
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए आज मतदान होगा। इस चरण में राजधानी कोलकाता समेत छह जिलों की 142 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। इस चरण में 3.21 करोड़ से अधिक मतदाता 1,448 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। बंगाल चुनाव का यह चरण निर्णायक होगा, जिसमें यह साफ हो जाएगा कि राज्य की सत्ता में टीएमसी बरकरार रहेगी या उसकी विदाई होगी।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, इन 142 सीटों पर कुल 3,21,73,837 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिला और 792 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। सभी मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र (एपिक) उपलब्ध करा दिए गए हैं। मतदाताओं में 100 वर्ष या उससे अधिक आयु के 3,243 वोटर हैं, जबकि 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं की संख्या 1,96,801 है। इसके अलावा 146 एनआरआई वोटर और 39,961 सर्विस वोटर भी इस चरण में मतदान करेंगे।
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इस चरण में कुल 1,448 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 1,228 पुरुष और 220 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। किसी भी सीट पर थर्ड जेंडर उम्मीदवार नहीं है। 142 सीटों में से 107 सामान्य श्रेणी की हैं, जबकि 34 सीटें अनुसूचित जाति (एससी) और एक सीट अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित है। दक्षिण 24 परगना जिले की भांगर सीट पर सबसे ज्यादा 15 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जबकि हुगली जिले की एक सीट पर सबसे कम पांच उम्मीदवार हैं।
कोलकाता के अलावा जिन जिलों में मतदान होगा उनमें नदिया, पूर्व बर्धमान, हुगली, दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना और हावड़ा शामिल हैं। कुल 41,001 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 39,301 मुख्य और 1,700 सहायक मतदान केंद्र हैं। सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। मतदान शांतिपूर्ण कराने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय बलों की 2,407 कंपनियां तैनात की गई हैं। इनके अलावा पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के जवान भी सुरक्षा में लगाए जाएंगे।
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दूसरे चरण के चुनाव में जिन विधानसभा क्षेत्रों में वोट डाले जाने हैं, उनमें भांगर में सबसे ज्यादा 19 उम्मीदवार, जबकि गोघाट में सबसे कम पांच प्रत्याशी हैं। इस चरण में जिन प्रमुख उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत का फैसला होना है, उनमें ममता भी शामिल हैं। ममता भवानीपुर से एक बार फिर चुनाव लड़ रही हैं। इस सीट पर उन्हें बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी से कड़ी चुनौती मिल रही है।
वहीं कोलकाता पोर्ट में वरिष्ठ तृणमूल कांग्रेस नेता फिरहाद हकीम का मुकाबला बीजेपी उम्मीदवार राकेश सिंह से है। अल्पसंख्यक बहुल इस निर्वाचन क्षेत्र को मध्य कोलकाता में सत्तारूढ़ पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अन्य महत्वपूर्ण सीटों में भाटपारा, जगतदल और बैरकपुर, बनगांव, दमदम, संदेशखाली, हिंगलगंज, राणाघाट उत्तर, राणाघाट दक्षिण, रासबिहारी, यादवपुर और बेलीगंज शामिल हैं।
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धुआंधार प्रचार अभियान के दौरान बीजेपी ने राज्य में अपनी पूरी फौज उतार दी। बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, यूपी के सीएम योगी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और दर्जनों केंद्रीय मंत्रियों ने राज्य में एक तरह से डेरा डाले रखा और घूम-घूमकर प्रचार किया।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी राज्य में पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी 25 साल के अंतराल के बाद बहरामपुर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि टीएमसी के गुंडे विरोधी आवाजों को डरा-धमका रहे हैं और उनकी हत्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग अब बीजेपी और टीएमसी दोनों को राज्य से हटाने का मन बना चुके हैं।
सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट ने तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी दोनों पर निशाना साधा, लेकिन उनके हमले ज्यादा तृणमूल कांग्रेस पर केंद्रित रहे। इन दलों ने आरोप लगाया कि तृणमूल और बीजेपी के बीच अंदरूनी मिलीभगत है। कांग्रेस के निशाने पर मुख्य रूप से बीजेपी रही। हालांकि पिछले हफ्ते अपनी आखिरी रैली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
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