
हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने जाटों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने का फैसला तो कर लिया, लेकिन अब इसे लेकर बीजेपी सांसद राजकुमार सैनी ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने जाटों के खिलाफ दर्ज केस वापस लिए जाने के राज्य सरकार के फैसले का विरोध किया है। सांसद राजकुमार सैनी ने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है। राज्य सरकार को दबाव में आकर जाटों के खिलाफ दर्ज केस को वापस नहीं लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से प्रदेश की दूसरी 35 बिरादरियों के लोगों में सरकार को लेकर गलत संदेश जा रहा है।
भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर अमित शाह की जिंद में रैली नहीं होने देने की चेतावनी के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जाट नेताओं के साथ बैठक की थी। इस बैठक के बाद सरकार ने 2016 में जाटों के खिलाफ दर्ज 70 से ज्यादा मुकदमों को वापस लेने का ऐलान किया था। सरकार के इस फैसले से 822 लोगों को राहत मिलने की बात कही जा रही थी। यही नहीं इससे पहले भी जाटों के खिलाफ दर्ज करीब 200 केस वापस लिए जा चुके हैं।
फरवरी, 2016 में जाट आंदोलन के दौरान राज्य में हिंसा भड़की थी। जिसके बाद प्रदेश सरकार ने जाटों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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Published: 15 Feb 2018, 1:56 PM IST