
अन्य राज्यों की तरह पंजाब में भी कोरोना संकट गहरा रहा है। सोमवार को पंजाब में कोरोना संक्रमण से 75 लोगों की मौत हो गई और 7000 से ज्यादा नए केस सामने आए। इस बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस संकट से निपटने के लिए सेना की मदद मांगी। कैप्टन की अपील पर सेना की पश्चिमी कमान ने सभी तरह की मदद देना का आश्वासन दिया है। इनमें मेडिकल स्टाफ, मेडिकली ट्रेंड अफसर आदि शामिल होंगे। साथ ही राज्य में ऑक्सीजन की कमी दूर करने में भी मदद मिलेगी। इसके लिए सेना अपने पुराने ऑक्सीजन प्लांट को दोबारा शुरु करेगी।
पश्चिमी कमान के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल आर पी सिंह ने मुख्यमंत्री के साथ एक वर्चुअल मीटिंग के बाद कहा कि सेना सभी तरह की मदद करेगी। सेना ने साथ ही 100 बेड का एक अस्पताल भी शुरु करने की पेशकश की है।
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मुख्यमंत्री ने बाद में राज्य सरकार और चिकित्सा विशेषज्ञों के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक अन्य समीक्षा बैठक में कहा कि सरकार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जरिए मैनपॉवर और आईसीयू बेड प्रदान करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से भी संपर्क कर रही है।
कमांड सेंटर द्वारा तकनीकी और विशेषज्ञ कवर प्रदान किया जाएगा, लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया, कि 15 प्रशिक्षित नर्सों को पहले ही पटियाला में भेजा गया है ताकि नागरिक कर्मचारियों का समर्थन किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने बाद में आंतरिक समीक्षा बैठक में कहा कि राज्य सरकार अपने घटते स्टॉक को पूरा करने के लिए मेडिकल ऑक्सीजन को सुरक्षित करने के लिए सभी प्रयास कर रही है। बैठक में सचिव उद्योग, आलोक शेखर ने बताया कि जालंधर और अमृतसर पिछले कुछ दिनों से ऑक्सीजन के मोर्चे पर संकट की स्थिति का सामना कर रहे हैं।
(आईएएनएस इनपुट के साथ)
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