
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शुक्रवार को दावा किया कि उनकी पार्टी का राज्य के पांच शहरों में महापौर होगा और पूरे राज्य में करीब 350 पार्षद होंगे। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र की कम से कम 10 महानगरपालिकाओं की सत्ता व्यवस्था में कांग्रेस की हिस्सेदारी होगी।
कांग्रेस के मुताबिक, पार्टी लातूर, चंद्रपुर, भिवंडी (ठाणे जिला), परभणी और कोल्हापुर में अपना महापौर नियुक्त करने की स्थिति में है। ये पांच महानगरपालिकाएं उन 29 महानगरपालिकाओं में शामिल हैं, जहां 15 जनवरी को मतदान हुआ था और शुक्रवार को मतगणना हो रही है।
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सपकाल ने बुलढाणा में कहा कि महानगरपालिका चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन पूरी तरह से संतोषजनक नहीं है, लेकिन पार्टी ने अपने सिद्धांतों से समझौता किए बिना एक ‘वैचारिक लड़ाई’ लड़ी और राज्य में प्रमुख विपक्षी ताकत के रूप में उभरी। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस आज महाराष्ट्र में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। जहां भी संभव हुआ, हमने पार्टी को वैचारिक और संगठनात्मक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा, जबकि कुछ स्थानों पर गठबंधन कर मैदान में उतरे।’’
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सपकाल ने चुनावों में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए सत्तारूढ़ बीजेपी नीत ‘महायुति’ गठबंधन पर धनबल का दुरुपयोग करने और फर्जी मतदान को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने पार्टी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा, ‘‘बड़े पैमाने पर रुपये बांटे गए, फर्जी मतदान हुआ। इसके बावजूद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी की आक्रामक राजनीति के खिलाफ मजबूती से डटकर मुकाबला किया। यह हमारे कार्यकर्ताओं के दृढ़ संकल्प की जीत है।’’
कांग्रेस नेता ने विशेष रूप से मुंबई का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि बीएमसी चुनावों में बीजेपी की सफलता ‘धांधली’ का नतीजा है। सपकाल ने कहा, ‘‘वार्ड परिसीमन से लेकर मशीनों (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के उपयोग और स्याही से संबंधित मुद्दों तक, सब कुछ धांधली का हिस्सा था। निर्वाचन आयोग को बीजेपी के इशारे पर काम करना बंद कर देना चाहिए।’’
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महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने फर्जी मतदाताओं, प्रलोभनों, उम्मीदवारों की खरीद-फरोख्त और निर्वाचन आयोग के ‘‘अप्रभावी कामकाज’’ के उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘लोकतंत्र और संविधान खतरे में हैं। बीजेपी और उसके सहयोगी सत्ता की लालच में नैतिक रूप से बेहद निचले स्तर पर चले गए हैं।’’
सपकाल ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अपना वैचारिक संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह संघर्ष का समय है। हम हार से निराश नहीं हैं और अगली लड़ाई के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।’’ सपकाल ने सत्तारूढ़ गठबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि अधिनायकवाद कुछ समय के लिए मजबूत तो दिख सकता है, लेकिन अंततः उसका पतन हो जाता है।
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