हालात

अखिलेश बोले- SIR देशवासियों के खिलाफ बड़ी साजिश, सरकार और EC के भ्रष्ट लोग पूरी चुनावी व्यवस्था का कर रहे अपहरण

अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के एसआईआर पुनरीक्षण अभियान को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इसे लोकतंत्र के खिलाफ साजिश बताया।

फोटोः सोशल मीडिया
फोटोः सोशल मीडिया 

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान पर कड़ा हमला किया है। उन्होंने इसे देशवासियों के खिलाफ एक बड़ी साजिश करार दिया और कहा कि यह अंग्रेजों की गुलामी से भी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।

Published: undefined

लोकतंत्र के साथ धोखाधड़ी

अखिलेश यादव ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एसआईआर प्रक्रिया का 20 सेकंड का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “यह लोकतंत्र के साथ धोखाधड़ी है। जनता जागरूक हो। आज वोट काटा जा रहा है, कल खेत-जमीन-मकान-राशन-जाति-आरक्षण से नाम काटा जाएगा। फिर बात खातों और मध्यम वर्ग के लॉकर तक पहुंच जाएगी।”

उन्होंने कहा कि यह समय जागने और एक-एक वोट बचाने का है।

Published: undefined

विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील

सपा प्रमुख ने सभी विपक्षी दलों और बीजेपी के सहयोगी दलों से अपील की कि वे एकजुट हों और भाजपा के महासड्यंत्र का पर्दाफाश करें। उन्होंने चेताया कि जो दल भाजपा को अपना सहयोगी मान रहे हैं, भाजपा सबसे पहले उन्हीं का नुकसान करेगी।

Published: undefined

भ्रष्टाचार और चुनावी अपहरण का आरोप

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया, “बीजेपी, बीजेपी के संगी-साथी और बीजेपी सरकार की तिकड़ी और निर्वाचन आयोग के कुछ भ्रष्ट लोग पूरी चुनावी व्यवस्था का अपहरण कर रहे हैं।”

उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि एसआईआर की घपलेबाजी को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

Published: undefined

वोट और पहचान की रक्षा

सपा प्रमुख ने लिखा, “आइए हम सब मिलकर उन भाजपाइयों और उनके अपरिवारवादी संगी-साथियों की सरेआम लूट से देश को बचाएं और वोट के रूप में अपनी पहचान को भी बचाएं, नहीं तो कल को ये देशवासियों को ही पराया साबित कर देंगे।”

Published: undefined

Google न्यूज़नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia

Published: undefined