
पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से सच बोलने वाले लोगों की बातें सुननी चाहिए। उन्होंने अरविंद पनगढ़िया, रघुराम राजन और अरविंद सुब्रमण्यम जैसे अर्थशास्त्रियों द्वारा किए अवलोकनों का संदर्भ देते हुए यह बात कही।
उन्होंने ट्वीट कर कहा, “सरकार को सच कहने वाले लोगों की बात सुननी चाहिए। आज तीन प्रसिद्ध अर्थशास्त्रियों ने यह किया।” उन्होंने कहा, “सबसे पहले डॉ अरविंद पनगढ़िया ने सरकार की व्यापार नीति की अज्ञानता और आयात संबंधी विकल्प पर हड़बड़ाहट के बारे में स्पष्ट रूप से लिखा।”
उन्होंने कहा, “दूसरा, डॉ रघुराम राजन ने ज्ञान प्रधान समाज बनाने के लिए विरोध को सहन करने की जरूरत के बारे बात की है और तीसरा डॉ अरविंद सुब्रमण्यम, जिन्होंने अपने अनुभव के आधार पर कहा कि मुख्य आर्थिक सलाहकार को हमेशा क्यों ईमानदार और निस्वार्थ सलाह देनी चाहिए। उन्हें इस बात का दुख है कि नोटबंदी पर उनकी सलाह नहीं ली गई।"
चिदंबरम ने ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ में छपे अरविंद पनगढ़िया के एक लेख का संदर्भ दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि आयात संबंधी नई नीति अर्थव्यवस्था को अर्श से फर्श पर ले आएगी।
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Published: 25 Jul 2018, 5:12 PM IST