
गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस की मदद के लिए 23 हजार जवान उपलब्ध कराए हैं।
प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने वाले लोगों के लिए करीब 10 केंद्र तैयार किए जा रहे हैं।
नई दिल्ली और मध्य दिल्ली में कैब, होटल और मेट्रो पर पाबंदियों की तैयारी है।
दिल्ली सरकार ने 9 और 10 अक्टूबर को शराब की दुकानें बंद रखने का आदेश दिया है।
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। 'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 8 से 12 अक्टूबर तक दिल्ली पुलिस की मदद के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 221 कंपनियां उपलब्ध कराई हैं। इनमें करीब 23 हजार जवान शामिल हैं। पांच महिला अर्धसैनिक कंपनियां भी तैनात की जाएंगी। CRPF की कंपनियां जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से दिल्ली लाई जा रही हैं।
CJP और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने शनिवार को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया है। रिपोर्ट के अनुसार, कई विपक्षी दलों के भी इसमें शामिल होने की संभावना है। दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने वाले लोगों को रखने के लिए दिल्ली के अलग-अलग जिलों में करीब 10 केंद्र तैयार किए जा रहे हैं। इसके लिए स्टेडियम और अन्य निर्धारित स्थानों को तैयार किया जा रहा है। इनमें बवाना का राजीव गांधी स्टेडियम और छत्रसाल स्टेडियम शामिल हैं। नरेला, पूर्वी दिल्ली और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में भी ऐसे केंद्र तैयार किए जा रहे हैं।
दिल्ली के प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, दूसरे इलाकों से भीड़ जुटाने की कोशिश करने के संदेह में लोगों को सीमाओं पर रोका या हिरासत में लिया जा सकता है। पुलिस ने रेलवे अधिकारियों के साथ भी समन्वय किया है, ताकि तय अवधि में दिल्ली आने वाली ट्रेनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके। यह कदम राजधानी के बाहर से लोगों के जुटने की आशंका के मद्देनजर उठाया जा रहा है।
नई दिल्ली और लुटियंस दिल्ली की ओर आवाजाही नियंत्रित करने के लिए पुलिस कैब एग्रीगेटर कंपनियों के संपर्क में है। अधिकारियों के मुताबिक, नई दिल्ली जिले की ओर जाने वाली सड़कों पर प्रवेश सीमित करने की तैयारी की जा रही है। कैब संचालकों को भी संभावित प्रतिबंधों के बारे में बताया जा रहा है।
मध्य दिल्ली और आसपास के इलाकों में होटलों, गेस्ट हाउस और अन्य ठहरने की जगहों को कुछ समय के लिए बंद रहने या नई बुकिंग सीमित करने को कहा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पहाड़गंज के होटल संचालकों को नई बुकिंग नहीं लेने के बारे में जानकारी दी गई है। दक्षिण और उत्तर दिल्ली के कुछ हिस्सों में भी होटल संचालकों को इसी तरह की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा, संवेदनशील इलाकों में करीब 40 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने या वहां पाबंदियां लगाने पर विचार किया जा रहा है। यह फैसला अभी विचाराधीन है। रिपोर्ट के मुताबिक, CJP के जुलाई में हुए प्रदर्शन के दौरान करीब 16 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए थे।
दिल्ली सरकार ने मौजूदा स्थिति में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए 9 और 10 अक्टूबर को शहर में शराब की दुकानें बंद रखने का आदेश दिया है। आबकारी विभाग के आदेश के मुताबिक, यह फैसला दिल्ली पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर एहतियाती कदम के तौर पर लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों को रखने वाले इलाकों में इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है, ताकि आगे भीड़ जुटाने की कोशिशों को रोका जा सके। सुरक्षा स्थिति के आधार पर यह पाबंदी नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों तक भी बढ़ाई जा सकती है।
प्रदर्शन की वीडियो रिकॉर्डिंग या लाइवस्ट्रीमिंग करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है, लेकिन केवल रिकॉर्डिंग करने से किसी व्यक्ति को स्वतः प्रदर्शनकारी नहीं माना जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई तभी हो सकती है जब कोई व्यक्ति पुलिस के काम में बाधा डाले, प्रतिबंधों का उल्लंघन करे या गैरकानूनी तरीके से भीड़ जुटाने में योगदान दे।
पुलिस ने मीडिया संस्थानों से भी कहा है कि प्रदर्शन कवर करने वाले पत्रकार बैरिकेडिंग और संवेदनशील स्थानों पर अपना वैध प्रेस पहचान पत्र साथ रखें और उसे स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें।
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