
मोदी सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ मजदूर संघों के लगभग हजार सदस्यों ने एकजुट होकर मंगलवार को यहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। यह मार्च देशभर के 10 केंद्रीय मजदूर संघों के सदस्यों द्वारा आयोजित गतिविधियों का ही हिस्सा था। संघों ने दो दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है। कई बैंकों, परिवहन, औद्योगिक कार्यबल संघों के अलावा गोवा सरकार का कर्मचारी संघ भी हड़ताल में शामिल है। इसके चलते राज्य सरकार को आवश्यक सेवा रख-रखाव अधिनियम लागू करने पर बाध्य होना पड़ा।
ओडिशा में विभिन्न मजदूर संगठनों द्वारा केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ आहूत दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। राज्य के कई शहरों में लोगों को बसों और ऑटो रिक्शा को पाने में कठिनाई हो रही है क्योंकि प्रदर्शनकारी विभिन्न स्थानों पर सड़कों पर आवागमन बाधित कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कई रेलवे स्टेशनों पर भी पटरियों को बाधित कर दिया जिससे ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हुआ। इसके अलावा राज्य में बड़ी संख्या में दुकानें, व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी बंद हैं।
हड़ताल के मद्देनजर राज्य सरकार ने मंगलवार को सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने की घोषणा की है। सत्तारूढ़ बीजू जनता दल और विपक्षी कांग्रेस ने हड़ताल को अपना समर्थन दिया है। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के राज्य सचिव सौरीबंधु कार ने कहा कि केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखा जाएगा।
मजदूर संगठन न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, सरकारी उद्यमों के निजीकरण को रोकने, रेलवे, बैंकों और बीमा क्षेत्रों में विदेशी निवेश को बंद करने और बेरोजगार युवाओं के लिए नौकरियों सहित 12 सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं।
(आईएएनएस के इनपुट के साथ)
मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मजदूर संघों द्वारा बुलाई गई 48 घंटे की देशव्यापी हड़ताल का मंगलवार को कर्नाटक में असर देखने को मिला। कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसें राज्य में अधिकतर स्थानों पर सड़कों से नदारद रहीं, जिससे लोगों को यात्रा करने के लिए निजी बसों, ऑटो, टैक्सी और मेट्रो का इस्तेमाल करना पड़ा।
यूनियनों ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने श्रमिकों के मुद्दों पर उनकी 12 सूत्री मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने आगे कहा कि श्रम मामलों पर वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों के समूह ने 2 सितंबर 2015 के बाद यूनियनों से बातचीत के लिए कभी नहीं बुलाया।
भारत बंद का समर्थन कर रहीं यूनियनों ने हड़ताल के दूसरे दिन यानि कि बुधवार को राजधानी में मंडी हाउस से संसद की ओर विरोध रैली निकालने की घोषणा की है। उनका कहना है कि देश में अन्य स्थानों में भी जुलूस निकाले जाएंगे।
पश्चिम बंगाल में लेफ्ट पार्टी की अगुवाई में जाधवपुर और सियालदह जैसे तमाम जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए गए। रेलवे स्टेशन प्रदर्शनकारियों से भरे रहे जिससे ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही। वहीं कोलकाता में प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर पीएम मोदी के पुतले जलाए।
मुंबई में बेस्ट बसों की हड़ताल के चलते मंगलवार को सुबह से एक भी बस डिपो से नहीं निकली है। अपनी मांगों को लेकर यूनियनों की बुलाई गई इस हड़ताल से आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
मुंबई में बृहनमुंबई इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट की अनिश्चितकालीन हड़ताल के मद्देनज़र राज्य यातायात विभाग 40 अतिरिक्त बसें चला रहा है। बेस्ट ने कर्मचारी सेवा आवास और बेस्ट के बजट को बीएमसी के मुख्य बजट में मिला दिए जाने की मांगों को लेकर हड़ताल की है।
भारत बंद के दौरान पश्चिम बंगाल के आसनसोल में टीएमसी और सीपीएम के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। दोनों ही पार्टियों के कर्मचारियों के बीच झड़प की वजह से पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा है।
केरल में सेंट्रल ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाई गई 48 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान कोच्चि और त्रिवेंद्रम में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के विरोध प्रदर्शन की वजह से नेशनल हाईवे 16 पर यातायात प्रभावित हुआ है।
दिल्ली में ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स के सदस्यों ने न्यूनतम पारिश्रमिक, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की मांग के अलावा सार्वजनिक और सरकारी सेक्टर के निजीकरण के खिलाफ बुलई गई हड़ताल के दौरान पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया।
देशभर के विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने मोदी सरकार की नीतियों के विरोध में मंगलवार से दो दिवसीय बंद का आह्वान किया है। कर्नाटक में राज्य सड़क परिवहन निगम ने भी बंद को समर्थन दिया है, ट्रेड यूनियनों की हड़ताल के समर्थन में केएसआरटीसी की बसें और कुछ निजी बसें भी सड़कों से नदारद हैं, जिसके कारण यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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Published: 08 Jan 2019, 9:42 AM IST