
किसान आंदोलन के समर्थन और कृषि कानूनों के विरोध में देश भर में किसानों के आह्वान पर आयोजित तीन घंटे का चक्का जाम शांतिपूर्वक निपट गया। चक्का जाम के बाद भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने गाजीपुर बॉर्डर पर खुले मंच से ऐलान किया कि किसान बातचीत को तैयार हैं, लेकिन किसी दबाव में कोई बात नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि, "हमने सरकार को क़ानून रद्द करने के लिए 2 अक्टूबर तक समय दिया है। उसके बाद हम आगे की योजना बनाएंगे।" उन्होंने आगे कहा कि हमारा मंच भी वहीं होगा और पंच भी वही होंगे। राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार कीलें बोएगी, लेकिन हम फसल बोएंगे।
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राकेश टिकैत ने ऐलान किया है कि, "बिना एमएसपी पर कानून बनाए हम घर वापस नहीं जाने वाले हैं। कोई यह गलतफहमी में ना रहे कि तीनों क़ानून वापस ले लेंगे और आंदोलन ख़त्म हो जाएगा। एमएसपी पर गारंटी देने को लेकर क़ानून बनाना होगा।" राकेश टिकैत ने कहा कि "जो लोग यहाँ ट्रैक्टर लेकर आए उनके यहाँ नोटिस भेजा रहा है। मैं पूछता हूँ कि किस क़ानून के तहत लिखा है कि ट्रैक्टर सड़कों पर नहीं चल सकता।"
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