
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अलावा किसी ने भी यह नहीं कहा कि भारत, रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बुधवार को देश की संसद में यह बात कही।
रूस ने अमेरिका पर भारत और अन्य देशों को उससे तेल खरीदने से रोकने का प्रयास करने का आरोप लगाया था, जिसके दो दिन बाद लावरोव की यह टिप्पणी आई है। रूस का कहना है कि वाशिंगटन टैरिफ, प्रतिबंध और सीधे रोक सहित कई तरह के ‘दबावपूर्ण’ कदम उठा रहा है।
लावरोव ने बुधवार को ‘स्टेट ड्यूमा’ (निचले सदन) में एक सांसद के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा, “आपने उल्लेख किया कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की रूस से तेल न खरीदने की सहमति की घोषणा की है। मैंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य भारतीय नेताओं सहित किसी और से ऐसा कोई बयान नहीं सुना है।”
लावरोव ने उल्लेख किया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नई दिल्ली में शेरपाओं की पहली बैठक में कहा था कि ऊर्जा सुरक्षा ‘ब्रिक्स’ शिखर सम्मेलन के प्रमुख मुद्दों में से एक होगी, जिसमें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शामिल होने की उम्मीद है।
भारत 2026 में ‘ब्रिक्स’ शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करेगा। लावरोव ने कहा कि दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा ने मॉस्को और नई दिल्ली के बीच संबंधों को समृद्ध किया है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा, “विशेष रूप से पिछले साल दिसंबर में राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के दौरान संयुक्त दस्तावेजों के एक महत्वपूर्ण पैकेज पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस यात्रा ने रूसी-भारतीय संबंधों को समृद्ध किया और एक विशेष रणनीतिक साझेदारी का निर्माण किया।”
लावरोव ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के बीच एक नई बैठक ‘ब्रिक्स’ शिखर सम्मेलन के दौरान होने की उम्मीद है।
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने देशव्यापी प्रदर्शनों और उसके बाद हुई खूनी कार्रवाई से ‘‘पीड़ित सभी लोगों’’ से बुधवार को माफी मांगी। राष्ट्रपति ने प्रदर्शनों को लेकर फैलाए कथित ‘‘पश्चिमी दुष्प्रचार’’ की भी निंदा की।
पेजेश्कियान ने कहा कि वह प्रदर्शनों और उनके खिलाफ कार्रवाई के दौरान हुए लोगों के ‘‘गहरे दुख’’ को समझते हैं लेकिन उन्होंने सीधे तौर पर यह स्वीकार नहीं किया कि इस रक्तपात में ईरानी सुरक्षा बलों की भूमिका थी।
उन्होंने कहा, ‘‘हम जनता के सामने शर्मिंदा हैं और इन घटनाओं में जिन लोगों को नुकसान पहुंचा है, उनकी सहायता करना हमारा कर्तव्य है। हम जनता से टकराव नहीं चाहते।’’
पेजेश्कियान ने यह भी जोर देकर कहा कि उनका देश ‘‘परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं कर रहा... और वह किसी भी तरह के सत्यापन (जांच) के लिए तैयार हैं।’’
उनकी यह टिप्पणी ईरान की 1979 की इस्लामी क्रांति की वर्षगांठ पर आयोजित एक स्मृति समारोह में दिए गए भाषण के दौरान आई। ईरान इस समय अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ बातचीत के दौर में है।
हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि कोई परमाणु समझौता हो पाएगा या नहीं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए एक और विमानवाहक पोत भेजने की धमकी दी है।
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'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' की बात करने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर्यावरण संबंधी चुनौतियों को भी दरकिनार करने से पिछड़ नहीं रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने ऐलान किया है कि वह इस सप्ताह एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 2009 में स्थापित ‘एंडेंजर्मेंट फाइंडिंग’ को रद्द करने जा रहा है, जो दशकों से अमेरिकी क्लाइमेट नियमों का मूल कानूनी आधार रहा है।
2009 का यह वैज्ञानिक निर्णय, जिसे 'एंडेंजर्मेंट फाइंडिंग' कहा जाता है, इस बात का औपचारिक सरकारी निर्धारण था कि कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) और अन्य ग्रीनहाउस गैसें सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामान्य कल्याण के लिए खतरा हैं। इसी आधार पर पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (ईपीए) को यह अधिकार मिला कि वह क्लीन एयर एक्ट के तहत वाहनों, उद्योगों और पावर प्लांटों के लिए उत्सर्जन-नियमन और ग्रीनहाउस गैस नियंत्रण नियम बनाए।
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इस फाइंडिंग को हटाने से व्यवसायों और आम जनता पर नियमों के आर्थिक बोझ में राहत मिलेगी और ऊर्जा-उत्पादन को मुक्त कर अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने इसे “इतिहास की सबसे बड़ी डिरेगुलेटरी (नियम हटाने वाली) कार्रवाई” बताया है, जिसका उद्देश्य “अमेरिकी ऊर्जा प्रभुत्व” को मजबूत करना है और ये अमेरिकियों को 1.3 ट्रिलियन डॉलर की रेगुलेटरी लागत से बचाएगा।
वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। नेशनल रिसोर्सेस डिफेंस काउंसिल के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि एंडेंजर्मेंट फाइंडिंग को रद्द करने से गैर-प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते जोखिमों का सामना करने वाले लाखों अमेरिकियों के लिए परिणाम “विनाशकारी” हो सकते हैं।
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कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में एक स्कूल में गोलीबारी की घटना में हमलावर सहित आठ लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। कनाडाई पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। ‘रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस’ (आरसीएमपी) ने बताया कि एक संदिग्ध मृत मिला है।
पुलिस ने पहले कहा था कि अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या दूसरा संदिग्ध भी इसमें शामिल है।
उसने करीब 2,400 आबादी वाले टंबलर रिज कस्बे के निवासियों से घरों के भीतर रहने को कहा है। टंबलर रिज में पड़ोसी इलाकों से अतिरिक्त पुलिस बल को भेजा जा रहा है।
‘पीस रिवर साउथ स्कूल डिस्ट्रिक्ट’ ने मंगलवार को बताया कि सेकेंडरी स्कूल और टंबलर रिज एलीमेंट्री स्कूल-दोनों में ‘लॉकडाउन’ की स्थिति है यानी किसी को अंदर जाने या बाहर निकलने की अनुमति नहीं है।
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