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बीजेपी सरकार में एक और पेपर लीक, अब गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी का पर्चा आउट, सोशल मीडिया पर वायरलऔ

वाइस चांसलर से बातचीत के बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच कमेटी बनाने का फैसला किया गया है। कमेटी वायरल मैसेज, क्वेश्चन पेपर और बाकी सभी फैक्ट्स की जांच करके अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर आगे कार्रवाई होगी।

बीजेपी सरकार में एक और पेपर लीक, अब गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी का पर्चा आउट, सोशल मीडिया पर वायरलऔ
बीजेपी सरकार में एक और पेपर लीक, अब गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी का पर्चा आउट, सोशल मीडिया पर वायरलऔ सांकेतिक फोटो: सोशल मीडिया

नीट पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली समेत देश भर में छात्रों का प्रदर्शन अभी पूरी तरह से खत्म भी नहीं हुआ है कि एक और राज्य की बीजेपी सरकार में पेपर लीक की खबर है। मामला गुजरात के आयुर्वेद यूनिवर्सिटी का है, जहां तीसरे वर्ष की परीक्षा में सर्जरी विषय का पेपर लीक होने की खबर है। कहा जा रहा है कि परीक्षा से पहले ही पेपर सोशल मीडिया पर लीक हो गया। दावा किया जा रहा है कि प्रश्न पत्र में आए 12 में से 11 सवाल वायरल पेपर से मिल रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने मामले की जांच की बात कही है।

कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने इस पर सरकार को घेरते हुए कहा कि पेपर लीक रोकने के फर्जी दावों के बीच आज गुजरात से पेपर लीक की खबर आ रही है। एक तरफ पीएम फ्रंट कैमरा से कंटेंट बना रहे हैं तो दूसरी तरफ आम स्टूडेंट का अकाउंट डिलीट कराया जा रहा है। टारगेट करके परेशान किया जा रहा है। हिरासत में लिया जा रहा और जेलों में डाला जा रहा है।

12 में से 11 सवाल वायरल पेपर से मिले

मिली जानकारी के अनुसार, गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में तीसरे वर्ष की परीक्षा में 'शल्य तंत्र-1' (सर्जरी) विषय का प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले ही व्हाट्सऐप पर लीक हो गया। परीक्षा शुरू होने से पहले ही सोशल मीडिया पर घूम रहे 'इंपोर्टेंट टॉपिक्स' मैसेज में 11 सवाल ऐसे हैं, जो परीक्षा के क्वेश्चन पेपर में पूछे गए कुल 12 सवालों में शामिल थे।

कॉलेज पहुंचे स्क्वाड सदस्य को मिली जानकारी

एबीपी न्यूज के अनुसार, जूनागढ़ आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रोफेसर और यूनिवर्सिटी के स्क्वॉड के सदस्य डॉ अल्पेश जरसानिया ने कहा कि 20 जुलाई को मुझे यूनिवर्सिटी की तरफ से स्क्वाड की जिम्मेदारी दी गई थी। जब मैं दोपहर में कॉलेज में जांच के लिए पहुंचा तो वहां के एक फैकल्टी ने मेरा ध्यान इस ओर दिलाया कि परीक्षा के सवालों की कुछ डिटेल्स व्हाट्सएप पर वायरल हो रही हैं। मैंने तुरंत उन सवालों को वेरिफाई किया और साथ ही, तुरंत हमारी यूनिवर्सिटी की एग्जामिनेशन अथॉरिटी, यानी कंट्रोलर ऑफ़ एग्जामिनेशन को इसकी जानकारी दी।

डॉ अल्पेश जरसानिया ने आगे बताया, "इसे हमारे लेवल से वेरिफाई किया जाना है। पहली नज़र में ऐसा लगता है कि 11 वायरल सवाल प्रश्न पत्र में दिए गए कुल 12 सवालों में शामिल हैं। हालांकि, इस बारे में ज्यादा डिटेल्ड और टेक्निकल जानकारी सब्जेक्ट एक्सपर्ट के साथ-साथ यूनिवर्सिटी ही देगी।

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सबूत मिलने पर होगी आगे की कार्रवाई

वहीं क्वेश्चन पेपर लीक के बारे में पूछे जाने पर गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के परीक्षा इंचार्ज एचपी झाला ने कहा, ''सर्जिकल सिस्टम के 26 कॉलेजों में 1200 कैंडिडेट्स ने एग्जाम दिया था। पूरे मामले की जांच चल रही है। पेपर पूरा होने के बाद यह बात हमारे ध्यान में आई है। अगर पेपर लीक के सबूत मिलते हैं तो हम आगे की कार्रवाई करेंगे।

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विशेष जांच कमेटी बनाने का फैसला

एचपी झाला ने कहा कि 20 जुलाई की सुबह हुई शल्य तंत्र-1 की परीक्षा तय समय पर पूरी हो गई थी। फिर शाम को मोबाइल पर जानकारी मिली कि एग्जाम से पहले कुछ सवाल व्हाट्सएप पर घूम रहे हैं। यह जानकारी मिलते ही यूनिवर्सिटी प्रशासन हरकत में आ गया। वाइस चांसलर से बातचीत के बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच कमेटी बनाने का फैसला किया गया है। कमेटी वायरल मैसेज, क्वेश्चन पेपर और बाकी सभी फैक्ट्स की जांच करके अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर आगे कार्रवाई होगी।

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