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बंगाल चुनावः पहले चरण से पहले ट्रिब्यूनल ने 27 लाख में से 136 नामों को दी मंजूरी, अब दे पाएंगे वोट

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि मतदान से दो दिन पहले जिन नामों को अपीलीय ट्रिब्यूनल से मंजूरी मिल जाएगी, उन्हें भी वोट डालने की अनुमति दी जाएगी। इसी निर्देश के तहत, अपीलीय ट्रिब्यूनलों द्वारा मंजूर किए गए 136 मतदाता गुरुवार को अपना वोट डाल सकेंगे।

बंगाल चुनावः पहले चरण से पहले ट्रिब्यूनल ने 27 लाख में से 136 नामों को दी मंजूरी, अब दे पाएंगे वोट
बंगाल चुनावः पहले चरण से पहले ट्रिब्यूनल ने 27 लाख में से 136 नामों को दी मंजूरी, अब दे पाएंगे वोट फोटोः IANS

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले चरण से एक दिन पहले चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े मामलों की पहली अपीलीय न्यायाधिकरण की पूरक सूची जारी की। इस सूची में कुल 27 लाख मामलों की समीक्षा की गई, जिनमें से केवल 136 नामों को ही मंजूरी दी गई है। जानकारी के अनुसार, इस सूची में दो ऐसे नाम भी शामिल हैं, जिन्हें पहले न्यायिक अधिकारियों ने मंजूरी दे दी थी, लेकिन अपीलीय न्यायाधिकरण ने उन्हें बाद में खारिज कर दिया।

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इस वर्ष 28 फरवरी को राज्य में मतदाताओं की अंतिम सूची जारी होने के बाद, लगभग 60 लाख से अधिक नामों को न्यायिक जांच के लिए भेजा गया था। यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार की गई थी और इसे 732 न्यायिक अधिकारियों ने पूरा किया था। इसमें पड़ोसी राज्यों झारखंड और ओडिशा से भी 100-100 अधिकारी शामिल थे। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद, जिन 60 लाख नामों की समीक्षा की गई थी, उनमें से लगभग 27 लाख नामों को सूची से हटाने योग्य माना गया।

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इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार इन 27 लाख मामलों को अपीलीय ट्रिब्यूनलों के पास भेजा गया। शीर्ष अदालत ने यह भी आदेश दिया था कि जिन नामों को अपीलीय ट्रिब्यूनल से मंजूरी मिल जाएगी, उन्हें मतदान के दिन से एक दिन पहले भी वोट डालने की अनुमति दी जाएगी। इसी निर्देश के तहत, अपीलीय ट्रिब्यूनलों द्वारा मंजूर किए गए 136 मतदाता गुरुवार को अपना वोट डाल सकेंगे। इसी तरह, 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के चुनाव के लिए भी यह व्यवस्था लागू होगी। जिन नामों को अपीलीय ट्रिब्यूनलों द्वारा 28 अप्रैल तक मंजूरी मिल जाएगी, वे मतदाता दूसरे चरण के मतदान में हिस्सा ले सकेंगे।

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चुनाव आयोग के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाना है, ताकि चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए जा सकें। आयोग का कहना है कि हर नाम की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और अंतिम निर्णय अपीलीय स्तर पर लिया गया है। चुनाव से पहले इस तरह की कार्रवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे बड़े पैमाने पर मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित हो गए हैं, जिसका सीधा असर चुनाव परिणाम पर पड़ेगा।

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पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान गुरुवार को होगा, जिसमें 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। वहीं, दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जिसमें बाकी बची 142 विधानसभा सीटों पर चुनाव कराया जाएगा। इन चुनावों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

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