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दुनिया की खबरें: अमेरिका-इजरायल और ईरान के हमलों में हूती की 'एंट्री’ और यूएन में अपील से बौखलाया पाकिस्तान

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ईरान के समर्थन वाले हूती विद्रोही इजरायल के खिलाफ जंग में शामिल होने के लिए तैयार हैं।

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ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच हमलों का दौर अब भी जारी है। 28 फरवरी को शुरू हुए इस हमले को लगभग एक महीना होने वाला है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच अब तक कोई बात नहीं बनी है। इस बीच अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों के खिलाफ हूती विद्रोहियों की एंट्री हो सकती है।

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ईरान के समर्थन वाले हूती विद्रोही इजरायल के खिलाफ जंग में शामिल होने के लिए तैयार हैं।

ईरानी मीडिया रिपोर्ट में बिना नाम बताए सूत्रों का हवाला देते हुए कहा गया है कि हूती, जिन्हें यमनी अंसारुल्लाह के नाम से भी जाना जाता है, बाब अल-मंदाब स्ट्रेट पर कब्जा करने के लिए तैयार हैं।

अक्टूबर 2023 से विद्रोही समूह ने लाल सागर में पहले ही तनाव की स्थिति बना रखी है और गाजा पर इजरायल के हमलों का बदला लेने के लिए सैकड़ों इजरायली ठिकानों पर गोलाबारी की है।

अमेरिकी मीडिया सीएनएन के अनुसार, हूती ने अमेरिका और ब्रिटेन से जुड़े जहाजों को भी निशाना बनाया है, जिससे दुनिया भर में व्यापार में रुकावट आई है। अमेरिका और दूसरी पश्चिमी नौसेनाएं समुद्र के रास्ते जहाजों को एस्कॉर्ट कर रही हैं, लेकिन अगर हूती बाब अल-मंदाब स्ट्रेट पर कब्जा करने का फैसला करते हैं, तो इससे उनके विकल्प और कम हो सकते हैं।

बाब अल-मंदाब स्ट्रेट भूमध्य सागर और अरब सागर के बीच एक जरूरी रास्ता है, जो यूरोप को अफ्रीका और उससे आगे के महासागरों में एशिया से जोड़ता है। इन सबके बीच अमेरिका और ईरान के बातचीत को लेकर चर्चाएं हो रही हैं।

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है। हालांकि, ईरान ने इन दावों खारिज करते हुए यह कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच तीसरे पार्टी के जरिए हल्का-फुल्का संदेशों का आदान-प्रदान हुआ।

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होर्मुज पर पाबंदी लगाने वाले तंगसीरी की एयर स्ट्राइक में मौत: नेतन्याहू

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि एयर स्ट्राइक में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी मारे गए हैं।

एक छोटे से वीडियो संदेश में ये भी कहा कि उनकी सेना पूरी ताकत से मुकाबला करती रहेगी। उन्होंने बताया कि बुधवार रात, आईआरजीसी नेवी के कमांडर को मार गिराया गया। अलीरेजा तंगसीरी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पहरा लगा रखा था।

नेतन्याहू से पहले देश के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने तंगसीरी की मौत के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने भी वीडियो संदेश जारी किया। अपने बयान में कहा, “बुधवार रात, एक सटीक और खतरनाक ऑपरेशन में, आईडीएफ ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नेवी कमांडर, तंगसिरी और नेवल कमांड के वरिष्ठ अधिकारियों संग खत्म कर दिया।”

तंगसीरी की मौत का खुलासा सबसे पहले इजरायली मीडिया ने इजरायली सैन्य अधिकारी के हवाले से किया था, जिसने दावा किया है कि उसने ईरान के बंदर अब्बास शहर पर किए गए हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी को मार दिया। अलीरेजा तंगसीरी आईआरजीसी नेवी के प्रमुख थे और उन्हें ईरान की समुद्री सैन्य रणनीति का अहम चेहरा माना जाता था।

होर्मुज में जहाजों की निगरानी और सैन्य कार्रवाई में उनकी बड़ी भूमिका रही है। दक्षिणी ईरान के बुशहर प्रांत में जन्मे तंगसीरी, ईरान-इराक युद्ध और तथाकथित टैंकर युद्ध (यह 1980 के दशक में ईरान के साथ अमेरिका का पहला संघर्ष था) में अहम भूमिका निभाने के बाद आईआरजीसी नेवी का हिस्सा बने।

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इमरान के बेटे की यूएन में अपील से बौखलाया पाकिस्तान, मंत्री तरार का तंज 'बच्चे ने लिखा हुआ पढ़ दिया'

पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक और पूर्व पीएम इमरान खान से मुलाकात कराने की गुहार बेटे कासिम ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के मंच से की। उनकी इस सिफारिश ने पाकिस्तान की कलई खोल कर रख दी है। हुक्मरान बौखला गए हैं और इसे अपने मुल्क की तौहीन बता रहे हैं, वहीं कासिम की टिप्पणी को 'बच्चे की गुहार' करार दिया जा रहा है।

गुरुवार को सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने पीटीआई पर राजनीतिक असहमति की आड़ में वतन की इज्जत की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी की ये "कोशिशें" "नामंजूर" हैं।

कासिम ने बुधवार को कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री के साथ किया गया बर्ताव अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समझौतों के साथ-साथ जीएसपी+ फ्रेमवर्क (जनरलाइज्ड स्कीम ऑफ प्रेफरेंसेज) के तहत किए गए वादों का भी उल्लंघन करता है।

दरअसल, जीएसपी+ फ्रेमवर्क एक विशेष यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापार नीति है, जो कमजोर विकासशील देशों को सतत विकास, मानवाधिकारों और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता के बदले ईयू बाजार में लगभग 66 फीसदी टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क की सुविधा प्रदान करती है। कासिम ने इसका जिक्र किया और इसी पर झल्लाहट दिख रही है।

प्रमुख मीडिया आउटलेट डॉन ने बताया कि गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, मंत्री ने कहा कि “हालांकि हर राजनीतिक पार्टी का आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन देश की इज्जत को दांव पर नहीं लगाया जाना चाहिए।"

तरार ने कहा, "कोई भी राजनीतिक नेता पाकिस्तान से बड़ा नहीं है," उन्होंने पीटीआई पर "देश हित को पहले" न रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "विरोधियों द्वारा देश का मजाक उड़ाना मंजूर नहीं है।"

तरार ने कहा, "दुनिया पाकिस्तान को अहमियत दे रही है जबकि देश का ही एक सियासी दल दुष्प्रचार में जुटा है।"

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