
कांग्रेस ने रविवार को उमेश मेती और समर्थ मल्लिकार्जुन को बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवार घोषित किया। कांग्रेस विधायक एच वाई मेती और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया था।
कांग्रेस ने दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में दिवंगत विधायकों के परिवार के सदस्यों को टिकट दिए। उमेश मेती एच वाई मेती के पुत्र हैं, जबकि समर्थ मल्लिकार्जुन शमनूर शिवशंकरप्पा के पोते हैं। समर्थ के पिता एस एस मल्लिकार्जुन कर्नाटक सरकार में मंत्री हैं और दावणगेरे जिले के प्रभारी हैं, जबकि उनकी मां प्रभा मल्लिकार्जुन इस क्षेत्र से संसद सदस्य हैं।
अपनी केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी के बाद बीजेपी ने पहले ही बागलकोट से वीरभद्रय्या चरंतिमठ और दावणगेरे दक्षिण से श्रीनिवास टी दासकारियप्पा को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है और चुनाव नौ अप्रैल को होंगे।
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पिछले दो दिन में बेंगलुरु में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार (जो पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं) समेत कई नेताओं के साथ दोनों सीटों के उम्मीदवारों के संबंध में चर्चा की।
शुक्रवार को दावणगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से टिकट के इच्छुक उम्मीदवार समर्थ और सादिक पहलवान ने अपना नामांकन दाखिल किया, हालांकि पार्टी ने तब तक आधिकारिक तौर पर उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की थी।
अपने नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद, समर्थ ने कहा कि शुभ दिन होने के कारण उन्होंने नामांकन दाखिल किया और पार्टी द्वारा आधिकारिक तौर पर उन्हें टिकट दिए जाने की घोषणा के बाद वह नामांकन पत्रों का एक और सेट दाखिल करेंगे।
शमनूर शिवशंकरप्पा के परिवार और समर्थकों ने दावणगेरे दक्षिण सीट से उनके पोते समर्थ को उम्मीदवार बनाने की मांग की, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम समुदाय की ओर से भी टिकट की जोरदार मांग थी, क्योंकि इस क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय की अच्छी खासी आबादी है।
बागलकोट में, पार्टी सूत्रों के अनुसार हालांकि मेती के परिवार को टिकट मिलने के संकेत थे, लेकिन उनके बेटों और बेटियों के बीच कड़ा मतभेद था क्योंकि हर कोई चुनाव लड़ना चाहता था।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए