
जम्मू के सुंजवान आर्मी कैंप पर आतंकवादियों के खिलाफ जारी सेना का ऑपरेशन खत्म हो गया है। इस हमले का मास्टरमाइंड पाकिस्तान का आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना अजहर मसूद है, इस हमले में पाकिस्तान सरकार ने भी आतंकवादियों की मदद की, और इसके लिए पाकिस्तान को नतीजा भुगतना होगा।
सुंजवान कैंप पर आतंकी हमले में जैश का हाथ होने की पुष्टि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को जम्मू में की। उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि हमले में जैश प्रमुख मसूद अजहर का हाथ था और पाकिस्तान ने भी आतंकवादियों की सहायता की। उन्होंने बताया कि फिलहाल आर्मी कैंप में क्विक रिएक्शन टीम यानी क्यू आर टी को तैनात कर दिया गया है।
यहां आपको बता दें कि मसूद अजहर वह आतंकवादी है, जिसे दिसंबर 1999 में तत्कालीन एनडीए सरकार ने भारतीय यात्रा विमान आईसी 814 के हाईजैक के बाद यात्रियों को सुरक्षित लौटाए जाने के बदले छोड़ा था। मसूद अजहर के साथ दो और आतंकवादियों शेख उमर और मुश्ताक अहमद जरगर को भी छोड़ा गया था। पाकिस्तानी आतंकवादियों ने काठमांडु से दिल्ली की उड़ान पर भारतीय विमान को हाईजैक कर लिया था और उसे अफगानिस्तान ले गए थे। बाद में यात्रियों को सुरक्षित छोड़ने के बदले आतंकियों ने भारतीय जेल में बंद इन तीनों आतंकवादियों को छोड़ने की शर्त रखी थी।
सीतारमण ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि आतंकवादी कुछ दिन पहले ही घुसपैठ करके जम्मू में दाखिल हुए थे। सीतारमण ने कहा कि अब तक तीन आतंकवादियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराय गया है। लेकिन शुरु में चार आतंकवादियों के होने बात सामने आई थी। माना जा रहा है कि चौथा आतंकी गाइड हो सकता है जिसने कैंप में प्रवेश ही नहीं किया हो।
निर्मला सीतारमण ने बताया कि हमले की पूरी जानकारी एनआईए को सौंप दी गई है और इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा ही है। उन्होंने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि पाक को इस नापाक हरकत के लिए कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि सुंजवान कैंप के अंदर अभी भी तलाशी अभियान जारी है। इसके साथ ही उन्होंने सुंजवान हमले के खत्म होने की घोषणा की।
- रक्षा मंत्री ने कहा कि, "जैश के जिस मॉड्यूल ने हमले को अंजाम दिया है, हो सकता है कि वो कुछ अरसा पहले भारत में दाखिल हुआ हो। इसकी भी संभावना है कि उन्हें ऑपरेशन से पहले लोकल सपोर्ट भी मिला हो। हमारे इंटेलिजेंस इनपुट इशारा करते हैं कि इन आतंकवादियों को सीमा पार बैठे हैंडलर्स कंट्रोल कर रहे थे।"
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