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दुनिया की खबरें: ट्रंप ने जेलेंस्की और पुतिन को दिया संदेश- युद्ध को खत्म करना होगा और ग्रीनलैंड की कीमत...

अमेरिकी राष्ट्रपति से जब सवाल किया गया कि पुतिन के लिए उनका क्या संदेश है तो उन्होंने कहा, ‘‘युद्ध को समाप्त करना होगा। बहुत से लोग मारे गए हैं।’’

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ बैठक अच्छी रही और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को उनका संदेश है कि ‘‘युद्ध समाप्त होना चाहिए’’।

स्विट्जरलैंड के रिजॉर्ट शहर दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद स्वदेश लौटने से पहले ट्रंप ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल आज या कल पुतिन से मुलाकात करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी मुलाकात राष्ट्रपति जेलेंस्की से यहां हुई। बैठक अच्छी रही। हम (अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल) आज या कल राष्ट्रपति पुतिन से मिलेंगे।’’

अमेरिकी राष्ट्रपति से जब सवाल किया गया कि पुतिन के लिए उनका क्या संदेश है तो उन्होंने कहा, ‘‘युद्ध को समाप्त करना होगा। बहुत से लोग मारे गए हैं।’’

ट्रंप ने बुधवार को डब्ल्यूईएफ की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए दावा किया था कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए एक समझौते के ‘काफी करीब’ हैं। हालांकि उन्होंने पहले सोचा था कि उनके लिए कुछ ही घंटों में इस पर समझौता करना आसान होगा। ट्रंप चार साल से जारी युद्ध को समाप्त कराने की शर्तों पर जेलेंस्की और पुतिन को सहमत कराने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा था कि अगर पुतिन और जेलेंस्की इस युद्ध को अब खत्म नहीं करते हैं तो वे ‘बेवकूफ’होंगे, और वह जानते हैं कि वे ऐसा नहीं हैं।

ट्रंप ने रेखांकित किया वह ‘‘युद्धों को सुलझाने’’ में माहिर हैं, हालांकि यह काम संयुक्त राष्ट्र को करना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘यह करना ही होगा। इससे कई जानें बचेंगी, लाखों जानें बचेंगी। यूक्रेन और रूस के बीच, राष्ट्रपति जेलेंस्की और राष्ट्रपति पुतिन के बीच यह घोर नफरत अच्छी बात नहीं है। यह समझौतों के लिए अच्छा नहीं है।’’

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ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की जिद के बीच पुतिन ने लगाई इसकी कीमत, बोले- 'यह रूस की चिंता का विषय नहीं'

ग्रीनलैंड को लेकर इन दिनों बवाल मचा हुआ है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बात साफ कर दी है कि ग्रीनलैंड यूएस का होगा। हालांकि, डेनमार्क को इस बात से ऐतराज है। इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ट्रंप के सेल्फ-गवर्निंग आर्कटिक आइलैंड को खरीदने के प्लान पर प्रतिक्रिया जाहिर की है। पुतिन ने कहा कि डेनमार्क ने हमेशा ग्रीनलैंड के साथ एक कॉलोनी जैसा बर्ताव किया है। एक तरफ जहां ट्रंप ग्रीनलैंड को लेकर मोलभाव करने में लगे हैं, वहीं दूसरी ओर पुतिन ने इसकी नई कीमत लगा दी है।

क्रेमलिन में बुधवार को रूस की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के साथ मीटिंग के दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, "डेनमार्क ने हमेशा ग्रीनलैंड के साथ एक कॉलोनी जैसा बर्ताव किया है, और अगर बेरहमी से न कहा जाए तो काफी सख्ती से बर्ताव किया है।"

पुतिन ने एक बात साफ कर दी कि ग्रीनलैंड को लेकर जो भी बवाल चल रहा है, उससे रूस का कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, ट्रंप के ग्रीनलैंड को लेने वाले बयान के बाद से इस बात की खूब चर्चा हो रही थी कि महाशक्तियों के बीच इसे लेकर टकराव हो सकता है, लेकिन एक बात यह भी है कि रूस और चीन ने कभी भी सामने आकर ग्रीनलैंड पर कोई खास टिप्पणी नहीं की। यही कारण है कि अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। ऐसे में रूस के राष्ट्रपति की तरफ से पहली बार ग्रीनलैंड को लेकर बयान सामने आया है।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, “यह निश्चित रूप से हमारी चिंता का विषय नहीं है। मुझे लगता है कि वे इसे आपस में सुलझा लेंगे।” उन्होंने बताया कि अमेरिका ने 1867 में रूस से अलास्का और 1916 में डेनमार्क से कैरिबियन इलाका खरीदा था, जिसे आज यूएस वर्जिन आइलैंड्स के नाम से जाना जाता है।

उन्होंने आगे कहा कि ग्रीनलैंड की कीमत 1 बिलियन डॉलर तक हो सकती है और अमेरिका इसे खरीदने की ताकत रखता है। इससे इतर मीडिया से बातचीत के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस बात से इनकार किया कि मॉस्को का ग्रीनलैंड के मामलों में दखल देने का कोई योजना है।

