
देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर नागरिकता संशोधन कानून को लेकर तनाव में है। लेकिन इस बार तनाव को आसानी से टाला जा सकता था, बशर्ते दिल्ली पुलिस ने बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के ऐलान का गंभीरता से संज्ञान लिया होता। हद तो यह है कि कपिल मिश्रा खुलेआम पुलिस अफसरों की मौजूदगी में धमकी दे रहे हैं कि वे पुलिस की भी नहीं सुनेंगे और कानून अपने हाथ में लेंगे। सीएए का विरोध करने वालों के खिलाफ भड़काऊ बयान दे रहे हैं। सीएए का विरोध कर रहे लोगों पर हमला करने के लिए लोगों को उकसा रहे हैं। लेकिन मोदी सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाली दिल्ली पुलिस सिर्फ देख रही है। पुलिस की मौजूदगी में पथराव हो रहा है, पुलिस की आड़ लेकर पथराव हो रहा है, लेकिन दिल्ली पुलिस सिर्फ देख रही है।
रविवार को सारा वबाल उस समय शुरु हुआ जब बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने लोगों से मौजपुर पहुंचने की अपील करते हुए ट्वीट किया कि सीएए के समर्थन में प्रदर्शन करना है। उन्होंने दोपहर करीब 2 बजे ट्वीट किया कि 3 बजे से मौजपुर रेडलाइट पर सीएए के समर्थन में प्रदर्शन होगा। उन्होंने कहा कि डंके की चोट पर जाफराबाद के ठीक सामने प्रदर्शन होगा। ध्यान रहे कि जाफराबाद इलाके में कल रात से महिलाओं ने सीएए के खिलाफ प्रदर्शन शुरु किया है
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कपिल मिश्रा की इस घोषणा के बाद वहां लोगों की भीड़ जुटने लगी। लेकिन पुलिस बड़े सुकून से यह सब होते देखती रही, मानो कुछ होने का इंतजार कर रही है। देखते-देखते वहां प्रदर्शन शुरु हो गया। इसी दौरान वहां से भीम आर्मी के कुछ समर्थक नारेबाजी करते हुए वहां से गुजरे। भीम आर्मी ने रविवार को भारत बंद का ऐलान किया था। सीएए समर्थकों की भीम आर्मी से नारेबाजी को लेकर कहासुनी हो गई। दोनों ही पक्षों में हाथापाई भी हुई और भीम आर्मी के लोगों को पीटा गया और उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की गई। भीम आर्मी के लोग तो वहां से चले गए। इसी बीच डीसीपी वेदप्रकाश सूर्या वहां पहुंच गए और सीएए समर्थकों से जगह खाली करने की अपील की।
इसी दौरान अचानक पथराव शुरु हो गया। सीएए विरोधी और समर्थक आमने-सामने आ गए और करीब एक घंटे तक एकदूसरे पर पथराव हुआ। इसके बाद ही पुलिस बल वहां पहुंचे।
लेकिन इस दौरान कपिल मिश्रा ने और भी भड़काऊ ट्वीट किए।
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बात यहीं नहीं रुकी। कपिल मिश्रा ने डीसीपी के सामने ही धमकी भी दे डाली कि सिर्फ ट्रंप के दौरे तक वे रुके हैं। उन्होंने पुलिस को तीन दिन का अल्टीमेटम दे दिया कि इसके बाद वे कुछ भी कर सकते हैं, और पुलिस की बीत भी नहीं मानेंगे। इस बार उन्होंने पुलिस को अल्टीमेटम देने वाला वीडियो शेयर किया।
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इस बीच दिल्ली पुलिस ने कहा है कि अभी भी कुछ लोग सड़क पर हैं और शांति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है
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इस सबके दौरान दोनों पक्षों की भिड़ंत में दोनों तरफ से करीब दर्जनभर लोग घायल गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसूगैस के गोले छोड़े। प्रदर्शन और हालात के मद्देनजर मौजपुर-बाबरपुर मेट्रो स्टेशन को बंद कर दिया गया। हालात को सामान्य बनाने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद है।
मौजपुर चौक पर भी कानून के समर्थन में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर श्मशान घाट चौक पर कानून के विरोध में प्रदर्शन चला। खास बात यह कि दोनों पक्ष करीब 500 मीटर की दूरी पर अपनी-अपनी मांगों को लेकर नारे लगा रहे थे। समर्थन और विरोध में हो रहे प्रदर्शन को देखते हुए सीलमपुर रोड को बंद कर दिया था, लेकिन करीब 10 बजे इस सड़क को खोल दिया गया है, ताकि वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से चलती रहे। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों को तैनात किया है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
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