
सऊदी अरब ने उमराह की आड़ में अपने देश में आने वाले पाकिस्तानी भिखारियों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है। सऊदी अरब ने साथ ही पाकिस्तान से उन्हें खाड़ी देश में प्रवेश करने से रोकने के लिए कार्रवाई करने को कहा है। पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय के सूत्रों का हवाला देते हुए ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार ने अपनी खबर में बताया कि सऊदी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया तो इसका पाकिस्तान के उमराह और हज यात्रियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। खबर में कहा गया, ‘‘सऊदी हज मंत्रालय ने पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय को चेतावनी जारी की है, जिसमें उमराह वीजा के तहत पाकिस्तानी भिखारियों को खाड़ी देश में प्रवेश करने से रोकने के लिए कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।’’
इस चेतावनी के बाद पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने ‘‘उमराह अधिनियम’’ लाने का फैसला किया है, जिसका उद्देश्य उमराह की व्यवस्था करने वाली ट्रैवल एजेंसियों को विनियमित करना और उन्हें कानूनी निगरानी के तहत लाना है। इससे पहले, सऊदी राजदूत नवाफ बिन सैद अहमद अल-मलिकी के साथ बैठक में गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि सऊदी अरब में भिखारियों को भेजने के लिए जिम्मेदार माफिया के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। पाकिस्तानी भिखारी उमराह की आड़ में खाड़ी देश की यात्रा करते हैं। ज्यादातर लोग उमराह वीजा पर सऊदी अरब जाते हैं और फिर भीख मांगने से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं।
इजरायल और हिजबुल्ला ने मगंलवार को भी एक दूसरे पर हमले जारी रखे। इजरायली सेना ने कहा कि उसने लेबनान के बेका क्षेत्र और दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में हिजबुल्लाह के खिलाफ एयर स्ट्राइक की। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री फिरास अबियाद ने बताया कि सोमवार से दक्षिणी और पूर्वी लेबनान पर इजरायली हवाई हमलों में मरने वालों की संख्या 558 तक पहुंच गई है, जिसमें 50 बच्चे और 94 महिलाएं शामिल हैं, और कुल 1,835 लोग घायल हुए हैं। इजरायली सेना ने मगंलवार को एक बयान में कहा, "हथियारों को रखने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली इमारतें, कमांड सेंटर और टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की एडिशनल साइट्स पर हमला किया।" हालांकि, हताहतों की संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
इजरायली सेना ने कहा कि वह, 'हिजबुल्लाह की क्षमताओं और आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने और उसे कमजोर करने के लिए काम कर रही है।' इजरायली सेना के प्रवक्ता अविचाय एड्राई ने एक्स पर लिखा कि लेबनान के लोगों को हिजबुल्लाह द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली इमारतों से कम से कम 1 किमी की दूरी बनाए रखनी चाहिए। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, इजरायली सेना ने बताया कि हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर रॉकेट हमला किए। उसने मंगलवार सुबह से करीब 95 रॉकेट दागे। इनमें से दर्जनों किरयात शमोना, नहरिया, अफुला, नाजरथ और मिगदाल हाएमेक शहरों में गिरे। प्रभावित शहरों के अस्पतालों के अनुसार, रॉकेट हमलों के दौरान लगभग 23 लोगों को मामूली चोटें आईं।
इस बीच, हिजबुल्लाह ने कहा कि उसने मंगलवार की सुबह उत्तरी इजरायल में कई एयरपोर्ट, मुख्यालयों और साइट्स पर तोपखाने और मिसाइलों से हमला किया। इनमें अफुला के पश्चिम में मेगिद्दो मिलिट्री एयरपोर्ट भी शामिल है। सोमवार को, इजरायली सेना ने दक्षिणी और पूर्वी लेबनान के गांवों और कस्बों पर बड़े पैमाने पर हमले किए थे। लेबनान के पर्यावरण मंत्री नासिर यासीन के अनुसार इन हमलों की वजह से लगभग 16,500 लोगों को बेरूत और लेबनान के अन्य क्षेत्रों में विस्थापित होना पड़ा। राष्ट्रीय आपदा और संकट समिति के समन्वयक यासीन ने कहा कि स्कूलों में विस्थापितों को रखने के लिए शेल्टर्स की संख्या लगभग 150 तक पहुंच गई है।
