
पश्चिम बंगाल चुनाव की हलचल के बीच प्रदेश कांग्रेस ने गुरुवार को ‘जनता का आरोपपत्र’ जारी किया, जिसमें राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार और बेरोजगारी से लेकर सांस्कृतिक पहचान और निधि आवंटन जैसे मुद्दों पर राज्य की जनता से विश्वासघात करने का आरोप लगाया गया है। इसमें आरोप लगाया गया कि बंगाल को ‘‘राज्य स्तर पर कुशासन और राष्ट्रीय स्तर पर उपेक्षा’’ का सामना करना पड़ा है।
Published: undefined
तृणमूल कांग्रेस सरकार को निशाना बनाते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य में ‘सिंडिकेट राज’ का उदय हुआ है, बड़े पैमाने पर घोटाले हुए हैं, भर्ती में अनियमितताएं हुई हैं, महिलाओं के खिलाफ बार-बार हिंसा हुई है और सांप्रदायिक अशांति फैली है। प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने ‘जनता का आरोपपत्र’ जारी करते हुए कहा, ‘‘बंगाल की जनता जवाबदेही की हकदार है, न कि दो दलों के बीच दोषारोपण की राजनीति की, जिन्होंने राज्य को निराश किया है।’’
Published: undefined
कांग्रेस के ‘जनता के आरोपपत्र’ में सारदा और रोज वैली चिट फंड मामलों, स्कूल भर्ती विवाद और राशन वितरण अनियमितताओं जैसे कथित घोटालों को वर्तमान शासन के तहत ‘‘संस्थागत भ्रष्टाचार’’ के उदाहरण के रूप में उद्धृत किया गया है। कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी पर राज्य की घोर उपेक्षा और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान पर हमला करने का आरोप लगाया है।
Published: undefined
कांग्रेस ने बीजेपी नीत केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए उस पर ‘‘व्यवस्थित रूप से बंगाल विरोधी भावना’’ को बढ़ावा देने, कल्याणकारी योजनाओं के लिए आवंटित केंद्रीय निधि को रोकने और बंगाल की भाषाई एवं सांस्कृतिक विरासत को कमजोर करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने दोनों से जवाबदेही की मांग करते हुए जनता से बदलाव के लिए आह्वान किया।
Published: undefined