
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे में टीएमसी को बड़ा झटका लगा है। राज्य की सत्ता गंवाने के साथ ही टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से भी अपना चुनाव हार गई हैं। बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने 15,105 वोटों के अंतर से सीएम ममता बनर्जी को चुनाव हरा दिया है। शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम विधानसभा सीट से भी जीत हासिल कर ली है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 10,200 वोटों के अंतर से हराया है। यह दूसरी बार है, जब ममता को अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। पिछले चुनाव में अधिकारी ने नंदीग्राम में बड़ा उलटफेर करते हुए ममता को हराया था।
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हालांकि, भवानीपुर सीट पर 15 राउंड की गिनती तक ममता बनर्जी शुभेंदु अधिकारी से काफी आगे चल रही थीं। लेकिन 16वें राउंड से शुभेंदु अधिकारी ने ममता को पीछे छोड़ते हुए बढ़त बना ली। 16वें राउंड के बाद शुभेंदु अधिकारी को 53,932 वोट मिले थे, जबकि ममता बनर्जी को 53,369 वोट हासिल हुए थे और शुभेंदु अधिकारी ममता से 563 वोटों के अंतर से आगे हो गए थे। इसके बाद अंतिम चार राउंड में शुभेंदु अधिकारी ने बढ़त बनाए रखी और 20वें राउंड के बाद 15 हजार से ज्यादा वोट से जीत हासिल कर ली।
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हालांकि, ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत को 'गलत' करार दिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने 100 से ज्यादा सीटें लूट ली हैं। हमने बंगाल के चीफ इलेक्शन ऑफिसर से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। ममता ने आरोप लगाया कि मुझे लात मारा गया, मुझे धक्का दिया। बीजेपी ने वोट लूटे हैं। उन्होंने मुझे घेर लिया। ये बीजेपी के लिए एक गलत जीत है। ये पूरी तरह से गैर-कानूनी है। मैंने चीफ इलेक्शन ऑफिसर से शिकायत की थी। हम वापस आएंगे।
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टीएमसी ने भी आरोप लगाया है कि कुछ विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने के बावजूद उनके उम्मीदवारों को अब तक जीत का प्रमाणपत्र नहीं दिया गया है। पार्टी के मुताबिक डायमंड हार्बर, मगरहाट पूर्व, मगरहाट पश्चिम, कुलपी, रायदीघी, पाथरप्रतिमा, बसंती, बर्धमान उत्तर और सुतई जैसी सीटों पर उनके उम्मीदवार जीत चुके हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर उन्हें विजेता घोषित करने की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है। बीजेपी बंगाल की 203 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं, टीएमसी अब महज 84 सीटों पर ही आगे चल रही है।
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चुनावी नतीजों के साथ ही एक बार फिर भवानीपुर सीट प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसी सीट से विधायक रही हैं। साथ ही, यह सीट लंबे समय से टीएमसी का गढ़ मानी जाती रही है। इस विधानसभा क्षेत्र के लिए दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान हुआ था। इस चुनाव में ममता बनर्जी की हार को देखें तो यह कुछ-कुछ 2021 के विधानसभा चुनाव नतीजों की तरह है जब ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट से हार का सामना करना पड़ा था। यहां से ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी ने हराया था।
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भवानीपुर का इतिहास राजनीतिक रूप से उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। 1951 में अस्तित्व में आने के बाद इस सीट ने कई चुनाव देखे। शुरुआती वर्षों में कांग्रेस का दबदबा रहा, जबकि एक बार वामपंथी दलों ने भी यहां जीत दर्ज की। बाद में यह सीट कालीघाट के नाम से जानी गई और फिर 2009-2011 के बाद दोबारा अस्तित्व में आई। 2011 के बाद से यह सीट तृणमूल कांग्रेस का गढ़ बनी रही। लेकिन, 2026 के चुनाव परिणाम में एक बार फिर टीएमसी का गढ़ ढह गया।
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