हालात

दिल्ली के सत्य निकेतन हादसा: 7 जिंदगियां लीलने वाले आरोपी शुभम ने किया सरेंडर, कोर्ट ने पुलिस कस्टडी में भेजा

पुलिस ने कोर्ट में दलील दी कि इस पूरे मामले में गहरी साजिश और लापरवाही की जांच करनी है, इसलिए आरोपी से पूछताछ जरूरी है। पुलिस ने शुभम त्यागी की दो दिन की पुलिस रिमांड मांगी। कोर्ट ने सुनवाई के बाद दो आरोपियों को पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया।

फोटो: विपिन
फोटो: विपिन 

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए बिल्डिंग हादसे के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। इस मामले में फरार चल रहे एक आरोपी शुभम त्यागी ने गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने कोर्ट से उसकी कस्टडी की मांग की थी, जिसके बाद कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी शुभम त्यागी को बिल्डिंग के मालिक हरिराम गुप्ता ने एक फ्लोर लीज पर दे रखा था। उसी फ्लोर पर अवैध रूप से पीजी चलाया जा रहा था। आरोप है कि बिल्डिंग में क्षमता से ज्यादा लोगों को रखा गया था और बिना किसी सुरक्षा मानकों के निर्माण कार्य भी कराया जा रहा था, जिसके चलते यह हादसा हुआ। हादसे के बाद से शुभम त्यागी फरार चल रहा था।

पुलिस ने कोर्ट में दलील दी कि इस पूरे मामले में गहरी साजिश और लापरवाही की जांच करनी है, इसलिए आरोपी से पूछताछ जरूरी है। पुलिस ने शुभम त्यागी की दो दिन की पुलिस रिमांड मांगी।

पटियाला हाउस कोर्ट ने सुनवाई के बाद दो आरोपियों को पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने पीजी ऑपरेटर सुधांशु और दूसरे पीजी ऑपरेटर शुभम त्यागी को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब दोनों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी कि बिल्डिंग में कितने लोग रह रहे थे, लीज की शर्तें क्या थीं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कैसे की गई।

वहीं, इस मामले में दो अन्य आरोपियों पर भी कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। बिल्डिंग मालिक के बेटे महेश गुप्ता और लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। महेश गुप्ता पर आरोप है कि वह पूरी बिल्डिंग के मैनेजमेंट और अवैध निर्माण में शामिल था जबकि लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज बिना नक्शा पास कराए और बिना सुरक्षा उपकरणों के मजदूरों से काम करा रहा था।

बता दें कि सत्य निकेतन इलाके में हाल ही में एक पुरानी इमारत ढह गई थी, जिसमें कई छात्र और कामकाजी युवा फंस गए थे। इस हादसे में 7 लोगों की जान चली गई थी। यह इलाका दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के करीब है, जहां बड़ी संख्या में पीजी और कोचिंग के छात्र रहते हैं। अवैध पीजी और जर्जर इमारतों का यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में लापरवाही, गैर इरादतन हत्या और अवैध निर्माण से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया है।

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए