
पश्चिम बंगाल में चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में शुरू हुई टूट के बीच पार्टी सांसद कीर्ति आजाद ने बीजेपी पर निशाना साधा है। आजाद ने आरोप लगाया कि बीजेपी विपक्षी दलों को खत्म करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि शिव सेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बाद अब टीएमसी निशाने पर है।
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टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि ऑपरेशन लोटस कभी फेल नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ही तृणमूल कांग्रेस में फूट डालने की कोशिश कर रही है। इस घटनाक्रम से तृणमूल कांग्रेस को कोई नुकसान नहीं होगा। पार्टी ममता बनर्जी के नाम और संघर्ष पर खड़ी हुई है। कोई भी यह दावा नहीं कर सकता कि वह तृणमूल में केवल अपनी व्यक्तिगत क्षमता के दम पर चुनाव जीतता है।
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बागी सांसदों को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी को पहले से अंदेशा था कि कुछ सांसद ऐसा कदम उठा सकते हैं। कुछ सांसदों के घरों पर सीआईडी की छापेमारी हुई थी, बीजेपी कार्यकर्ता उन्हें धमका रहे थे और स्थानीय लोगों को उनके घरों तक नहीं पहुंचने दिया जा रहा था। पहली बार चुने गए कई सांसद डर के माहौल में थे।
बीजेपी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, "ऑपरेशन लोटस कभी फेल नहीं होता।" उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि सांसदों को पार्टी से शिकायत थी तो विधानसभा चुनाव में हार के बाद ही ऐसा कदम क्यों उठाया गया। पत्र पर किए गए हस्ताक्षर अलग-अलग समय पर लिए गए प्रतीत होते हैं क्योंकि उनमें इस्तेमाल की गई स्याही अलग-अलग दिख रही है।
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तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा ममता बनर्जी को खुद और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी में से किसी एक को चुनने की कथित चेतावनी पर कीर्ति आजाद ने कहा कि इस मामले को पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी स्वयं देखेंगी। उन्होंने कहा कि कल्याण बनर्जी पार्टी के मजबूत और समर्पित सिपाही हैं और उनके पार्टी छोड़ने की संभावना नहीं दिखती।
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कीर्ति आजाद ने आरोप लगाया कि बीजेपी विपक्षी दलों को खत्म करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि शिव सेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पहले ही विभाजित हो चुकी हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि बीजेपी नहीं चाहती कि देश में मजबूत विपक्ष मौजूद रहे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी संसद में परिसीमन विधेयक (डिलिमिटेशन बिल) पारित कराने के लिए दो-तिहाई समर्थन जुटाने की रणनीति पर काम कर रही है।
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