
दिल्ली हाईकोर्ट में रेस कोर्स मस्जिद मामले की सुनवाई के दौरान L&DO ने चार हफ्ते तक ढांचे को नहीं गिराने का आश्वासन दिया।
अदालत ने मस्जिद परिसर में नमाज पढ़ने की अनुमति देने से इनकार कर दिया और सुरक्षा कारणों का हवाला दिया।
केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि L&DO चार हफ्ते के भीतर दिल्ली वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधित्व पर फैसला करेगा।
यह मस्जिद प्रधानमंत्री आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग के पास स्थित है और इसे पहले ही खाली करने का नोटिस दिया जा चुका है।
दिल्ली के रेस कोर्स इलाके में स्थित मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद में मुस्लिम पक्ष को आंशिक राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) ने आश्वासन दिया कि अगले चार हफ्ते तक मस्जिद के ढांचे को गिराने की कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, अदालत ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मस्जिद परिसर में नमाज पढ़ने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इस तरह फिलहाल मस्जिद पर बुलडोजर चलने का खतरा टल गया है, लेकिन वहां नमाज अदा करने का रास्ता नहीं खुला है।
यह मामला सैयद अहमद सऊद की याचिका से जुड़ा है। याचिका में मस्जिद को तोड़े जाने की आशंका जताते हुए उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और बिना किसी रुकावट के वहां पहुंचने की अनुमति मांगी गई थी। इसके साथ ही मस्जिद में नमाज अदा करने की इजाजत देने का अनुरोध भी किया गया था।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल आशीष दीक्षित और डिप्टी लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिसर कुणाल भास्कर की ओर से दिए गए आश्वासन के मुताबिक, मस्जिद के खिलाफ चार हफ्ते तक कोई तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं होगी। इससे पहले इस मामले में दी गई रोक 29 अक्टूबर तक प्रभावी थी। अब L&DO ने अदालत को बताया कि वह इस अवधि में दिल्ली वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधित्व पर फैसला करेगा।
विवादित मस्जिद प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के पास रेस कोर्स इलाके में स्थित है। इनपुट के मुताबिक, आसपास का क्षेत्र करीब 53 एकड़ में फैला है। केंद्र सरकार इस इलाके में जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने की दिशा में कार्रवाई कर रही है। इसी प्रक्रिया के तहत मस्जिद को भी खाली करने का नोटिस दिया गया था और अब मामला अदालत में विचाराधीन है।
इससे पहले L&DO ने दिल्ली रेस क्लब के आसपास अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की थी। इस दौरान वहां बनी झुग्गियों को बुलडोजर से ढहा दिया गया था। इस कार्रवाई के बाद करीब 700 परिवार बेघर हो गए थे। झुग्गियां खाली करने के लिए पहले समय दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें खाली नहीं किया गया था।
झुग्गियों को हटाने के बाद अब रेस कोर्स इलाके की मस्जिद को लेकर भी कार्रवाई की आशंका बनी हुई थी। हाईकोर्ट में L&DO के ताजा आश्वासन से फिलहाल चार हफ्ते तक तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, मस्जिद में नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं मिलने के कारण मुस्लिम पक्ष को पूरी राहत नहीं मिली है।