
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शुक्रवार को वायु गुणवत्ता में सुधार का दावा करते हुए दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्ययोजना- जीआरएपी के तीसरे चरण के तहत लगाए गए प्रतिबंध हटा दिए। इससे पहले 24 दिसंबर को ग्रैप-4 की पाबंदियां हटा ली गई थीं। एनसीआर में जीआरएपी के पहले और दूसरे चरण के तहत सभी प्रतिबंध और कार्रवाइयां लागू रहेंगी।
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एक अधिकारी ने बताया, “दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गुरुवार को 380 दर्ज किया गया था। एक्यूआई में शुक्रवार शाम चार बजे तक उल्लेखनीय सुधार हुआ और यह 236 दर्ज किया गया, जो एक सकारात्मक रुझान दर्शाता है। वायु गुणवत्ता के मौजूदा रुझान को देखते हुए आयोग की जीआरएपी उप-समिति ने मौजूदा तीसरे चरण के तहत परिकल्पित सभी कार्रवाइयों को पूरे एनसीआर में तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया है।” अधिकारी ने बताया, “एनसीआर में जीआरएपी के पहले और दूसरे चरण के तहत सभी कार्रवाइयां लागू रहेंगी।”
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इससे पहले 24 दिसंबर को दिल्ली-एनसीआर में हवा में सुधार के बाद प्रदूषण से राहत मिलने का दावा करते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रैप के स्टेज-IV की पाबंदियां हटा दी थी। सीएक्यूएम ने दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उससे सटे क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में लगातार सुधार का दावा करते हुए ग्रैप के स्टेज-IV के तहत लागू कड़े प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्णय लिया था।
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ग्रैप पर गठित उप-समिति ने क्षेत्र की वायु गुणवत्ता की समीक्षा की। समिति ने पाया कि तेज हवाओं और अनुकूल मौसम के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया कि स्टेज-I और II के अंतर्गत सभी उपाय 21 नवंबर के संशोधित ग्रैप के अनुसार पूरे एनसीआर में सख्ती से लागू और निगरानी में रहेंगे, ताकि वायु गुणवत्ता फिर से 'अति गंभीर' श्रेणी में न पहुंचे। सभी संबंधित एजेंसियों को उपायों को और अधिक तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
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