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बृजभूषण शरण सिंह को कोर्ट की आखिरी मोहलत, महिला पहलवानों की अपील पर एक हफ्ते में देना होगा जवाब

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों की अपील पर बृजभूषण शरण सिंह को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया है।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

  • दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का अंतिम मौका दिया है।

  • चार महिला पहलवानों ने बृजभूषण और विनोद तोमर को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी है।

  • कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बृजभूषण को जवाब दाखिल करने के लिए अब और समय नहीं दिया जाएगा।

  • ट्रायल कोर्ट ने 3 अगस्त को अभियोजन पक्ष के आरोप संदेह से परे साबित नहीं होने के आधार पर दोनों को बरी किया था।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत देने वाले ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया है। बुधवार, 28 अक्टूबर को अदालत ने उन्हें एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब पेश करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने साफ कर दिया कि इसके बाद जवाब दाखिल करने के लिए कोई और मौका नहीं दिया जाएगा।

यह मामला चार महिला पहलवानों की उस अपील से जुड़ा है, जिसमें बृजभूषण शरण सिंह को कथित यौन उत्पीड़न के मामले में बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है। अपील में WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को आपराधिक धमकी के आरोप से बरी किए जाने के फैसले को भी चुनौती दी गई है।

महिला पहलवानों ने बरी किए जाने के फैसले को दी चुनौती

अपीलकर्ताओं का कहना है कि ट्रायल कोर्ट का फैसला कानून के अनुरूप नहीं है और मामले के रिकॉर्ड में मौजूद सबूतों का सही आकलन नहीं किया गया। इसी अपील पर सुनवाई करते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट ने 28 सितंबर को बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इसके बाद 9 अक्टूबर को अदालत ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया और अगली सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तारीख तय की थी।

3 अगस्त को ट्रायल कोर्ट ने किया था बरी

इस मामले में 3 अगस्त को एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया था। अदालत ने कहा था कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा। इसके बाद चार महिला पहलवानों ने इस फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर की।

2023 में जंतर-मंतर पर हुआ था पहलवानों का प्रदर्शन

यह विवाद जनवरी 2023 में सामने आया था, जब ओलंपियन विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया समेत कई पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और धमकी देने के आरोप लगाए थे। उन्होंने WFI अध्यक्ष पद से उनके इस्तीफे और महासंघ को खत्म करने की मांग भी की थी।

शिकायतों के बाद भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा के नेतृत्व में जांच समिति गठित की गई थी। इसके बाद केंद्रीय खेल मंत्रालय ने WFI के कामकाज को निलंबित कर दिया था। मई 2024 में राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न और पांच महिला पहलवानों की गरिमा को ठेस पहुंचाने से संबंधित आरोप तय किए थे। बृजभूषण ने खुद को निर्दोष बताया था और मुकदमे का सामना करने का फैसला किया था।

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