
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि कुछ यूट्यूबर और मीडिया चैनल मेरे घर में घुस आए हैं और अंदर के दृश्य दिखा रहे हैं। यह न केवल मेरी प्राइवेसी का उल्लंघन है, बल्कि मेरे और मेरे परिवार के लिए सुरक्षा का गंभीर खतरा भी है। अगर इसके कारण असामाजिक तत्व मेरे घर पर मुझ पर हमला करते हैं, तो इसके लिए सीधे तौर पर ये यूट्यूबर और उन्हें कंट्रोल करने वाले ट्रोल ज़िम्मेदार होंगे!
दूसरी ओर सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास लगातार सरकार को भी घेर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को साफ-साफ बताना चाहिए कि पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया और 20 जुलाई और उसके बाद हुई बर्बरता के लिए किसने मंजूरी दी। यह सब सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के सामने ही नहीं बल्कि सरकार के हलफनामे के जरिए जनता के सामने भी रखा जाना चाहिए।
CJP ने चेतावनी दी है कि 25 जुलाई के जंतर-मंतर समझौते के तहत दिए गए आश्वासनों में किसी भी तरह की ढील हुई तो छात्र फिर से सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे। सौरव दास ने आगे कहा कि अगर सरकार अपनी बात का मान नहीं रखती है, तो देश की युवा पीढ़ी उसे कभी माफ नहीं करेगी और उन्हें फिर से सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। दास ने कहा कि दिल्ली सरकार की अधिसूचना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन प्रदर्शनकारियों से किए गए वादों को पूरी तरह से लागू किया जाना चाहिए।