
दिल्ली में आज से 31 जनवरी तक बाहर पंजीकृत BS-6 से नीचे के पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू किया गया है।
आया नगर, अफसरा और सीमापुरी समेत कई बॉर्डर पर परिवहन विभाग की टीमें वाहनों के उत्सर्जन मानकों की जांच कर रही हैं।
प्रतिबंधित श्रेणी में आने वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया जा रहा और बॉर्डर से ही वापस लौटाया जा रहा है।
वाहन चालकों ने फैसले से रोजाना आने-जाने में परेशानी होने की बात कही है और प्रदूषण के दूसरे स्रोतों पर भी ध्यान देने की मांग उठाई है।
दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वाहनों की एंट्री पर सख्ती शुरू हो गई है। 1 नवंबर से राजधानी में बाहर पंजीकृत BS-6 मानक से नीचे के पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध 31 जनवरी तक लागू रहेगा। नए नियमों का पालन कराने के लिए दिल्ली के बॉर्डर पर जांच अभियान तेज कर दिया गया है। आया नगर समेत कई प्रमुख सीमावर्ती रास्तों पर जांच के दौरान प्रतिबंधित श्रेणी के वाहनों को वापस लौटाया जा रहा है।
दिल्ली-हरियाणा सीमा पर आया नगर, अफसरा बॉर्डर और सीमापुरी समेत कई प्रमुख प्रवेश मार्गों पर दिल्ली ट्रांसपोर्ट एनफोर्समेंट की टीमें तैनात की गई हैं। आया नगर बॉर्डर पर गुरुग्राम की तरफ से दिल्ली आने वाले वाहनों की खास तौर पर जांच हो रही है। अधिकारियों की टीमें नंबर प्लेट और वाहनों के उत्सर्जन मानकों की पड़ताल कर रही हैं। इसके बाद ही गाड़ियों को राजधानी में प्रवेश दिया जा रहा है।
आया नगर बॉर्डर पर फतेहपुर बेरी थाना पुलिस और दिल्ली ट्रांसपोर्ट एनफोर्समेंट की टीमें संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं। इस दौरान भारी वाहनों की भी जांच की जा रही है। BS-6 से नीचे के मानकों वाले प्रतिबंधित वाहनों को बॉर्डर से ही वापस भेजा जा रहा है। इसके अलावा, रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की रैली को देखते हुए भी सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई गई है।
बॉर्डर पर जांच के दौरान वापस लौटाए जा रहे वाहन चालकों का कहना है कि नए प्रतिबंध से दिल्ली में रोजाना काम के सिलसिले में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। उनका तर्क है कि राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के लिए केवल वाहन जिम्मेदार नहीं हैं। निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक गतिविधियां और दूसरे प्रदूषणकारी स्रोत भी खराब हवा की वजह हैं। ऐसे में सरकार को प्रदूषण के सभी कारणों पर एक साथ ध्यान देना चाहिए।
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए विंटर एक्शन प्लान 2026-27 लागू किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी है। सरकार के मुताबिक, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इनमें वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर नियंत्रण, निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के उपाय, पार्किंग शुल्क में बदलाव और प्रवर्तन अभियान तेज करना शामिल है। सरकार का लक्ष्य सर्दियों के दौरान राजधानी की हवा को साफ रखने और प्रदूषण के स्तर को कम करना है। फिलहाल बॉर्डर पर वाहनों की जांच और प्रतिबंधों को लागू कराने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।
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