हरिनी अमरसूर्या ने मंगलवार को श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही वह वर्ष 2000 में सिरीमावो भंडारनायके के बाद इस पद पर आसीन होने वाली दूसरी महिला नेता बन गयीं। ‘नेशनल पीपुल्स पावर’ (एनपीपी) की 54 वर्षीय नेता अमरसूर्या को राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने शपथ दिलाई। दिसानायके ने स्वयं सहित चार सदस्यों का मंत्रिमंडल नियुक्त किया है।
अमरसूर्या को न्याय, शिक्षा, श्रम, उद्योग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य तथा निवेश मंत्रालयों का कार्यभार सौंपा गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने का स्थान लिया है, जिन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। एनपीपी सांसदों - विजिता हेराथ और लक्ष्मण निपुर्णाच्ची ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। वे संसद भंग होने के बाद कार्यवाहक कैबिनेट मंत्री के रूप में काम करेंगे। अधिकारियों ने कहा कि संसदीय चुनाव नवंबर के अंत में हो सकते हैं। राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद 56 वर्षीय दिसानायके ने रविवार को श्रीलंका के नौवें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी।
फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री मोहम्मद मुस्तफा ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की बैठक में गाजा में इजरायल के 'नरसंहार युद्ध' की निंदा की। उन्होंने इजरायली हमलों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। पीएम मुस्तफा ने कहा, 'जैसा कि मैं आपके सामने बोल रहा हूं, गाजा में हमारे लोग आधुनिक इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक का सामना कर रहे हैं।" समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक उन्होंने यह बात संयुक्त राष्ट्र के 'भविष्य के शिखर सम्मेलन' में अपने संबोधन में कही। फिलिस्तीनी पीएम ने कहा, "लगभग एक साल से इजरायल का 'नरसंहार युद्ध' अभूतपूर्व नुकसान, पीड़ा और मानवीय तबाही का कारण बना है।"
मुस्तफा ने कहा, "यह सब चार्टर और अंतरराष्ट्री कानून का उल्लंघन करते हुए किया गया है, जिससे फिलिस्तीनी लोगों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।" फिलिस्तीनी पीएम ने कहा कि "अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हमारे लोगों पर इजरायली आक्रमण को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और इंटरनेशनल कानून तथा प्रासंगिक संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के अनुरूप इजरायल के अवैध कब्जे को समाप्त करना चाहिए।"
बता दें कि 7 अक्टूबर 2023 को फिलिस्तीनी आतंकवादी ग्रुप हमास ने इजरायल में बड़ा हमला किया था। इसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और करीब 250 का अपहरण किया गया था। इसके बाद इजरायल ने हमास के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी और गाजा पट्टी में सैन्य ऑपरेशन शुरू किया। इजरायली हमलों में गाजा में बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हुआ है। गाजा में इजरायल का मिलिट्री ऑपरेशन आज भी जारी है। गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सोमवार तक कम से कम 41,455 लोगों की जान चली गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय सफल यूएस यात्रा के बाद नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए, जिसमें क्वाड लीडर्स समिट और यूएन समिट ऑफ द फ्यूचर के मौके पर कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता की एक श्रृंखला देखी गई। तीन दिवसीय यूएस यात्रा के अंतिम चरण में सोमवार को पीएम मोदी ने न्यूयॉर्क में यूएन: समिट ऑफ द फ्यूचर के मौके पर अपने अर्मेनियाई समकक्ष निकोल पशिन्यान और वेटिकन सिटी के कार्डिनल सचिव पिएत्रो पारोलिन के साथ बातचीत की।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "आज संयुक्त राष्ट्र में समिट ऑफ द फ्यूचर के मौके पर आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान से मिलना अद्भुत रहा।" एक दूसरे पोस्ट में उन्होंने लिखा, "न्यूयॉर्क में होली सी के राज्य सचिव कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई।" प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की। प्रधानमंत्री ने जेलेंस्की के साथ अपनी बैठक के दौरान यूक्रेन में संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत के "स्पष्ट, सुसंगत और रचनात्मक" दृष्टिकोण को दोहराया, जो कूटनीति, संवाद और सभी हितधारकों के बीच सहभागिता पर आधारित है।
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