
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एससी-एसटी एक्ट मामले में पुनर्विचार याचिका दायर की है। इस मामले पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा ने तत्काल सुनवाई करने से मना कर दिया है।
उत्तर प्रदेश के डीआईजी (कानून व्यवस्था) ने बताया कि भारत बंद के दौरान राज्य में हुई हिंसा में 1 व्यक्ति की मौत हुई है, 3 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और 35 लोगों को हलकी चोट आई है। उन्होंने यह भी बताया कि 448 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, मध्य प्रदेश में भारत बंद के दौरान फैली हिंसा में 4 लोगों की मौत हुई है। हिंसक प्रदर्शन में लोगों के साथ कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भारत बंद का समर्थन करते हुए ट्वीट किया, “आम आदमी पार्टी एससी-एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उत्पन्न हुई स्थिति में दलित समाज के आंदोलन के साथ है। केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में याचिका के लिए देश के जाने माने वरिष्ठ वकीलों को पेश करे और एक्ट की जरुरत और उसकी मूलभावना को संरक्षित किया जाए।”
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिए गए फैसले में अगर परिवर्तन नहीं हुआ तो देश में दलितों के साथ वैसा ही सलूक होगा जैसा आजादी से पहले होता था। उन्होंने कहा कि भारत बंद के दौरान देश में जो जान-माल का नुकसान हुआ है उसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। आजाद ने कहा कि केंद्र सरकार भारत बंद के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करती।
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट में हुए बदलाव का कांग्रेस ने विरोध किया है। उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद ही कांग्रेस पार्टी के दोनों सदनों के सांसदों ने संसद परिसर में धरना दिया, उसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में 5-6 विपक्षी दलों का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भी मुलाकात की।”
मीडिया से बात करते हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा कि केंद्र सरकार की वजह से एससी-एसटी एक्ट कमजोर हुआ और देश में ऐसे हालत बने हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचारों में बड़े पैमाने पर बढ़ोत्तरी हुई है। आजाद ने कहा कि केंद्र सरकार एससी-एसटी एक्ट को कमजोर होने से रोकने के लिए ठीक से पैरवी नहीं की। आजाद ने कहा कि इसका साफ मतलब यह है कि केंद्र सरकार को दलितों और पिछड़े वर्ग में कोई दिलचस्पी नहीं है।
एससी-एसटी एक्ट में हुए बदलाव और भारत बंद को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और मल्लिकार्जुन खड़गे मीडिया को संबोधित कर रहे हैं। मीडिया से बात करते हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आजादी से पहले और आजादी के बाद हमेशा दलितों और कमजोरों की लड़ाई लड़ी है।
मेरठ की एसएसपी मंजिल सैनी ने कहा कि भारत बंद के दौरान हिंसा फैलाने के आरोप में बीएसपी के पूर्व विधायक योगेश वर्मा को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि योगेश वर्मा इस हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता हैं।
बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि भारत बंद के दौरान जिन लोगों ने हिंसा फैलाई है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने एससी-एसटी एक्ट में हुए बदलाव के विरोध में भारत बंद का समर्थन किया। उन्होंने ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “एससी-एसटी एक्ट में हुए बदलाव के विरोध में भारत बंद का मैं समर्थन करती हूं। मुझे पता चला है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने हिंसा फैलाई है, मैं उसकी निंदा करती हूं। प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के पीछे मेरी पार्टी का कोई हाथ नहीं है।”
भारत बंद के दौरान पटना में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने पार्टी के नेताओं के साथ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “भारत बंद के दौरान राष्ट्रीय जनता दल के सभी विधायकों के साथ बिहार विधानसभा से डाकबंगला चौराहा तक कई किलोमीटर पैदल मार्च कर भारत बंद का समर्थन किया। दलित-आदिवासी और पिछड़ों की एकजुटता की वजह से बंद सफल रहा। सभी क्रांतिकारी साथियों को साधुवाद।”
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने रोडवेज बसों में तोड़फोड़ कर आगजनी की।
यूपी के मुजफ्फरनगर में भारत बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों में आग लगा दी और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया।
