
कर्नाटक के राज्यपाल द्वारा सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते बीजेपी को सरकार बनाने मौका दिए जाने के बाद कई राज्यों में विपक्ष ने मांग उठाई है कि उन्हें भी सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का मौका दिया जाना चाहिए। इन राज्यों में गोवा, मणिपुर, मेघालय और बिहार शामिल हैं।
इन सभी राज्यों में इस वक्त बीजेपी के गठबंधन वाली सरकारें है। इन राज्यों में विपक्ष ने राज्यपाल से मिलने के लिए समय मांगा है। कांग्रेस ने गोवा और मणिपुर में और आरजेडी ने बिहार में यह मांग उठाई है। कांग्रेस और आरजेडी ने कहा है कि कर्नाटक की तर्ज पर राज्यपाल उन्हें भी सरकार बनाने के लिए बुलाएं। बिहार में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने शुक्रवार को पटना में धरने का भी ऐलान किया है।
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आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि, “मैं बीजेपी और बिहार के मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं कि अगर कर्नाटक में सबसे बड़े दल को सरकार बनाने का मौका देना सही है, तो बिहार में चुनाव बाद गठबंधन की सरकार बनवाना जनादेश का अपमान नहीं है क्या? अगर उन्होंने कर्नाटक में जो किया वह सही है तो फिर बिहार में जो भी किया गया है उसे गलत ही कहा जाएगा।”
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बिहार की 243 सीटों में से सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी के 80 विधायक हैं, जबकि नीतीश कुमार की जेडीयू के 71 और बीजेपी के 53 विधायक हैं। वहीं कांग्रेस के 27 और 3 अन्य विधायक हैं।
पिछले चुनाव में महागठबंधन (आरजेडी, जेडीयू और कांग्रेस) को 178 सीटें मिलीं थीं। 80 सीटों के साथ राजद सबसे बड़ी पार्टी रही। तब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन 26 जुलाई, 2017 को तेजस्वी यादव के इस्तीफे से आरजेडी के इनकार के बाद नीतीश कुमार ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने बीजेपी के 53 विधायकों के साथ सरकार बनाई थी।
उधर गोवा में कांग्रेस नेता यतीश नाइक ने कहा कि, ''2017 में कांग्रेस 17 सीट जीतकर विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। लेकिन, राज्यपाल ने 13 सीटों वाली बीजेपी को सरकार बनाने के लिए बुलाया। कर्नाटक में राज्यपाल ने सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दिया। इसीलिए मांग करते हैं कि गोवा के राज्यपाल भी कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए बुलाएं।''
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इस बीच सूत्रों का कहना है कि पार्टी के गोवा प्रभारी चेल्ला कुमार शुक्रवार को पणजी में विधायकों के साथ राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। इस दौरान उनकी मांग यही होगी कि राज्य में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते कांग्रेस को सरकार बनाने का मौका दिया। माना जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर वे राजभवन में विधायकों की परेड कराने को भी तैयार हैं।
गौवा की कुल 40 सीटों में से इस समय कांग्रेस के 17 विधायक हैं, जबकि बीजेपी के 13 और निर्दलीय और अन्य को मिलाकर 10 विधायक। 2017 के चुनाव के बाद गोवा में किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था। लेकिन बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार मनोहर पर्रिकर ने 21 विधायकों के समर्थन के साथ सरकार बनाने का दावा किया था।
मणिपुर में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। वहां की कुल 60 सीटों में से कांग्रेस क पास 28 और बीजेपी के पास 21 सीटें हैं। इसके अलावा एनपीएफ के पास 4, एनईपी के पास 4 और अन्य के पास 3 सीटें हैं। सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस थी, लेकिन बहुमत किसी के पास नहीं था और राज्यपाल नजमा हेपतुल्लाह ने बीजेपी को सरकार बनाने का मौका दिया था। बीजेपी के पास बहुमत के आंकड़े से 10 विधायक कम थे।
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