दूसरी ओर, डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने दावोस में दोहराया कि कोपेनहेगन अमेरिका को ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की इजाजत नहीं देगा। डेनमार्क ने 18वीं सदी में ग्रीनलैंड को कॉलोनी बनाया था और 1979 में उसे अपना देश बनाने की इजाजत दी थी। अमेरिका ने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ग्रीनलैंड में सैनिक भेजे थे और उत्तर-पश्चिमी तट पर एक एयरबेस बनाए हुए है।

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फ्रांस की नौसना ने रूस से आ रहे तेल टैंकर को भूमध्य सागर में रोका

फ्रांस की नौसेना ने ब्रिटेन से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर बृहस्पतिवार को भूमध्य सागर में रूस से आ रहे एक तेल टैंकर को रोक लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई प्रतिबंधित रूसी गुप्त बेड़े को निशाना बनाने के उद्देश्य से की गई।

भूमध्य सागर में तैनात फ्रांसीसी अधिकारियों ने कहा कि ग्रिंच नामक जहाज पर फर्जी झंडा लगाकर संचालन करने का संदेह है। बयान में कहा गया है कि फ्रांसीसी नौसेना आगे की जांच के लिए टैंकर को बंदरगाह तक ले जा रही है।

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नेपाल: ‘जेन जेड’ आंदोलन के दौरान हिंसा की जांच करने वाले आयोग का कार्यकाल 20 दिन बढ़ाया गया

नेपाल सरकार ने बृहस्पतिवार को उस आयोग का कार्यकाल 20 दिन के लिए बढ़ा दिया जो ‘जेन जेड’ आंदोलन के दौरान कथित तौर पर अत्यधिक बल प्रयोग की जांच कर रहा है। इस आंदोलन के कारण प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को सत्ता से हटना पड़ा था।

गृह मंत्री एवं सरकारी प्रवक्ता ओम प्रकाश आर्यल ने बताया कि मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। ‘जेन जेड’ वे युवा हैं जिनका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ।

गृह मंत्रालय के अनुरोध पर दूसरी बार आयोग के कार्यकाल की समय सीमा बढ़ाई गई है, क्योंकि आयोग ने शुरू में दी गई तीन महीने की समय सीमा के बावजूद अंतिम रिपोर्ट अभी नहीं सौंपी है। आयोग का पिछला कार्यकाल बृहस्पतिवार को समाप्त हो रहा है।

सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने पिछले साल 21 सितंबर को पूर्व न्यायाधीश गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया था।

काठमांडू में ओली सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कम से कम 19 युवक आठ सितंबर को पुलिस गोलीबारी में मारे गये थे, जिससे देशभर में दो दिन की इस हिंसा के दौरान मरने वालों की कुल संख्या 77 हो गई थी।

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संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता: डेनमार्क की प्रधानमंत्री

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा है कि उनका देश अपनी संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं कर सकता।

यह टिप्पणी फ्रेडरिक्सन ने तब की जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने नाटो प्रमुख के साथ आर्कटिक सुरक्षा पर “भविष्य के समझौते का ढांचा” तय करने पर सहमति व्यक्त की है।

ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण का दबाव बनाने के लिए आठ यूरोपीय देशों पर शुल्क लगाने की धमकी को बुधवार को वापस ले लिया। ग्रीनलैंड नाटो सहयोगी डेनमार्क का एक अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है। इससे कुछ समय पहले ट्रंप ने कहा था कि वह द्वीप को “पूरे अधिकार, स्वामित्व और कब्जे सहित” प्राप्त करना चाहते हैं।

ट्रंप ने कहा कि गोल्डन डोम मिसाइल रक्षा कार्यक्रम के संबंध में ग्रीनलैंड पर “अतिरिक्त चर्चा” जारी है। गोल्डन डोम मिसाइल एक बहु-स्तरीय, 175 अरब अमेरिकी डॉलर की प्रणाली है, जो पहली बार अमेरिकी हथियारों को अंतरिक्ष में स्थापित करेगी। उन्होंने इस पर यह कहते हुए अधिक विवरण नहीं दिया कि यह अभी तय किया जा रहा है।

फ्रेडरिक्सन ने बयान में कहा कि आर्कटिक की सुरक्षा नाटो के सभी देशों का मामला है और यह “स्वाभाविक और उचित” है कि इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति और नाटो महासचिव मार्क रुट के बीच चर्चा हो। उन्होंने कहा कि उन्होंने रुट के साथ “लगातार” संपर्क बनाए रखा, जिसमें उनके डावोस में ट्रंप से मिलने से पहले और बाद की बातचीत भी शामिल है।

प्रधानमंत्री ने लिखा कि नाटो पूरी तरह से डेनमार्क के रुख से परिचित है कि सुरक्षा, निवेश और आर्थिक मामले सहित राजनीतिक मुद्दों पर बातचीत की जा सकती है, लेकिन “हम अपनी संप्रभुता पर बातचीत नहीं कर सकते।”

उन्होंने कहा, “मुझे बताया गया है कि यह मामला नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि डेनमार्क और ग्रीनलैंड ही डेनमार्क और ग्रीनलैंड से जुड़े मामलों पर निर्णय ले सकते हैं।

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