भारत बंद के दौरान मध्य प्रदेश में कई जगहों पर हिंसा के बीच के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनता से राज्य में शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “भारत सरकार द्वारा आज सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन फाइल कर दी गई है। जनता से अनुरोध है कि वो कृपया शान्ति बनाए रखें। हमारी सरकार अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजाति के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।”
भारत बंद के दौरान मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान 19 लोग घायल हो गए हैं, इनमें दो लोगों की हालत गंभीर है। वहीं 3 अप्रैल सुबह 6 बजे तक ग्वालियर में इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी गई है।
भारत बंद के दौरान मध्य प्रदेश में कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, ग्वालियर और मुरैना में हुए हिंसक प्रदर्शन में 4 लोगों की मौत हो गई है।
भारत बंद के दौरान मेरठ समेत राज्य में कई जगहों पर हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। हिंसा को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य के डीजीपी से बात की और कानून-व्यवस्था का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने कई वरिष्ठ अधिकारियों से भी बात की है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ में बंद के दौरान कई जगहों पर उग्र प्रदर्शन देखने को मिला है। यहां प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी के साथ कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।
राजस्थान के अलवर में हिंसक प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प हो गई। इस दौरान पुलिस ने फायरिंग कर दी, जिसमें 3 युवक घायल हो गए हैं।
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक ने कहा कि भारत बंद को देखते हुए शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। उन्होंने कहा, “कई जगहों पर पुलिसबल तैनात किए गए हैं। हमारे वरिष्ठ अधिकारी क्षेत्रों में तैनात हैं। कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सभी जरुरी कदम उठाए जा रहे हैं।”
मध्य प्रदेश के मुरैना में फियरिंग में एक व्यक्ति की मौत के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात कर दिया गया है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भारत बंद को दौरान हिंसक प्रदर्शन देखने को मिला है। प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी को फायरिंग करते हुए देखा गया। शहर में प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर आगजनी कर तोड़फोड़ भी की है।
मध्य प्रदेश के मुरैना में प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी में एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई है। वहीं भिंड जिले में पुलिस फायरिंग में 5 लोग घायल हो गए हैं। इसके बाद इलके में हालात तनावपूर्ण हैं। प्रदर्शनकारियों ने कई दुकानों में आग लगा दी हैं।
दिल्ली के संसद मार्ग पर एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के खिलाफ बड़ी संख्या प्रदर्शनकारी जुटे हुए हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दलित संगठनों से आंदोलन वापस लेने की अपील की है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने एससी-एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका डाल दी है। हम दलित संगठनों से अपील करते हैं कि वे अपना आंदोलन वापस ले लें।”
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में भारत बंद के दौरान हिंसक प्रदर्शन देखने को मिला है। बंद के दौरान कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव कर आगजनी की। जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भारत बंद के दौरान हिंसक प्रदर्शन देखने को मिला है। गौशाला फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बाइक को आग के हवाले कर दिया।जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज किया। इस बीच दलित समाज के लोगों ने रेलवे ट्रैक जाम कर दिया है, जिससे ट्रेनों की आवाजाही रुक गई है। प्रदर्शन की वजह से कई ट्रेनें लेट हो गई हैं।
भारत बंद के दौरान उत्तराखंड के देहरादून में प्रदर्शनकारियों ने जबरदस्ती दुकानें बंद करवाई।
