और चौकियों दोनों जगहों पर रिवोल्यूशनरी गार्ड एवं बासिज पर करारा प्रहार कर रहे हैं और हम अब भी सक्रिय हैं।’’
ईरानी जनता को संबोधित करते हुए इजराइली नेता ने कहा, ‘‘वह क्षण निकट आ रहा है जब आप (ईरान के लोग) स्वतंत्रता के एक नए मार्ग पर चल सकते हैं। हम आपके साथ हैं, हम आपकी सहायता कर रहे हैं। लेकिन आखिर में यह आप पर निर्भर करता है! यह आपके हाथों में है।’’
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