हालात

चमोली सुरंग हादसा: मलबे से एक और लापता श्रमिक का शव बरामद, मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हुई

सुरंग में भूस्खलन के बाद मलबा और पानी भरने से हुए हादसे में अब मरने वालों की संख्या नौ हो गयी है जबकि एक अन्य अभी लापता है । हादसे में 12 अन्य श्रमिक घायल भी हुए थे ।

फोटोः IANS
फोटोः IANS 

उत्तराखंड में चमोली जिले के पीपलकोटी में पिछले सप्ताह हुए सुरंग हादसे में लापता श्रमिकों में से एक का मंगलवार को शव बरामद हो गया जिससे दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गयी । अधिकाारियों ने यह जानकारी दी ।

चमोली के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी ने बताया कि 13 अगस्त की शाम को हुए हादसे के बाद से विभिन्न एजेंसियों द्वारा लगातार चलाए जा रहे तलाश अभियान के दौरान एक और श्रमिक का शव बरामद हुआ है। उन्होंने बताया कि शव को गोपेश्वर जिला अस्पताल भेजा गया है और उसकी पहचान की जा रही है।

सुरंग में भूस्खलन के बाद मलबा और पानी भरने से हुए हादसे में अब मरने वालों की संख्या नौ हो गयी है जबकि एक अन्य अभी लापता है । हादसे में 12 अन्य श्रमिक घायल भी हुए थे ।

अधिकारियों ने बताया कि लापता श्रमिक की तलाश के लिए युद्धस्तर पर बचाव एवं राहत अभियान चलाया जा रहा है । हादसे के बाद से राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), पुलिस और अन्य एजेंसियों की संयुक्त टीम लगातार राहत एवं बचाव कार्य चला रही है।

अधिकारियों ने बताया कि सुरंग के भीतर काफी दलदल होने के बावजूद तलाश अभियान जारी है और प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच सभी टीम आपसी समन्वय से अभियान को आगे बढ़ा रही हैं।

उन्होंने बताया कि सुरंग में जमा मलबे और कीचड़ (स्लज) को लगातार हटाया जा रहा है और पानी को तेजी से बाहर निकाला जा रहा है । उन्होंने बताया कि सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए उपलब्ध संसाधनों और सक्शन पंपों सहित अन्य उपकरणों की मदद से पानी एवं स्लज को हटाया जा रहा है, ताकि बचाव टीमों की आवाजाही सुगम हो सके और संभावित स्थानों तक पहुंचकर लापता श्रमिक की तलाश की जा सके।

चमोली के जिला सूचना अधिकारी धीरज कार्की ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि हादसे के दौरान सुरंग के भीतर फंसी पांच जेसीबी मशीनों में से अब तक तीन को बाहर निकाला गया है जिससे खोजबीन के कार्य में तेजी आई । उन्होंने बताया कि हादसे के दौरान मलबे में फंसी बाकी दो मशीनें भी जल्द बाहर निकाल ली जाएंगी।

इस बीच, चमोली जिले में ही तपोवन-ज्योतिर्मठ क्षेत्र में स्थित राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) की 520 मेगावाट तपोवन-विष्णुगाड जलविद्युत परियोजना की मुख्य सुरंग में भूधंसाव से बने एक छोटे गड्ढे (कैविटी) को भरा जा रहा है ।

एनटीपीसी के अधिकारियों के अनुसार, 15 अगस्त को गड्ढा बनने के बाद उससे पानी का रिसाव होने लगा जिसके बाद एहतियातन सभी श्रमिकों को तत्काल बाहर निकालकर खुदाई का काम रोक दिया गया था । उन्होंने कहा कि तकनीकी विशेषज्ञ गड्ढे को भरने का काम कर रहे हैं और कार्य के पूरा होने के बाद ही सुरंग निर्माण का काम दोबारा शुरू किया जाएगा।