भारत बंद के दौरान मध्य प्रदेश के मुरैना में हिंसक प्रदर्शन देखने को मिला है। यहां आगजनी कर प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक पर जाम लगा दिया। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हवाई फायरिंग कर दी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। यही नहीं प्रदर्शनकारियों ने बस स्टैंड और बैरियर चौराहे पर पथराव कर कई वाहनों में तोड़फोड़ भी की। प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग के साथ आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के खिलाफ राजस्थान के जयपुर में बड़ी संख्या में दलित संगठनों से जुड़े लोग सड़कों पर उतरे हैं। जयपुर में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोक दी है और रेलवे ट्रैक पर जाम लगा दिया है।
बंद के दौरान यूपी के मेरठ में कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया है, जिसमें कई लोगों को चोटें आई हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के खिलाफ भारत बंद का समर्थन किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “दलितों को भारतीय समाज के सबसे निचले पायदान पर रखना आरएसएस और बीजेपी के डीएनए में है। जो इस सोच को चुनौती देता है, उसे वे हिंसा से दबाते हैं।हजारों दलित भाई-बहन आज सड़कों पर उतरकर मोदी सरकार से अपने अधिकारों की रक्षा की मांग कर रहे हैं। हम उनको सलाम करते हैं।”
भारत बंद के दौरान राजस्ठान के बाड़मेर में हिंसक प्रदर्शन देखने को मिला है। यहां दलित संगठनों और करणी सेना में झड़प के बाद प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों में आग लगा दी, साथ ही संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया।
भारत बंद के दौरान यूपी के मेरठ से हिंसक प्रदर्शन की खबर आ रही है। खबरों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने यहां के कंकरखेड़ा थाने की शोभापुर पुलिस चौकी को फूंक दिया है। इसके अलावा कई गाड़ियों में तोड़फोड़ के साथ आग लगाए जाने की भी खबर है।
बंद के दौरान यूपी के मेरठ में प्रदर्शनकारी उग्र हो गए हैं। मेरठ-हरिद्वार हाइवे पर प्रदर्शनकारियों ने काफी हंगामा किया और हाइवे पर जा रही गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए।
भारत बंद के दौरान राजस्थान के बाड़मेर में दलित संगठनों और करणी सेना में झड़प की खबर आ रही है। खबरों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया है, जिसमें कई प्रदर्शनकारियों को चोटें आई हैं।
एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के खिलाफ देशभर में महिलाएं भी सड़क पर उतरी हैं। राजस्थान के भरतपुर में महिलाओं ने रोड जामकर प्रदर्शन किया।
भारत बंद का उत्तर प्रदेश में भी अच्छा खासा असर देखने को मिल रहा है। एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के खिलाफ आगरा में बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं।
पंजाब के पटियाला में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोक दी है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई हैं।
भारत बंद के बीच इराक में मारे गए 38 भारतीयों के अवशेषों को भारत लाया जा रहा है। इसे लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे किसी भी सूरत में शव लाने में रुकावट पैदा न करें। विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह 1 अप्रैल को 38 भारतीयों के अवशेषों को लाने के लिए मोसुल रवाना हुए थे। उन्हें मोसुल में इराक सरकार के अधिकारियों ने भारतीयों के अवशेषों को सौंप दिया है। वीके सिंह मोसुल से भारतीयों के अवशेषों के साथ आज भारत लौट रहे हैं। भारत लौटने के बाद वे सबसे पहले पंजाब के अमृतसर जाएंगे और मृतकों के परिजनों को अवशेष सौंपेंगे, इसके बाद वे पटना और कोलकाता जाकर मृतकों के परिजनों को अवशेष सौंपेंगे।
भारत बंद के दौरान बिहार में कई जगहों पर भीम सेना का प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। मधुबनी, दरभंगा, अररिया, सुपौल, जहानाबाद और आरा में भीम सेना ने रेल रोकी और सड़कों पर जाम लगा दिया है।
आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एससी-एसटी एक्ट को लेकर केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “पहले आप यह बताएं कि सुप्रीम कोर्ट के सामने एससी-एसटी मामले में सही तथ्य पेश करने में असमर्थ क्यों थे? समीक्षा याचिका की बजाय आप एससी-एसटी एक्ट पर एक अध्यादेश क्यों नहीं लेकर आए?”
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के अनुसार, एससी-एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार आज पुनर्विचार याचिका दायर करेगी।
दलित संगठनों के देशव्यापी बंद को देखते हुए पंजाब में स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी कर दी गई है।
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Published: 02 Apr 2018, 8:48 AM IST