
दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में बहुमंजिला इमारत गिरने से अब तक छह लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि रातभर चले अभियान के दौरान एक और व्यक्ति के शव को मलबे से निकाला गया। फिलहाल, 11 लोगों को बचा लिया गया है, जबकि कई अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका है।
सत्य निकेतन में इमारत ढहने के बाद रातभर राहत और बचाव अभियान जारी रहा। सोमवार सुबह भी दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस और डीडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव काम में जुटी हैं। मलबे उठाने का काम भी जारी है। अधिकारियों ने बताया कि मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। इनमें अधिकतर छात्र हैं।
हादसा रविवार दोपहर करीब 1.30 बजे हुआ। उस समय इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। अधिकारियों ने यह भी आशंका जताई कि भारी बारिश भी इस घटना का कारण हो सकती है। लगभग 40-50 साल पुरानी इस इमारत में एक बेसमेंट और पांच ऊपरी मंजिलें थीं। इसका इस्तेमाल छात्रों के लिए पीजी के तौर पर किया जा रहा था, जिनमें से कई छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस में पढ़ाई कर रहे थे।
पुलिस ने बताया कि परिसर में लगभग 40 लोगों के ठहरने के कमरे थे। वहीं, रविवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बहुमंजिला इमारत के ढहने की घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इमारत गिरने के कारणों की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया और इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रेखा गुप्ता ने घटनास्थल पर स्थिति का जायजा लेने के बाद कहा, "इस गंभीर घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों को पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाएगा और कानून के कड़े प्रावधानों के तहत उनसे निपटा जाएगा।" पुलिस के अनुसार, मालिक हरिराम और अन्य के खिलाफ साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है।
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